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नपा के तत्कालीन अधिकारियों की जांच हो तेलिया प्रकरण में

पूर्व वार्ड अध्यक्ष राजेश लालवानी ने कहा कांग्रेस कर रही विधायक को बदनाम

मंदसौर। तेलिया तालाब जैसे जन सारोकार के मुद्दे पर न्यायोचित बात करने की बजाय कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगी हुई है। जबकि जन भावना से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीति से उपर उठकर जनता के साथ न्याय की बात होना चाहिए न की राजनीति। तेलिया प्रकरण में कांग्रेस द्वारा विधायक पर लगाए जा रहे तमाम आरोप कांग्रेस की थोथी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं, जबकि इस मामले में नपा के तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों के कार्यकाल की जांच होना चाहिए, जिनके कार्यकाल में फर्जी तरिके से भूखंड काटे गए, नामांतरण किए गए।

यह आरोप भाजपा पूर्व वार्ड अध्यक्ष राजेश लालवानी ने लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक फायदे और मंदसौर के हुए चहूंमुखी विकास के मुद्दे को गुमराह करने के लिए तालाब को विधानसभा चुनाव से जोड़कर मंदसौर के विकास पुरूष यशपालसिंह सिसौदिया को बदनाम करने का नाकाम प्रयास कर रही है। जबकि सभी जानते हैं, कि भूखंड आवंटन से लेकर नामांतरण की प्रक्रिया सिर्फ नगर पालिका में ही होती है। इस प्रक्रिया में विधायक की कोई भूमिका नहीं होती है। जांच यदि हो रही है, तो उन अधिकारियों के कार्यकाल की होनी चाहिए, जिन्होंने भूमाफियाओं से मिली भगत कर भूखंड आवंटन किए। उस पर निर्माण की अनुमति प्रदान की और नामांत्रण की अनुमतियां प्रदान की। तत्कालीन अधिकारियों को अरोपी मानते हुए अधिकारियों के कार्यकाल की जांच के आदेश होना चाहिए, ताकि जनता को न्याय मिले और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। यशपालजी ने मंदसौर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंदसौर की जनता को गुमराह करना इतना आसान नहीं है। ये आगामी चुनाव में पता चल ही जाएगा।

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