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दूधाखेड़ी हादसा : हाड़ कंपाती हवाओं में काटी रात, पर डटे रहे अधिकारी

रात से ही कई लोग मंदिर परिसर व आस-पास जमे ही थे। और शनिवार सुबह आस-पास से लेकर दूरदराज तक के क्षेत्रों से लोग दूधाखेड़ी माताजी मंदिर परिसर में पहुंच गए थे। लोगों में मंदिर में चल रहे घटिया व लापरवाही भरे निर्माण को लेकर खासा आक्रोश था। इसके लिए जिम्मेदार कलेक्टर और विधायक को लेकर वे खासे आक्रोशित थे। दोपहर 2.30 बजे महंत प्रकाशनाथजी दूधाखेड़ी माताजी मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा कि विगत कई सालों से हो रहा मोम और सिंदूर का श्रंगार क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रतिमा बिलकुल ठीक है। मंदिर में पूजा करने वाले भैरुनाथ महाराज ने कहा कि प्रतिमा एक शिलालेख पर है। जो पूरी तरह से सुरक्षित हैं, इधर मंदिर क्षेत्र में मौजूद लोगों का कहना था कि प्रशासनिक दबाव के कारण ऐसा कहा जा रहा है हालांकि किसी ने प्रतिमा स्थापना का विरोध नहीं किया।

एक घंटे में की स्थापना
महंत की मौजूदगी में मंदिर गर्भगृह के आस-पास से मलबा हटाकर साफ सफाई की गई। इसके बाद विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा को स्थापित किया गया। करीब एक घंटे का समय स्थापना में लगा। इसके बाद मां की पूजा की गई। बाद में आरती उतारकर प्रसादी वितरण किया गया।

दिव्यानंदजी ने की शांति की अपील
भानपुरा पीठ शंकराचार्य दिव्यानंदजी महाराज ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग संयम से काम लें। शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

भवानीमंडी में पुलिस हुई सक्रिय
भवानीमंडी। भवानीमंडी दूधाखेड़ी में हुई घटना के बाद समीपवर्तीय राजस्थान क्षेत्र के भवानीमंडी में पुलिस सक्रिय हो गई। एहतियात के तौर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नगर की हर गतिविधियों पर नजर रखी। मप्र से आने वाले प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी और चौकसी बढ़ाई गई। रेलवे मार्ग पर भी हर गतिविधियों पर नजर रखी गई। सीआई सुनील कुमार ने बताया कि झालावाड़ से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। रेलवे ट्रैक पर भी पुलिस अलर्ट हो गई है। ताकि कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके।

ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए रवाना पुलिस
गरोठ। भानपुरा और गरोठ क्षेत्र में ठेकेदार के खिलाफ भी लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को पुलिस का एक दल ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ।

घटिया निर्माण सामग्री को लेकर भी जताया आक्रोश
ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण में लगाई जा रही सामग्री को लेकर भी खासा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने गिट्टी, रेत व सीमेंट को हाथों में लेकर दिखाया। लोगों का कहना था कि रेत में मिट्टी ज्यादा है। सीमेंट बिलकुल घटिया क्वालिटी की लगाई जा रही है। और गिट्टी भी मापदंडों के अनुरूप नहीं है।

उच्चस्तरीय जांच की जाए
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष महेंद्रसिंह गुर्जर ने कहा कि घटना से लाखों लोगों की भावना आहत हुई है। उन्होंने प्रबंध समिति और लोनिवि के साथ भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की। महेंद्रसिंह गुर्जर ने कहा कि यहां निर्माण कार्यों की भी जांच होना चाहिए। जांच लोनिवि की बजाय स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराना चााहिए।

विधायक के इस्तीफे के सवाल पर चल पड़े सांसद
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ मामला है। घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम सारे माता के भक्त है और भक्तों का यह फैसला है कि आस-पास के लोग मिलकर एक कमेटी बनाएंगे। और यह तय हुआ कि पहले गर्भगृह का कार्य कराएंगे। इधर लोगों ने उनसे कहा कि हमने मुख्यमंत्री की वजह से विधायक चंदरसिंह सिसौदिया को वोट दिए हैं। हमें तो उनका इस्तीफा चाहिए। इस पर बिना जवाब दिए विधायक आगे बढ़ गए।

कांग्रेसी फैला रहे आक्रोश
घटना से सभी आहत हैं। शनिवार शाम को ही लौटा हूं। मेरे खिलाफ आक्रोश कांग्रेस के लोग फैला रहे हैं। सड़क खोद दी। माताजी के भक्त कार्यालय में आग लगा सकते हैं क्या। इस तरह गलत अपवाह फैला रहे हैं मेरे खिलाफ। – चंदरसिंह सिसौदिया, विधायक, गरोठ आज शिवसेना सौंपेगी ज्ञापन
मंदसौर। दूधाखेड़ी में हुई घटना के विरोध में 22 जनवरी को शिवसेना द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिला प्रमुख नाहरसिंह सिसौदिया ने कहा कि ज्ञापन में न्यायिक जांच की मांग कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

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