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नई बीबी की खातिर बच्‍चे को भिख मांगने के लिए किया मजबूर

मन्दसौर-दोपहर 11:30 बजे बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा के मोबाईल की घण्टी बजती है। हेल्लो शर्मा सर बोल रहे है। जी, सुनते ही आवाज आई में पत्रकार बोल रहा हूँ सर दलौदा में एक 8-9 साल का बच्चा पिछले तीन दिन अकेला भिक्षाबृत्ति करता हुआ घूम रहा है। पूछने पर वह बता रहा है कि उसे उसका पिता यहां छोड़ गया है। अधिकारी ने कहा आप उसको बिठा लीजिये मै किसी को भेजकर उसे बुलवा लेता हूँ।
अधिकारी ने तत्काल चाइल्ड लाइन एवं पुलिस चौकी दलौदा को पूरी घटना से अवगत कराया।पुलिस चौकी में पदस्थ आरक्षक अमजद खान ने मौके से बालक को प्राप्त कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। बाल कल्याण समिति के समक्ष परामर्शदाता अंकित शर्मा को बालक नागराज ने जो बताया उसे सुनकर पूरी समिति दंग रह गई।
बालक के चार भाई दो बहन है जिनमें से एक भाई एवं एक बहन का विवाह हो चुका है। चार महीने पहले बालक की मां बेन्या बाई एवं पिता जगदीश जोगी निबासी मेंहदी दतरावदा थाना रिंगनोद(जावरा) जिला रतलाम के बीच किसी महिला को लेकर बिबाद हुआ। तो बेन्याबाई अपने बच्चों को लेकर अपने पीहर चली गई। बाद में जब जगदीश अपनी पत्नी को लेने अपनी ससुराल पहुँचा तो पत्नी ने आने से मना कर दिया लेकिन मासूम बालक नागराज अपने पिता के साथ बापस आगया।

सौतेली माँ के कहने से बेघर किया
पहली पत्नी के पीहर जाते ही जगदीश किसी महिला को नातरे पर ले आया।नातरे आई महिला के साथ दो बालक एवं एक बालिका थी।कुछ समय बाद एक दिन उस महिला ने जगदीश से कहा कि इन तीनों बच्चों को घर से कहीं दूर छोड़ आओ हम और बच्चे पैदा कर लेंगे। नई बीबी के प्रेम में अंधे जगदीश ने तीनों बच्चों को घर से निकालने का मन बना लिया और पांच दिन पहले वह तीनों बच्चों को घर से लेकर निकला। एक 7 वर्षीय बच्चे को उसने रिंगनोद के पास ही बेडा बाबजी पर छोड़ दिया।दो बच्चों को लेकर उज्जैन पहुँचा और एक 8 वर्षीय बालक को भिक्षाबृत्ति कर जीवन यापन करने के लिए छोड़ कर एक बच्चे को लेकर मन्दसौर की ट्रेन में बैठ गया। दलौदा स्टेशन पर उतरकर उसने नागराज को भी यह कहकर छोड़ दिया कि वह घर बापस आने क़ी कोशिश न करे। अगर घर बापस आया तो टाँगें तोड़कर कुत्ते को खिला दूँगा। बच्चे की मासूमियत एवं पिता की निर्दयता की कहानी सुन बाल संरक्षण अधिकारी भावुक हो गये। बोले क्या इंसानियत पूरी तरह मृत हो गई है।
बाल कल्याण समिति सदस्य राजेश मेड़तवाल एवं सचिता सिंदे ने बालक के माता पिता को समिति के समक्ष बुलाने एवं बालक को रतलाम बालगृह में रखे जाने के निर्देश दिए है।
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी रविंद्र महाजन ने बताया कि बच्चे के परिजनों की तलाश करने के लिए जावरा परियोजना अधिकारी को कहा गया है। प्रकरण की जाँच कराई जाएगी। दोषी पिता एवं अन्य के विरुद्ध जे जे एक्ट की धारा 76(2)के तहत प्रकरण दर्ज कराया जायेगा।

परियोजना अधिकारी से साधा संपर्क
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी रवींद्र महाजन ने बताया बच्चे के परिजन की तलाश के लिए जावरा परियोजना अधिकारी से चर्चा की है। बच्चे द्वारा बताई बातों को लेकर जांच कराई जाएगी। दोषी पिता व अन्य के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कराएंगे।
पहली पत्नी के पीहर जाते ही दूसरी महिला को नातरे पर ले आया
पत्नी के पीहर जाने के बाद जगदीश नातरे पर किसी महिला को घर ले आया। उसके साथ 2 बालक व एक बालिका थी। इस तरह घर में कुल चार बच्चे थे। कुछ समय तो सबकुछ ठीक चलता रहा। फिर महिला ने जगदीश से कहा सारे बच्चों को घर से निकाल दो। बातों में आकर जगदीश ने एक बच्चे को रिंगनोद के पास बेड़ा बावजी के पास छोड़ा। 2 बच्चों को उज्जैन पहुंचाया। चौथे बच्चे को मंदसौर की ट्रेन से दलौदा स्टेशन तक ले गया और उतारते हुए कहा कि वापस मत आना। आया तो टांगे काटकर कुत्ते को खिला दूंगा। पूरा घटनाक्रम सुनने पर बाल कल्याण समिति सदस्य राजेश मेड़तवाल, सचिता शिंदे ने बालक के माता-पिता को नोटिस जारी किए। जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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