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नगर पालिका दे रही है गुमटियां हटाने का नोटिस – तीन दिन का दिया समय

 

मंदसौर। शहर में नगर पालिका ने सभी गुमटी संचालकों को तीन दिन में गुमटियां हटाने का नोटिस जारी किया है। इसके विरोध में लगभग 300 से अधिक गुमटी संचालकों ने मंगलवार को संजीत रोड तिराहे से वाहन रैली निकाली। जो शहर में जगह-जगह घूमती हुई गांधी चौराहे पर पहुंची। यहां सभी ने जमकर नारेबाजी भी की और अपने रोजगार का हवाला देते हुए कहा कि अगर हमें हटाया गया तो गांधी चौराहे पर ही भूख हड़ताल प्रारंभ कर देंगे। इसके अलावा सीएमओ के नाम एक ज्ञापन भी दिया गया। वाहन रैली के दौरान सभी ने जगह-जगह खुली गुमटियां भी बंद कराई।

नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या में एक बड़ा कारण आरोपित मनीष बैरागी की अवैध गुमटी भी था जिसे वैध करने के लिए वह नपाध्यक्ष पर दबाव बना रहा था। इसके चलते पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत बैरागी की गुमटी व अवैध दुकान तो तोड़ी ही है साथ ही जिला सहकारी बैंक के बाहर के सभी गुमटी व्यवसायियों को हटा दिया गया था। अब शहर के सभी क्षेत्रों में काबिज लगभग 500 से अधिक गुमटी संचालकों को भी दो दिन में अपनी गुमटियां हटाने के लिए नगर पालिका ने नोटिस जारी किए हैं। जिसमें स्वयं नहीं हटाने पर पुलिस व नपा की संयुक्त कार्रवाई करके हटाने को कहा गया है। नोटिस मिलने के बाद से ही सभी गुमटी संचालकों में आक्रोश था। मंगलवार को सुबह सभी महू-नीमच राजमार्ग पर संजीत रोड तिराहे पर एकत्र हुए। यहां से वाहन रैली के रूप में निकले और रास्ते की सभी गुमटियों में व्यवसाय बंद कराया गया। गुमटी संचालक महाराणा प्रताप तिराहा, महू-नीमच राजमार्ग, बीपीएल चौराहा, पुलिस पेट्रोल पम्प, आंबेडकर चौराहा, कैलाश मार्ग होते हुए गांधी चौराहे पर पहुंचे। यहां जिपं सदस्य अंशुल बैरागी ने भी इनका समर्थन किया। और सीएमओ के नाम एक ज्ञापन नपा के स्वास्थ्य अधिकारी केजी उपाध्याय, कार्यालय अधीक्षक प्रमोद जैन को सौंपकर गुमटियां नहीं हटाने की मांग की।

गुमटियां बंद हुई तो ज्यादा अपराध पनपेंगे

गांधी चौराहे पर ही सभी को संबोधित करते हुए जिपं सदस्य अंशुल बैरागी ने कहा कि हमारे एसपी का कहना है कि गुमटियों से अपराध पनप रहा है। मैं उनकी बात से सहमत हूं पर उन गुमटियों से पनप रहा है जहां दारू बिक रही, सट्टा चलाया जा रहा है उन्हें बंद किया जाए कोई विरोध नहीं करेगा। पर चाय की गुमटी, कुरकुरे बेचने वाले से कोई अपराध नहीं पनप रहा है। यदि एसपी को लगता है कि कोई गुमटी संचालक अपराधी है और उसका रिकार्ड है तो उनकी गुमटियां हटाओ। सही मायने में शहर को स्वच्छ करना है तो उन नेताओं, जनप्रतिनिधियों की गुमटियां हटाई जाएं जो बंद पड़ी हैं और लोगों से मोटा किराया वसूल रहे हैं। अब यदि गुमटियां हटाकर इतने लोगों को बेरोजगार करोगे तो इनमें से कई लोग अपराधी बनकर उभरेंगे क्योंकि उनको घर-परिवार चलाना है।

 

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