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दूधाखेड़ी मंदिर फिर से पुजा अर्चना शुरू – जमकर फुटा श्रृद्धालुओं का आक्रोश

मध्यप्रदेश के दूधाखेडी गाँव में लोगों ने एक मंदिर के निर्माणाधीन चबूतरे के टूटने पर बवाल मचा दिया। शुक्रवार शाम से मचा ये बवाल शनिवार को भी थमता नहीं दिख रहा है। आक्रोशित भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घटना से आक्रोशित भीड़ ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का पुतला भी दहन किया। घटना के विरोध में तकरीबन 100 गाँवों में बाज़ार बंद हैं।
गरोठ में धारा 144 लागू कर दी गई है। आक्रोशित भीड़ को खदेडऩे के लिए पुलिस ने 25 बार आसू गैस के गोले छोडे़। सांसद सुधीर गुप्ता स्थानीय नेताओं के साथ लोगों से बात करने पहुंचे है। कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह व डीआरजी अविनाश शर्मा भी लोगों के बीच पहुंचे है। लोग ज्ञापन देने पहुंचे थे तब अचानक से पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। इससे दशरथ नाम के एक पुलिस जवान के घायल होने की सूचना भी आ रही है। इन सब के बीच मंदसौर में हिंदू संगठन ने 11 दिन में कलेक्टर सिंह को हटाने की मांग की है। लेाक निर्माण विभाग के प्रभारी एसडीओ कमल जैन को पुलिस ने निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ठेकेदार को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पार्टी अहमदाबाद के लिए रवाना हो गई है।
दूधाखेड़ी माताजी मंदिर का गर्भगृह धंसने की घटना को लेकर उपजा आक्रोश शनिवार को भी रहा। ग्रामीण विधायक के घर और थाने का घेराव करने दूधाखेड़ी से गरोठ के लिए पैदल ही निकल पड़े। 14 िकमी दूर रूपरा ग्राम के पास पुलिया पर पुलिस का ग्रामीणों से आमना-सामना हुआ। ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसी दौरान पत्थर लगने से एक जवान घायल हो गया। शाम को ग्रामीणों के समझाने के बाद सांसद, कलेक्टर व जनप्रतिनिधियों के साथ मंदिर पहुंचे माताजी की प्रतिमा की स्थापना कर पूजन किया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
सुबह करीब 12.45 बजे पुलिस को सूचना मिली दूधाखेड़ी से बड़ी संख्या में आक्रोशित लोग गरोठ आ रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए भानपुरा रोड पर रूपरा के पास दोपहर 1.05 बजे पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया 1.35 बजे तक ग्रामीण रूपरा में ही जमे रहे। इसके बाद गरोठ का रुख किया। यहां पहले ग्रामीणों को पुलिस ने शांति बनाए रखने और वापस लौटने के लिए कहा। ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। रूपरा के पास पुलिया पर भारी पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने ग्रामीणों को दोपहर तीन बजे तक रोके रखा। इसके बाद ग्रामीणों ने फिर पथराव कर दिया। एक पत्थर पुलिस जवान दशरथ कुमावत के चेहरे पर लगा। उन्हें सरकारी अस्पताल भिजवाया। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागना पड़े। उधर घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के आह्वान पर मंदसौर सहित पूरा जिला बंद रहा। हालांकि दोपहर दो बजे बाद दुकानें खुल गई थीं।

मालवांचल व हाड़ौती अंचलों में श्रद्धा एवं विश्वास का महाकेन्द्र भानपुर तहसील के ग्राम दूधाखेड़ी में स्थित माताजी के मंदिर का गर्भगृह शुक्र्रवार को भर भराकर गिरने व माताजी की प्रतिमाएॅ जमीदोंज होने के बाद आगजनी व पथराव की घटना निर्माण में बरती गई। लापरवाही की प्रतिक्रिया ही थी। शनिवार कोे घटना के विरोध स्वरूप मालवांचल व हाड़ौती अंचल में भक्तों ने बंद का आह्वान कर बंद रखा। लगभग 35 करोड़ की लागत से माताजी का भव्य मंदिर निर्माणाधीन है और दुखद घटना ने मध्यप्रदेश व राजस्थान के अंचलों में फैले माताजी के लाखों भक्तों को झकझोंर कर रख दिया है। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह की देखरेख में लोकनिर्माण विभाग द्वारा अहमदाबाद की एक निर्माण एजेन्सी द्वारा मंदिर का नवनिर्माण किया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह के भरभराकर गिर जाने व शक्ति एवं आस्था की प्रतिमाओं के जमीदोंज हो जाने पर लोकनिर्माण विभाग के प्रभारी एसडीओ कमल जैन को तत्काल निलंबित कर व निर्माण एजेन्सी के संचालक पर एफआईआर दर्ज कर जिला प्रशासन ने जनआक्रोश को शांत करने का प्रयास जरूर किया। लेकिन जिला प्रशासन जिस घटना को छोटी मानकर कार्य कर रहा है। उससे क्षेत्र की भक्त नाराज ही नजर आ रहे है। छोटों को सजा और बड़े जिम्मेदाराेें पर रहम की तर्ज पर कार्यवाही से प्रश्न खड़े हो रहे है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे आस्था व श्रद्धा के इस केन्द्र पर घटित घटना की जाॅच शासन की बड़ी एजेन्सी से करवाकर दोशीयों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करवाने का प्रयास करना चाहिए।

गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए
घटना मंदसौर जिला मुख्यालय से करीब 124 किमी दूर भानपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाले दूधाखेड़ी गांव की है, जहाँ माता मंदिर निर्माण के दौरान चबूतरा टूटने से गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए है। इस इलाके के कई गाँवों में लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान समेत स्थानीय विधायक व अधिकारियों के जगह-जगह पुतले जलाए। इस घटना के बाद से मंदसौर जिले के कई गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। हिंदूवादी संगठनों ने घटना के विरोध में स्थानीय बाजारों को बंद कर दिया है।

शुक्रवार शाम को गिरा था चबूतरा
दूधाखेड़ी गांव में निर्माण के दौरान मंदिर का चबुतरा शुक्रवार शाम को करीब 5 बजे बाद गिर गया था। लोगों ने पहले ही इस ऐतिहासिक मंदिर में घटिया निर्माण की शिकायत की थी, लेकिन तब लोगों की नहीं सुनी गई। शुक्रवार शाम जब चबूतरा गिर गया तो इसके बाद से ही लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। यहां तक कि शनिवार को लोगों ने एसडीओपी के साथ मारपीट भी की थी। इतना ही नहीं गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी व मंदिर के कार्यालय में आग भी लगा दी थी।
भीड़ को रोकने के लिए हालांकि मौके पर पुलिस बल पहुंचा, लेकिन वो भी भीड़ के लिए नाकाफी साबित हुआ। शनिवार को गरोठ में सामाजिक मंच ने दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लोगों से घटना पर प्रतिक्रिया देने के लिए आने को कहा है। इसके बाद दोपहर 3 बजे राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। सीतामऊ भी पुरी तरह से बंद करा लिया गया है। मंदसौर शहर को बंद कराने के लिए हिंदू सभा के कार्यकर्ता पैदल घुम रहे है।

लगातार जल रहे पुतले
मंदिर परिसर में ही करीब 500 लोग जमा है। मंदसौर जिले में अनेक स्थान पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, विधायक चंदरसिंह सिसौदिया सहित अधिकारियों के पुतले नाराज लोग जला रहे है। शामगढ़ में व्यापारी संघ ने स्वपे्ररणा से व्यापार व बाजार बंद रखा है। हालाकि प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजेश यादव के अलावा सांसद सुधीर गुप्ता ने लोगों से संयत व शांति की अपील की है।
कुछ लोग शामगढ़ से ट्रक में बैठकर भवानीमंडी जाकर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर धरना देने जाने के लिए भी निकले है। भानपुरा में भी बंद है। लोग सुबह से चाय व नाश्ते के लिए तरस गए है। पुलिस व प्रशासन लगातार घुमकर स्थिति पर नजर रखे हुए है।

सड़क खोदकर बनाई खाई
इन सब के बीच भानपुरा-गरोठ मार्ग के बीच लोगों ने मंदिर जाने वाले मार्ग पर रोड को खोद दिया है। रोड को खोदकर खाई बना दिया है। लोगों के गुस्से को इस से ही समझा जा सकता है कि एक दिन पूर्व तहसीलदार के जले वाहन पर भी लोग गुस्सा निकाल रहे है। मंदिर स्थान पर बाहर से आए मरीज बैठे हुए है। मंदिर कार्यालय व पुलिस चौकी का जला हुआ सामान रोड पर डाल दिया है।

यहां नहीं दिख रहा प्रशासन व पुलिस
गरोठ-भानपुरा मार्ग पर मंदिर चौराहे पर आक्रोशित लोगों की भारी भीड़ इस समय जमा है। लोग नाराज होकर पैदल ही घुम रहे है। स्थिति ये है कि इस स्थान पर पुलिस व प्रशासन गायब है। लोकनिर्माण विभाग के एसडीओ कमल जैन व विधायक चंदरसिंह सिसौदिया के खिलाफ सबसे अधिक गुस्सा है। गरोठ में सब्जीमंडी चौराहे पर जनमंच का गठन हुआ व लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे है। जिले के बाबुल्दा, संधारा, कंवला, भैसोदा सहित करीब 150 से अधिक गांव पुरी तरह से बंदे है। गरोठ में भी मुख्यमंत्री चौहान व प्रशासन का पुतला जलाया गया है। सीतामऊ में बस स्टैंड पर बने जबरिया हनुमान मंदिर में करीब 100 से अधिक लोगों ने कलेक्टर स्वतंत्र कुमारसिंह को सदबुद्धि के लिए हनुमान चालिसा का पाठ किया है।

