नाबालिंग लड़कियों को दिया जा रहा है जवानी का इंजेक्शन

Hello MDS Android App

कौन लड़की होगी जो जवान और खूबसूरत नहीं दिखना चाहती है। जवान और खूबसूरत दिखने के लिए लड़कियां क्या नहीं करतीं। मेकअप से लेकर सर्जरी तक करा लेती हैं। लेकिन अब एक ऐसा सेक्स हार्मोन इंजेक्शन आ गया है जिससे लड़कियां कम उम्र में ही जवान दिख सकती हैं।

सेक्स हार्मोन इंजेक्शन का इस्तेमाल तब किया जाता है जब 16 साल से अधि‍क उम्र की लड़कियों के अंगों का वि‍कास रुक जाता है। हालांकि इस इंजेक्शन का इस्तेमाल ज्यादा करने से साइड इफेक्ट का भी खतरा होता है। इसी के साथ कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल भी कर रहे हैं। रेड लाइट इलाकों में कम उम्र की लड़कियों को जल्दी जवान बनाने के लिए सेक्स हार्मोन इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस इंजेक्शन से लड़कियों के ब्रेस्‍ट के आकार बढ़ते हैं। उनकी कमर में लचक बढ़ने समेत चेहरे पर बाल कम होते हैं। लड़की कम उम्र और अट्रैक्टिव दिखने लगती है।

एक प्रोफेसर ने बताया कि शारीरिक खराबियों को दूर करने के लि‍ए सेक्स हार्मोन इंजेक्शन का इस्तेमाल डॉक्टर करते हैं। इसका इस्तेमाल तभी कि‍या जाता है जब लड़की की उम्र 16 साल से अधि‍क हो। वैसे इन दोनों हार्मोन उत्पादन शरीर स्‍वयं उम्र के हि‍साब से पैदा करता है। यदि कि‍सी लड़की में इस हार्मोन का उत्‍पादन न हो रहा है तो उसके शरीर में अंगों का वि‍कास सही तरीके से नहीं हो पाता है। रुके हुए अंगों के वि‍कास के लि‍ए यह इंजेक्शन दि‍ए जाते हैं।

सेक्स हार्मोन का इंजेक्शन ज्यादा मात्रा में लेने पर लड़कियों का शरीर कमजोर होने लगता है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। पूरा शरीर बेडौल हो जाता है साथ ही मानसि‍क बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा असमय बुढ़ापा आने समेत बांझपन भी हो सकता है। ये शरीर में यह पेन किलर का काम करने समेत नशे का काम भी करता है। यह हार्मोन महिलाओं की सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाता है।

आठ साल की उम्र की लडकियों को जल्द जवान बनाने के लिए मोर का मांस और स्टेरोईड्स दिया जाता था.! जिससे लड़कियां जल्द जवान होकर जिस्मफरोशी के बाजार में ढकेला जा सके..! इनके सेवन से कम उम्र की लडकियों का शरीर बड़ा दिखने लगता हे, पुलिस जाँच में सामने आया की जिस्मफरोशी करने वाली ज्यादातर महिलाओ के बच्चे हे ही नहीं….! पुलिसे द्वारा गिनती करने पर इन डेरो में ८४२ लड़कियां पाई गयी….!

लड़कियों की नारकीय जिन्दगी और बांछडा समाज की साजिश का खुलासा कर रही हे, मंदसोर पुलिस मानव तस्करी के पर्दाफाश के बाद जिस्मफरोसी के अड्डो पर लगातार दबिश दे रही है, इसके परिणाम भी सार्थक आ रहे है, और नई जानकारीयां भी मिल रही है, जो दिल दहलाने वाली है, तस्करी के जरिए चितौडगढ़, निम्बाहेडा से पहुंचाई गई लडकियो के बारे में जानकारी मिली हे लेकिन राजस्थान पुलिस इन सबसे बेखर है…! मंदसौर जिले में जिस्मफरोशी के अड्डों पर खरीदकर लाई गई मासूम बच्चियो की बरामदगी के बाद पुलिस जाँच में कई सनसनीखेज खुलासे सामने आए है, इन लडकियो को समय से पूर्व जवान बनाने के लिए क्रत्रिम तरीके अपनाए जाते है…!

