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नगर की कानून व्यवस्था ध्वस्त – प्रशासन बना मूकदर्शक : दुकानें लूटी, व्यापारियों को पीटा

Story Highlights

  • किसान आंदोलन के नाम पर शहर में अराजकता फैलाने का सफल प्रयास

मंदसौर निप्र। किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किया जा रहा आंदोलन रविवार को उग्र रूप धारण कर लिया। बड़ी संख्या में अपने आप को कृृषक बताने वाले युवा दो पहिया वाहनो से शहर में घुसे और बिना किसी पूर्व सूचना के नगर में लूटपाट शुरू कर दी। सम्राट मार्ग स्थित सब्जी मंडी में जमकर उत्पाद मचाया। व्यस्त बाजार को लूटने का प्रयास किया, बस स्टेण्ड पर होटलों पर तोड फोड करता हुआ यह हुजुम गांधी चैराहे पर एक घंटे तक चक्काजाम करता रहा पर प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बनकर देखते रहें। यही नहीं प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाले नेताओं के बस में भी भीड़ को नियंत्रिण करना संभव नहीं हो रहा था।
हालांकि लूटपाट के दौरान विभिन्न स्थानों पर दोनों पक्ष आमने सामने भी हुए जिससे कुछ व्यापारी घायल भी हुए है। आंदोलन के नाम पर कुछ गुण्डातत्वों ने जिस तरह नगर में उत्पाद मचाया उससे आक्र्रोशित होकर सम्राट मार्केट, कालाखेत, गौतमनगर, बसस्टेण्ड के दुकानदारों ने एकत्र होकर शहर थाने का घेराव कर अराजकता फैलाने वालोें के खिलाफ कडी कार्यवाही की मांग करते हुए जनप्रतिनिधियों के रवैये के प्रति भी आक्रोश व्यक्त किया।
सोमवार को शहर पूरी तरह डर के मारे रहा बंद
सोमवार को बिना किसी आव्ह्ान के शहर का पूरी तरह बंद रहना भी प्रशासन के लिये चुनौति पूर्ण रहा शहर पूरी तरह बंद रहने का कारण जो उभरकर सामने आया वह यह था कि व्यापारी एवं दुकानदार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। अगर प्रशासन उनको सुरक्षा आश्वासन दे देता तो शायद मासूमों को दूध आसानी से मिल जाता। बुजुर्गों को आवश्यक वस्तुओं के लिये दर दर भटकना नहीं पड़ता। यहीं नहीं विभिन्न अस्पतालों में गंभीर रोगियों के लिये ज्यूस भी उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि कुछ मेडिकल स्टोर खुले जरूर थे वहीं लोक परिवहन की अधिकांश बसें अपने निर्धारित रूटों पर नहीं गई। सोमवार को किसानों की एक रैली में शरीक लोगों ने अनेक स्थानों पर ठेला व्यवसाईयों को नुकसान पहुॅचाया।
प्रेस फोटोग्राफर को भी पीटा
सोमवार को किसानों के नाम पर निकाली गई रैली का कवरेज गये प्रेस फोटोग्राफर प्रमोद जैन के साथ भी रैली में चल रहे लोगों ने मारपीट की उनका कैमरा छीनने का प्रयास किया। इस घटने से मिडिया जगत में आक्रोश उत्पन्न हो गया और घटना के विरोध में बड़ी संख्या में मिडियाकर्मियों ने जिला पुलिस अधिक्षक ओ पी त्रिपाठी को मिलकर अवगत कराया व शहर थाने पहुॅचकर मारपीट करने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान रैली में भाग लेने वाले पिपल्या क्षेत्र के है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध मामला दर्ज किया है।

पेट्रोल पम्पों को भी दिये बंद रखने के निर्देश
आवश्यक सेवाओं में शुमार पेट्रोल पम्पों को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से बंद रखने के निर्देश पेट्रोल पम्प संचालकों को दिये थे और इसी कारण नगर के सभी पेट्रोल पम्प बंद रहें। हालांकि अभी तक के इतिहास में भी पेट्रोल पंपों को बंद करने की पहली घटना है।
जनप्रतिनिधि रहें नदारद, विपक्ष ने मुॅह मोड़ा
किसान आंदोलन के नाम पर शहर में अराजकता पैदा करने वालों के खिलाफ और व्यवसाईयों को सुरक्षा भरोसा दिलाने के लिये न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी आया और नहीं किसी जनप्रतिनिधि ने इनकी सुध ली। वहीं विपक्ष की भूमिका अदा करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी ऐसी गंभीर घटना से मुॅह मोड़ लिया है। आखिरकार पीड़ित व्यापारी गुहार करें तो किससे से करें।

किसानों के नाम पर कुछ गुंडा तत्व कर रहें लूटपाट – श्री बोराना
किसान यूनियन के अध्यक्ष भारतसिंह बौराना ने दूरभाष पर प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए कहा कि हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है लेकिन कुछ गुण्डा तत्व आंदोलन में शरिक होकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। जिनका किसान यूनियन से कोई लेना देना नहीं है।

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