नपा मंदसौर में जालसाजी : Online के कराये हस्ताक्षर और निकाल दिए Offline टेंडर

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जालसाजी : निकाल दिए ऑफलाइन टेंडर, राजस्व प्रभारी पद से भी हटाया

होर्डिंग्स व आउटडोर मीडिया डिवाइस से विज्ञापन प्रसारण का मामला

मंदसौर। सीएमओ से ऑनलाइन टेंडर की फाइल पर हस्ताक्षर कराकर 15.50 लाख रुपए के टेंडर ऑफलाइन निकालना प्रभारी राजस्व अधिकारी विजय मांदलिया को भारी पड़ गया है। सीएमओ ने इस पर आपत्ति लेते हुए तत्काल मांदलिया को शोकाज नोटिस भी जारी कर दिया और राजस्व अधिकारी पद से हटाकर आजीविका मिशन में बाबू बना दिया। बताया जा रहा है इस टेंडर में कुछ खेल भी हुए है, जिसमें अपनी चहेती कंपनी से ही तीन टेंडर बुलाकर उसको पूरे शहर में विज्ञापन होर्डिंग्स और आउटडोर मीडिया डिवाइस से विज्ञापन प्रसारण का ठैका देने की तैयारी है।

 

टेंडर को लेकर अभी भी नगर पालिका में भारी तनातनी चल रही है। तत्कालीन राजस्व प्रभारी विजय मांदलिया ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही बरती। इसका नतीजा यह हुआ कि राजस्व अधिकारी के पद से भी हाथ धोना पड़ा और नोटिस का जवाब अलग देना पड़ रहा है।

 

जानकारी के अनुसार नगर पालिका में मई में शहर में विज्ञापन हॉर्डिंग, आउटडोर मीडिया डिवाइस एवं इलेक्ट्रॉनिक, एलईडी, एलसीडी द्वारा विज्ञापन प्रसारण को लेकर टेंडर विज्ञप्ति जारी हुई थी। टेंडर जारी होने से पहले तत्कालीन राजस्व अधिकारी विजय मांदलिया ने फाइल भी चलाई थी। और मांदलिया ने टैंडर भी आनलाइन प्रक्रिया से ही जारी करने के लिए फाइल चलाई थी। सीएमओ सविता प्रधान गौड़ ने भी फाइल पर ऑनलाइन टेंडर के लिए हस्ताक्षर किए थे। पर उसके बाद अचानक क्या हुआ कि मांदलिया ने टैंडर ऑफलाइन जारी कर दिए। और तीन टेंडर आ भी गए। इसमें बताया जा रहा है राधा एडव्हरटाइजर्स का टेंडर स्वीकृत करने के लिए सीएमओ के पास फाइल ले जाई गई। तब जाकर सीएमओ के यहां खुलासा हुआ कि टेंडर ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं बुलाकर ऑफलाइन प्रक्रिया से बुलाए गए थे। सीएमओ ने इसका जवाब पूछा तो मांदलिया कुछ बोल भी नहीं पाए। तब जाकर सीएमओ ने पूरी प्रक्रिया ही निरस्त कर दी। और मांदलिया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के आदेश कार्यालय अधीक्षक को दिए। इसके साथ ही तत्काल प्रभाव से विजय मांदलिया को राजस्व प्रभारी पद से हटा दिया गया। और अशोक प्रधान को नया प्रभारी राजस्व अधिकारी बनाया गया। मांदलिया को फिलहाल राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़े कार्यालय में बाबू बनाया गया है।

 

एक लाख से ज्यादा के टेंडर आनलाइन का है नियम

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ई-टेंडरिंग को लेकर जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार 1 लाख रुपए से ज्यादा मूल्य के टेंडर ऑनलाइन ही जारी करना है, जबकि विज्ञापन होर्डिंग्स के लिए निकाले गए टेंडर की न्यूनतम राशि 15.50 लाख रुपए थी। इसी कारण सीएमओ ने पूरी प्रक्रिया ही रद्द कर दी।

 

पहले भी कोर्ट में लिखित में दिया था ‘मैं बाबू हूं’

नगर पालिका में विजय मांदलिया पहले प्रभारी लेखापाल हुआ करते थे। लगभग एक साल पहले मांदलिया का तबादला नीमच नगर पालिका में लेखापाल पद पर हुआ था। उसे रुकवाने वह हाई कोर्ट में पहुंचे और वहां लिखित में दिया था कि में स्थायी लेखापाल नहीं हूं और नपा में बाबू हूं। इसलिए मेरा तबादला नहीं कर सकते हैं। तब कोर्ट के आदेश पर उनका तबादला निरस्त हो गया। पर सीएमओ ने कहा जब यह लिखित में दे चुके हैं कि बाबू है तो वहीं कार्य करें और आजीविका मिशन में बाबू बना दिया था। इसके बाद नपाध्यक्ष के हस्तक्षेप से मांदलिया फिर प्रभारी राजस्व अधिकारी बन गए थे। पर अब फिर से सीएमओ ने मांदलिया को आजीविका मिशन में बाबू बना दिया है।

 

एक ही फर्म के तीनों टेंडर होने का शक

नगर पालिका सीएमओ ने इस फाइल में आए तीनों टेंडर की भी जांच करने को कहा है। शक जताया जा रहा है कि जिस फर्म राधा एडव्हटाइजर्स का टेंडर स्वीकृत कराने की कोशिश की जा रही थी। तीनों टेंडर भी उसी से जुड़े हुए थे। इसी कारण तीनों में राशि ही इस प्रकार भरी गई थी कि वह न्यूनतम 15.50 लाख रुपए से कुछ ज्यादा ही थी।

यह किया मांदलिया ने

– सीएमओ से हस्ताक्षर कराए ऑनलाइन निविदा के लिए

– ऑफलाइन निविदा बुला ली गई

– निविदा प्रपत्र खोलकर निविदा समिति के सामने नहीं रखे गए

– सीधे ही स्वीकृति की फाइल सीएमओ के सामने रख दी

– तीन निविदा आई थी वह भी संदेह के घेरे में हैं।

 

दो दिन से छुट्टी पर हूं

मामले में शोकाज नोटिस केवल विजय मांदलिया को दिया था। राजस्व शाखा के प्रभारी वहीं थे। उनका जवाब आया या नहीं अभी देख नहीं पाया दो दिन से छुट्टी पर हूं।- प्रमोद जैन, कार्यालय अधीक्षक, नपा।

 

जांच चल रही है

फाइल की जांच चल रही है। वह अभी हमारे पास नहीं है। मुझे तो बस इतना ही पता है कि इस मामले में टेंडर ऑनलाइन होना थे और ऑफलाइन कर दिए थे। इससे ज्यादा कुछ पता नहीं है।-अशोक प्रधान, प्रभारी राजस्व अधिकारी।

 

 

शोकाज नोटिस दिया है प्रभारी राजस्व अधिकारी मांदलिया ने पहले ऑनलाइन प्रक्रिया टेंडर वाली फाइल पर हस्ताक्षर कराए थे। और बाद में ऑफलाइन जारी कर दिए। इस मामले में शासन के स्पष्ट निर्देश है कि 1 लाख रुपए से ज्यादा वाले सभी टेंडर ऑनलाइन ही जारी करना है। इसलिए शोकाज नोटिस भी दिया है और राजस्व अधिकारी से भी हटा दिया है। फिलहाल अशोक प्रधान को राजस्व अधिकारी का चार्ज दिया गया है – सविता प्रधान गौड़, सीएमओ, नपा

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