पुलिस की दबिश में सनसनीखेज खुलासा
मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ पुलिस द्वारा बांछडा समाज के जिस्मफरोशी के डेरो में की गई कार्यवाही के बाद अब तक १८ मासूम लड़कियां बरामद की जा चुकी हे, जिनमे से पांच लड़कियां तो दुधमुहीं है, इन सभी लड़कियों की उम्र ९ माह से ९ साल तक है, खुलासे में पता चला हे की पहले 8 साल की उम्र की लडकियो को जल्द जवान बनाने के लिए मोर का मांस और स्टेरोइड्स दिया जाता था, जिससे लड़कियां जल्द जवान होकर जिस्मफरोशी के बाजार में ढ्केली जा सके..! इनके सेवन से कम उम्र की लड़कियों का शरीर बड़ा दिखने लगता है, पुलिस जाँच में पता चला हे की ऐसी कई दवाइयां है जिनके इंजेक्शन इस इलाके में धडल्ले से लगाये जा रहे है. इन लडकियो के खाने पीने की चीजो में नशे की गोलियां मिलाकर दी जाती है और बेहोस हो जाने के बाद उन्हें अगवा कर जिस्मफरोशी के डेरो पर बेच दिया जाता है…

इस मामले में पुलिस ने 24 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है डेरो पर अब भी कई मासूम लडकिया है जिनके बारे में जाँच चाल रही है की ये लडकिया इन्ही डेरो वालों की हे या खरीदी गई..! इसके लिए पुलिस डीएनए जाँच करने की तैयारी कर रही है…!

चलता हे रेकेट
गौरतलब है की इन डेरो पर जिन लडकियो को चुराकर बेचा गया उनमे तीन कड़ियों वाला एक रैकेट काम करता है पहला गिरोह लडकियो पर नजर रखकर उन्हें नशा देकर चुराता है दूसरी कड़ी में बिचोलिये इन्हें बाछड़ा जाती के उन लोगो से मिलकर सोदा करते है जो इन्हें क्रीडते है और तीसरी कड़ी में खुद बाछड़ा जाती के वो लोग होते है जो इन्हें खरीदकर परवरिश करते है और बड़ी होने पर उन्हें जिस्मफरोशी के धंधे में उतर देते है

बाछड़ा जाती की औरते पहले ग्राहकों से पैदा हुई लडकियो को पाल पोस कर उनसे धंदा करती थी मगर बच्छे होने के बाद जिस्मफरोशी के बाजार में उनकी कीमत कम हो जाती थी इस वजह से पिछले 10 वर्षो में तस्करी करके लाई गई बच्चियो को खरीदने का गोर्ख धंदा शुरू हो गया. आंकड़ो की माने तो इन डेरो पर 842 लडकिया है. पुलिस को शक है की ज्यादातर लडकियो को खरीदकर लाया गया है अब पुलिस इस मामले की पड़ताल में जुट गई है इसके लिए पुलिस डीएनए टेस्ट की मदद लेने का भी मन बना रही है…

50 रुपये में मिलती है लडकिया
जयपुर मुंबई हाइवे एव मंदसौर नीमच से लेकर चित्तोड़ तक सड़क के किनारे बाछड़ा समाज के डेरे है जहाँ हर रोज जिस्मफरोशी की मण्डी सजती है और जहाँ इन लडकियो की कीमत होती है महज 50 से लेकर 200 रूपये तक..!
आठ साल की उम्र की लडकियों को जल्द जवान बनाने के लिए मोर का मांस और स्टेरोईड्स दिया जाता था.! जिससे लड़कियां जल्द जवान होकर जिस्मफरोशी के बाजार में ढकेला जा सके..! इनके सेवन से कम उम्र की लडकियों का शरीर बड़ा दिखने लगता हे, पुलिस जाँच में सामने आया की जिस्मफरोशी करने वाली ज्यादातर महिलाओ के बच्चे हे ही नहीं….! पुलिसे द्वारा गिनती करने पर इन डेरो में 842 लड़कियां पाई गयी….!

3 सवाल आप से

  • दुशासन ने चीर हरण किया, द्रोपती का श्री कृष्ण बचाने आये.
  • आज नाबालिंग लडकियो का चीर हरण हो रहा है, कोई क्यू अपनी जान गवाये…??
  • 20 से 50 में हो रहा है धंधा, आखिर क्यों नहीं इनके लिए फांसी का फंदा..???

 

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *