Breaking News

देश का पहला कुबेर मंदिर मंदसौर में जहॉ भगवान शंकर व धन के देवता एक साथ विराजित है

मंदसौर। आज देशभर में धन तैरस का पर्व धुमधाम से मनाया जाएगा। धन कुबैर की पूजा-आराधना का भी इस दिन काफी महत्व है। मंदिर में भगवान शंकर और धन के देवता कुबैर एक साथ विराजित हैं। यह मंदिर मंदसौर जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर स्थित ग्राम खिलचीपुरा में हैं। आज धन तेरस पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा।

खिलचीपुरा स्थित धोलागिरी महादेव मंदिर पर अपनी पिछली कई पुश्तों से सेवा-पूजा करते आ रहे पं. गोस्वामी ने बताया कि मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्षों पूराना है। एक समय में मुगल षासक अलाउद्दीन खिलजी ने हमला भी बोल दिया था, उस दौरान जिर्ण-क्षीर्ण हुई प्रतिमाओं के अवशेष आज भी मंदिर के पर मिलते हैं। इसके बाद मराठा शासनकाल में इस मंदिर का जिर्णोद्धार करवाया गया। मराठा पेटर्न पर बना मंदिर का गुम्बज इस बात का प्रतिक है। सनातन धर्म के शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव सन्यास और वैराग्य पसंद भगवान हैं और भगवान कुबैर को धन का देवता माना जाता है, लेकिन फिर मंदसौर के धोलागिरी महादेव मंदिर में वैराग्य के देवता शिव और धन के देवता कुबैर दोनों एक साथ विराजते हैं। मान्यता है कि यह विश्व का इस तरह का अद्वितीय मंदिर हैं। यहां आने वाले भक्तों का एसा कहना है, कि धन तेरस पर यहां भगवान शिव और कुबैर की एक साथ पूजा-आराधना करने के अकुट धन-धान्य और वैभव की प्राप्ती होती है। धन तेरस पर यहां सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाएगा। दोपहर तक मंदिर परिसर से दूर तक भक्तों की कतार लगेगी, भक्तों की भीड़ का यह आलम रात तक चलता रहेगा। इस मंदिर में दर्षन लाभ लेने के लिए देश के विभिन्न अंचलों से श्रद्धालु सालभर आते रहते हैं।

मंदिर में प्रतिश्ठीत भगवान कुबैर की प्रतिमा।
आज भी मंदिर पर है मराठा काल की गुंबज।

 

धनतेरस पर आज बाजारों में बरसेगा अपार धन, होगी भगवान धन्वंतरि की पूजा

धनतेरस के अवसर पर आज बाजारों में जमकर धन बरसने की उम्मीद है। ऑटोमोबाल्स्, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा, बर्तन व सर्राफा बाजार में ग्राहकी की भीड़ उमड़ेगी। लम्बे समय से सुस्त पड़े व्यापार से व्यापारियों को अब धनतेरस व दीपावली के त्यौहार से उम्मीद जागी। मंदसौर क्षेत्र कृषि प्रधान माना जाता है। और इस बार सोयाबीन की भी अच्छी फसल हुई है और सोयाबीन भरपूर मात्रा में मंडीयों में बिकने के लिये आ रही है। इससे व्यापारियों को भी उम्मीद है कि बाजार में अच्छा पैसा आएगा।

 

ऑनलाईन खरीदी के कारण भी सुने ने बाजार

कई व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाईन खरीदी के कारण नगर के बाजार सुने पड़े है। व्यापारियों ने बताया कि पहले दीपावली की ग्राहकी एक महीने पहले से ही प्रारंभ हो जाती थी लेकिन अब मात्र 4 से 5 दिनों की ग्राहकी ही रह गई है।

 

आज खरीददारी के शुभ मुहूर्त

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ होने के कारण इस दिन को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। धनतेरस को धन त्रयोदशी व धन्वन्तरी त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस पर पांच देवताओं, गणेश जी, मां लक्ष्मी, ब्रह्मा,विष्णु और महेश की पूजा होती है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान धनवन्तरी का जन्म हुआ था जो कि समुन्द्र मंथन के दौरान अपने साथ अमृत का कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे और इसी कारण से भगवान धनवन्तरी को औषधी का जनक भी कहा जाता है। इस बार धनतेरस 5 नवंबर यानी कल है।

 

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त

सुबह 07ः07 से 09ः15 बजे तक
दोपहर 01ः00 से 02ः30 बजे तक
रात 05ः35 से 07ः30 बजे तक

 

कैसे करें धनतेरस की पूजा

1. सबसे पहले मिट्टी का हाथी और धन्वंतरि भगवानजी की फोटो स्थापित करें।

2. चांदी या तांबे की आचमनी से जल का आचमन करें।

3. भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें।

4. हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें।

 

पूजा के समय इस मंत्र का करें जप

देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरिः स भगवानवतात सदा नः
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts