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नगरपालिका मंदसौर मे बाइमनो की चाँदी व गरीबो के साथ सोतेला व्यवहार

मनमानी : सरकारी जमीन पर कब्जे के एक भी मामले पर कार्रवाई नहीं -सम्मानजनक रूप से नोटिस देकर फाइलें बंद -शहर में कई मामले एमओएस के उल्लंघन के मंदसौर। नईदुनिया प्रतिनिधि शहर में नगर पालिका ने शहर को खूबसूरत बनाने का एक फार्मूला तैयार कर लिया है। इसका सीधा सा प्लान यह है कि गरीब जहां भी दिखे बिना कोई नोटिस दिखे तुरंत हटाओ।

मनमानी : सरकारी जमीन पर कब्जे के एक भी मामले पर कार्रवाई नहीं

-सम्मानजनक रूप से नोटिस देकर फाइलें बंद

-शहर में कई मामले एमओएस के उल्लंघन के

मंदसौर। शहर में नगर पालिका ने शहर को खूबसूरत बनाने का एक फार्मूला तैयार कर लिया है। इसका सीधा सा प्लान यह है कि गरीब जहां भी दिखे बिना कोई नोटिस दिखे तुरंत हटाओ। बाकी शहर में जो भी अवैेध निर्माण करें, नक्क्षे के विपरीत या एमओएस का उल्लंघन करे उन्हें सम्मानजनक रूप से नोटिस देकर फाइल को हमेशा के लिए बंद कर दी जाए। नगर पालिका में ऐसी लगभग 40 से अधिक फाइले हैं जिनमें एमओएस के उल्लंघन, नक्क्षे के विपरीत निर्माण व अवैध रुप से मंजिले बढ़ाने के कार्य हुए हैं पर उनमें नाम ऐसे लोगों के लिखे हुए है जो किसी जनप्रतिनिधि के करीबी है या फिर नपा के अधिकारियों व कर्मचारियों को वश में करने में माहिर है। इसके चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। नतीजा शहर अनियोजित कांक्रीट के जंगल में बदलता जा रहा है।

जिस प्रकार नगर पालिका ने मेघदूत नगर में बिना कोई सूचना दिए 40 से अधिक झोपड़ियों में रहने वाले लोगों बेघरबार कर दिया है। उससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब यह लोग यहां बस रहे थे तभी क्यों नहीं रोका गया। उसके बाद जब झोपड़ियां पूरी बन गई, नपा की एनओसी पर लाइट कनेक्शन भी मिल गए। फिर नए मंदसौर की कल्पना में जुटे कॉलोनाइजरों को यह इस क्षेत्र में मखमल का पैबंद नजर आया तो उनके इशारे पर जनप्रतिनिधियों ने इन सभी को यहां से हटवा दिया। यहीं से नगर पालिका की दोहरी नीति चालू हो जाती है जो शासन के नियमों की भी प्रभावशालियों के लिए अलग और गरीबों के लिए अलग व्याख्या कर रही है। शहर में यूं तो 80 प्रश घरों व व्यवसायिक संस्थानों के निर्माण में एमओएस का उल्लंघन हुआ है, पर 40 से 50 भवन ऐसे भी बने हैं तो पूरी तरह सरकारी नियमों का मखौल उड़ा रहे हैं। इन पर नपा की टीम कोई कार्रवाई भी नहीं कर रही है। शहर में महू-नीमच राजमार्ग, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, जिला चिकित्सालय के सामने, रामटेकरी से मोतियाखाई जाने वाले मार्ग पर, घंटाघर, कालीदास मार्ग सहित सभी मुख्य मार्गों पर बने इन भवनों का निर्माण करने वालों को नपा ने नोटिस भी दिए और फिर फाइलें भी बंद कर दी गई।

 

मंगलम विहार में बन गया पांच मंजिला भवन

शहर में किटियानी से सटी कॉलोनी मंगलम विहार में कोई भी रोड 7 मीटर से चौड़ा नहीं है इसके बाद भी यहां पांच मंजिला भवन तैयार हो गया है। जिसकी आधी मंजिलों की अनुमति ही नहीं है। नगर पालिका में एक कर्मचारी की शह पर यह भवन तैयार हो रहा है। इसी तरह रामटेकरी से मोतियाखाई जाने वाले मार्ग पर भी एक चार मंजिला व्यवसायिक भवन बन गया है। जिसके लिए न तो रेरा में रजिस्ट्रेशन कराया गया है और 60 मीटर से ज्यादा ऊंचाई हो गई है। इसके अलावा इन भवनों में नक्क्षों की अनुमति अलग है और मौके पर निर्माण अलग किया गया है।

 

पांडव मार्केट से नहीं हो सकी 56 लाख की रिकवरी

नगर पालिका से चंद कदम की दूरी पर जिला अस्पताल के सामने बने पांडव मार्केट में ऊपर की दो मंजिलों के अवैध निर्माण के चलते नपा के इंजीनियरों ने 56 लाख रुपए की रिकवरी निकाली थी। लगभग 10 साल बाद भी नपा न तो पूरे रुपए वसूल पाई है और न ही ऊपर की दो मंजिलों को गिरा पाई है।

 

कार्रवाई एक समान करेंगे

ऐसा कुछ नहीं है लगातार कार्रवाई चलती रहती है। कुछ मामले मेरे आने से पहले सीएमओ के हैं तो उन्हें दिखवाते हैं। कार्रवाई एक समान रूप से करेंगे। – सविता प्रधान गौड़, सीएमओ

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