शंकराचार्य ने की शांति की अपील
भानपुरा पीठ के शंकराचार्य श्री दिव्यानंद ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की हैं। शंकराचार्य ने कहा हैं कि दुघाखेड़ी गांव के मंदिर में जो हुआ वह दु:खद है, लेकिन इसके लिए उत्तेजीत होने के बजाए शांति से काम लेने की जरुरत है। इन सब के बीच दोपहर में इंद्रगढ़ मारुति आश्रम के महंत प्रकाशनाथ ने दुघाखेड़ी माता कीप्रतिमा की फिर से स्थापना की। महंत का कहना हैं कि प्रतिमा सुरक्षित है। लंबे समय से लग रहा श्रं्रगार हट गया था। मंदिर में माता की प्रतिमा की पूजा करने वाले भैरूनाथ ने कहा कि प्रतिमा शिलालेख पर है व सुरक्षित है। जबकि मंदिर परिसर में उपस्थित सैकड़ों उपस्थित भक्त ये मामने को तैयार नहीं है। उनका कहना हैं कि प्रशासन के दबाव में गलत बात कही जा रही है। गांव में दुधाखेड़ी मंदिर प्रबंध सतिमि भंग कर दी गई है। मंदिर के करीब सांसद सुधीर गुप्ता व भाजपा जिलाध्यक्ष देवीलाल धाकड़ पहुंचे व लोगों से बात की। ग्रामीण विधायक चंद्रसिंह के त्यागपत्र पर अडे़ हुए है। प्रशासन व लोकनिर्माण की मिली भक्ति का है परिणाम
भारतीय रेडक्राॅस सोसायटी के अध्यक्ष प्रितेश चावला ने कहा कि दूधाखेड़ी माताजी मंदिर में जो घटना हुई है। वह मंदिर प्रबंध समिति प्रशासन और लोकनिर्माण विभाग की मिली भक्ति और लापरवाही का नतीजा है। प्रबंध समिति को तुरंत भंग किया जाकर लोकनिर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री बंसल जो स्वयं समिति के सदस्य भी है और उनकी देखरेख में प्रभारी एसडीओ द्वारा निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। ऐसे में जाॅच अधिकारी के रूप में श्री बंसल का नाम जाॅच अधिकारी के रूप में तय करना भी न्यायोत्चित नहीं है।

हिन्दू समाज की भावना को आहत करने वाले कलेक्टर पर हो कार्यवाही
दूधाखेड़ी माता मंदिर पर घटना को लेकर हिन्दूमहासभा ने जिला बंद का आव्ह्ान पर सम्पूर्ण जिला बंद रहा। इस अवसर पर हिन्दू महसभा के जिलाध्यक्ष विनय दूबेला ने गांधी चैराहे पर एक विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दूधाखेड़ी माताजी का मंदिर जमीदोंज होने के लिये कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह जिम्मेदार है। श्री दूबेला ने कहा कि हाल ही में यश नगर में स्थित एक अम्बे माता का मंदिर भी कलेक्टर के संरक्षण में हटाया गया। जिसे कभी भी हिन्दू समाज सहन नहीं करेगा। आपने कलेक्टर को तत्काल हटाकर घटना के उच्च स्तरीय जाॅच की मांग की है। घटना के विरोध स्वरूप एक ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंपा।

मूर्तियों की हुई प्राण प्रतिष्ठा, शुरू हुई पूजा अर्चना
कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने दूरभाष पर हमारे प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए कहा कि माताजी की प्रतिमाओं को पुनः प्रतिष्ठित कर पूजा अर्चना का कार्य शनिवार को सौहार्द्ध पूर्ण वातावरण में शुरू हो गया है। कहीं कोई जनाक्रोश नहीं था और सभी कार्य शांतिपूर्वक संपन्न हो गये।

निर्माण में गुणवत्ता का रखे ध्यान
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विभाग प्रचार प्रमुख डाॅ रविन्द्र पाण्डेय ने कहा कि मांता दुधा खेडी के नव निर्माण में बहुत बडी चूक जवाब दार लोगो की है हिन्दु समाज कि धार्मिक भावना आहत हुई है। 700 वर्ष प्राचीन धरोहर को इतनी लापरवाही से कार्य करना अच्छा नही है दोषी लोगो को सजा मिलना चाहीए। जिस प्रकार पुलिस विभाग मे सर्जरी हुई उसी प्रकार जिला प्रशासन मे भी सर्जरी की आवश्कता है जनता को धैर्य रखने कि अवश्कता है माता जी का मंदिर जनता के पैसे से ही बन रहा है निर्माण मे गुंणवता का पुरा ध्यान रखने कि आवश्कता है।

जनआस्था हुई आहत
पूर्व सांसद मिनाक्षी नटराजन ने कहा कि निर्माण कार्य के लिये अपेक्षित कुशलता नियोजन व पूर्व सावधानियाॅ क्यों नहीें बरती गई यह एक विचारणीय प्रश्न है। इस संवेदनशील मामले को मुख्यमंत्री को स्वयं संज्ञान लेकर कार्यवाही करना चाहिए।

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