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धूूमधाम से मनाई गई संत रविदास जयंति

संत रविदासजी महाराज ने जीवन भर सामाजिक कुरितियो के प्रति संघर्ष किया। सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले संत रविदासजी ने सभी को ईश्वर के प्रति विश्वास रखने की प्रेरणा दी। हम उनके बताये पदचिन्हो पर चलकर अपने घर परिवार व समाज को सामाजिक कुरितियो से मुक्त करे तभी संत रविदासजी की जयंति मनाना सार्थक होगा।
उक्त विचार नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने नरसिंहपुरा में अहिरवार समाज के द्वारा आयोजित संत रविदासजी जयंति के समारोह में व्यक्त किये। आपने कहा कि संत रविदासजी को सभी समाजो व पंथो के लोग आदर्श मानते है हम भी उन्हें आदर्श माने और उनके बताये मार्ग पर चले। श्री गोपाकृष्ण गौशाला अध्यक्ष अनिल संचेंती ने कहा कि जिस ३३ करोड देवी देवता के वास की बात गायो के लिये की जाती है उस गौवंश की मृत्यु पर यदि कोई समाज उसकी देह को उङ्गाता है तो वह अहिरवार समाज ही है। गाय व अहिरवार समाज का जो नाता है वह हमे इस समाज की महत्ता से परिचित कराता है।
कार्यक्रम में अहिरवार समाज अध्यक्ष उदेराम अहिरवार, सचिव मोहन इरवार नरसिंहपुरा, कोषाध्यक्ष शंभुदयाल अहिरवार, उपाध्यक्ष तुलसीराम अहिरवार, समाज के वरिष्ठजन धन्नालाल अहिरवार, चंपालाल अहिरवार, बंशीलाल अहिरवार सहित बडी संख्या में नरसिंहपुरा क्षेत्र सहित अहिरवार समाज के माता बहने व मानुभाव उपस्थित थे।
भव्य चल समारोह निकला
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी अहिरवार समाज के द्वारा संत रविदासजी की जयंति पर भव्य सल समारोह निकाला गया। नरसिंहपुरा के राम जानकी मंदिर से यह चल समारोह प्रारंभ हुआ। यह चल समारोह नगर के मुख्य मार्गाे से भ्रमण कर पुनः नरसिंहपुरा पहुंचा। मार्ग में अनेक स्थानो पर इस चल समारोह का भव्य स्वागत किया गया। चल समारोह मे बडी संख्या मे अहिरवार समाज के माता- बहने व मानुभाव भी शामिल हुये।
जटिया समाज ने मनायी संत रविदासजी की जयंति
मंदसौर। नयागांव जटिया मोहल्ला वार्ड क्रमांक ३५ में नव निर्मित शितला माता मंदिर पर संत रविदासजी की जयंति मनायी गयी। जटिया समाज के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथि के रुप में जटिया समाज के प्रेरक श्री अमर जूनवाल व धर्मपत्नि श्रीमती शांति जुनवाल, कोमल वाणवार सहित समाज के गणमान्य नागरिको ने संत शिरोमणी रविदासजी के चित्र पर माल्यार्पण कर संत श्री के कार्याे का स्मरण किया।
श्री अमर जुनवाल ने इस अवसर पर कहा कि रविदासजी ने जाति प्रथा की दीवार तोड़कर सभी समाजो को एकजुट किया है। चर्मकारी उनका पेतृक व्यवसाय था जिसे उन्होनें सहर्ष स्वीकार तो किया लेकिन अपने ज्ञान और आध्यात्म से पुरे संसार में समाज और परिवार को गौरवान्वित किया। इस अवसर पर जटिया समाज के प्रमुख श्री रामलाल जटिया ने संत रविदासजी के जीवन को सभी समाजो के लिये प्रेरणादायक बताते हुये कहा कि वे केवल एक समाज विशेष ही नही अपितु सभी वर्गाे के लिये उन्होनें ज्ञान का प्रकाश दिया। इस दौरान कोमल वाणवार ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर धमेन्द्र वाणवार, कचरमल वाणवार, पप्पु बुआ, राधाकिशन पचवारिया, बाबुलाल टेलर, भंवरलाल वाणवार, विष्णु लोडतिया, शंकरलाल लोदवार, सत्यनारायण लोडतिया, लक्ष्मण बुआ, गोरर्धन डबरोलिया, कमल डबरोलिया, मदन अकोदिया, नागु मरमट, रवि लोदवार, रामलाल वाणवार, प्रहलाद मरमट, पवन जटिया, दिनेश पंचवारिया, संजय पंचवारिया, गोपाल वाणवार आदी अनेक समाजजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन धमेन्द्र वाणवार ने किया व आभार रामलाल जटिया ने माना।

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