Breaking News

दो दिवसीय कालिदास समारोह का नटेश्वर नृत्य संस्थान की प्रस्तुती के साथ हुआ समापन

नटेश्वर नृत्य संस्थान ने प्रस्तुती की नृत्य नाटिका

प्रतिष्ठा -पैसा कमाने का नही, भगवान पशुपतिनाथ की भक्ति और प्रेम पाने का उद्देश्य – महाजन

मन्दसौर। भगवान पशुपतिनाथ सभाग्रह में आयोजित दो दिवसीय कालिदास समारोह में 8 मार्च रात्रि को नटेश्वर नृत्य संस्थान बडवाह जिला खरगोन मप्र द्वारा अत्यंत आर्कषक, लोक लुभावन- मन भावन देश प्रदेश की विभिन्न लोक शैलीयों में प्रस्तुत नृत्य नाटिका का शुभारंभ नृत्य संस्थान निर्देशक संजय महाजन द्वारा संस्थान परिचय के बाद गणपति वंदना से हुआ। इसके पश्चात् क्रमशः गोस्वामी तुलसीदास रचित विनय पत्रिका के पद श्श्री रामचंद्र कृपालु भजुमनश् राम वंदना, मध्यप्रदेश की जिवानदायिनी मॉ नर्मदा की स्तुती श्नमामि देवी नर्मदेश्, शिव वंदना पर आधारित आनंद संघ्या नृत्य नटराज, श्कुआ पाणी भैरव जाउॅंश्, पनिहारी नृत्य, निमाड़ का प्रसिद्ध गणगौर नृत्य श्धन्य- म्हारे निमाड़ छैश् निमाड़ी नृत्य और में और अंत में मालवा गीत श्प्यारों लगा म्हारो मालवा देशश् का आकर्षक नृत्य प्रस्तुत हुए। प्रत्येक नृत्य में गीत के भावो का प्रस्तुतीकरण ह्दय को छूने और मन को आह्लादित करने वाला था। संजय महाजन ने प्रत्येक नृत्य प्रदर्शन से पूर्व उस नृत्य के भावों को स्पष्ट करने के साथ ही स्वयं नें भी भगवान शंकर के तांडव नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुती दी।

मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग के तत्ववाधान में जिला प्रशासन के सहयोग से कालिदास संस्कृत अकादामी उज्जैन द्वारा आयोजित 8 मार्च अंतिम दिवस रात्रिकालीन नृत्य नाटिका के निर्देशक संजय महाजन का शाल व श्रीफल भेटकर बहुमान अतिथिद्वय माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री तारकेश्वरसिंह तथा श्री पशुपतिनाथ प्रबंध समिति पदेन अध्यक्ष कलेक्टर श्री धनराजु एस ने किया।

 

संचालन ब्रजेश जोशी ने किया व आभार कार्यक्रम प्रभारी अनिल बारोट ने माना।

रात्रि में नृत्य नाटिका के पूर्व दोपहर दो बजे वरिष्ठ सहित्यकार एवं पुरातत्ववेता डॉ कैलाश पाण्डे की अध्यक्षता में कालिदास पर लिखीत शोघ पत्रो का वाचन किया गया। जिसमें दशपुर के इतिहास एवं कालिदास का मंदसौर से संबंध आदि विषयों पर शोघ पत्रों का वाचन किया गया। शोघ पत्र वाचन डॉ विकास शुक्ल ग्वालियर, डॉ मोहिनी अरोरा, भोपाल, डॉ के.आर. सूर्यवंशी मंदसौर, डॉ प्रतिभा श्रीवास्तव मंदसौर, डॉ मनोजकुमार द्विवेदी उज्जैन, डॉ नीलेश व्यास उज्जैन ने किया। संचालन श्री डॉ मनोज कुमार द्विवेदी उज्जैन ने किया।
उल्लेखनीय है कि कालिदास समारोह के माध्यम से नगर के बूद्धीजिवी चिंतक एवं साहित्कारों को कालिदास के साथ ही अन्य विषयो पर भी साहित्यिक क्षैत्र में नई सोच, नवश्रजन करने की प्ररेणा मिलेगी। उक्त जानकारी बंशीलाल टांक द्वारा दी गई।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts