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नवनिर्वाचित नपाध्यक्ष कोटवानी ने पहले ही दिन की उठापटक

राम ने सीएमओं के कक्ष को बनाया अपना कार्यालय, सीएमओ की नेम प्लेट हटाई

मंत्रो के उच्चारणों के साथ किया नपा का शुद्धीकरण

मंदसौर। नगर पालिका में 22 फरवरी शनिवार को पुनः भाजपा के उर्जावान पार्षद राम कोटवानी ने अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण कर भाजपा के 13 माह के वनवास को खत्म कर ही दिया।

राम कोटवानी के पदभार ग्रहण के पूर्व संस्कृत पाठशाला के बटुकों द्वारा मंत्रों के उच्चारण के साथ मंत्रों से नपा कार्यालय का शुद्धीकरण किया। हालांकि राम को अध्यक्ष पद के लिए एक लम्बी लड़ाई लड़ना पड़ी थी। उसके बाद ही शासन को अध्यक्ष पद का उप चुनाव कराने को बाध्य होना पड़ा और उक्त निर्वाचन में राम को विजयश्री मिली थी।

17 जनवरी 19 को भाजपा के कद्दावर नेता व नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के बाद मानों नपा को ग्रहण की लग गया था। 6 माह तक प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसी को भी नियुक्त नहीं कर सकी थी जैसे तैसे अध्यक्ष पद की नियुक्ति हुई तो दो – दो सीएमओं के विवाद ने नपा कार्य ठप्प कर दिया था। जुलाई 19 में कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने अपने पार्षद मो हनीफ शेख को अध्यक्ष पद पर बैठाया तो वर्तमान सीएमओ का मंडला प्रकरण में उन्हें कई दिनों तक अज्ञातवास रहने को मजबूर होना पड़ा और फिर नपा कार्या बाधित हुआ। जैसे – तैसे नपा का कार्य पटरी पर आने को था कि राम कोटवानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शासन को नपाध्यक्ष के उपचुनाव के लिए बाध्य कर दिया। राम कोटवानी को भाजपा ने भी अपना प्रत्यशी बनाकर उनका हक उन्हें दे ही दिया। जिसके वे हकदार थे।

दायित्व ग्रहण समारोह के पूर्व प्रातः10.30 से 1.30 बजे तक डॉ मिथिलेष मेहता के मुखारबिन्द से सुन्दरकाण्ड का पाठ एवं उसके बाद पशुपतिनाथ संस्कृत पाठशाला के विद्ववान बटुको के द्वारा वेद मत्रोच्चार का कार्यक्रम हुआ। दोनो धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत केन्द्रिय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद्र गेहलोत के मुख्य आतिथ्य, सांसद सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता, भाजपा प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर के विशिष्ठ आतिथ्य एवं भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सुराणा एवं प्रदेश के पर्वू मंत्री कैलाश चावला के विशेष आतिथ्य में नवनिर्वाचित नपाध्यक्ष राम कोटवानी ने नपाध्यक्ष पद का पदभार संभाला। कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर नागदा ने किया तथा आभार नपा उपाध्यक्ष सुनिल जैन महाबली ने माना।

राम ने बैठते ही उठापटक की चालू, सीएमओं से छीना उनका पसंदीदा कक्ष

नपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने तत्काल बाद राम कोटवानी ने अध्यक्ष के कक्ष में बैठक के बजाए सीएमओं सविता प्रधान के सर्वसुविधायुक्त कक्ष में बैठने का निर्णय लिया है। जबकि अब श्रीमती प्रधान गौड अध्यक्ष के कक्ष से अपना कार्य करेगी।

अध्यक्ष के कक्ष बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर तरह – तरह की अटकलें लगाई जा रही है। लेकिन भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि राम ने वास्तुविदों की सलाह के बाद ही अपना कक्ष बदला है।

सीएमओं ने कहा – पूरी नगर पालिका उनकी ही है

कक्ष बदलने वाले मामले को लेकर सीएमओ सविता प्रधान ने कहा कि वे नपाध्यक्ष हैं और पूरी नगर पालिका उनकी ही है। वे जहां स्थान देेगे वहां से मैं अपना कार्य कर लूंगी। वैसे इसमें कोई नकारात्मक बात नहीं है। उन्होने मुझसे पूछा था और मैंने भी कक्ष बदलने के लिए सहज की हां कर दी थी।

उल्लेखनीय हैं कि सविता प्रधान गौड ने अपने नपा के दूसरे कार्यकाल की शुरूआत में उक्त कमरे का अपने इच्छा अनुसार पुननिर्माण करवाया था जिसमें लाइटिंग से लेकर एसी और पीओपी डिजाइन से लेकर फर्नीचर तक सभी सीएमओं ने बनवाया था। तब कांग्रेस पार्षदों ने इसका बहुत विरोध किया था। वहीं यशपालसिंह सिसौदिया, प्रहलाद बंधवार, कुसुम गुप्ता और हनीफ शेख भी नपा के अध्यक्ष रहें है लेकिन किसी ने भी अध्यक्ष का निर्धारित बदलने का साहस और प्रयास नहीं किया।

दिव्यांगों को अब नहीं होगी नपा में असुविधा

कार्यक्रम के दौरान केन्द्रिय मंत्री श्री गेहलोत ने मंदसौर नपा कार्यालय में निशक्तजनों को बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु लगभग 38 लाख 75 हजार रू की राशि से तैयार हुई लिफट का भी लोकार्पण किया। श्री गेहलोत ने फिता काटकर व शिलालेख पट्टिका का अनावरण करके मंदसौर नगर को यह सौगात प्रदान की। अब इससे दिव्यांगजनों को नपा कार्यालय में जाने में असुविधा नहीं होगी।

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