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नामकरण संस्कार के नाम रहा साल, शहर, सड़क और एयरपोर्ट तक को मिली नई पहचान

2018 को नामकरण साल कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इस साल शहर हो या सड़क या एयरपोर्ट कई चीजों ने नए नाम पाए हैं। फेहरिस्त लंबी है लेकिन अपने आज हम आपकी यादों पर जमी वो धूल साफ करेंगे और आपको बताएंगे कि साल 2018 में किन चीजों ने नए नाम पाए है।

नई दिल्ली: शेक्सपीयर ने सालों पहले कहा था कि नाम में क्या रखा है, शेक्सपीयर की बात कितनी सही है कितनी गलत ये बात एक अलग बहस का मुद्दा है। लेकिन सच तो ये है कि इंसान हो या जगह या कोई चीज, नाम उसकी पहचान होती है। हम अपनी पूरी जिंदगी उस नाम के साथ जीते हैं लेकिन अगर वो ही बदल दिया जाए तो…. सोच कर ही रूह कांप जाती है। लेकिन 2018 को नामकरण साल कहा जाए तो गलत नहीं होगा, हम ये इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इस साल शहर हो या सड़क या एयरपोर्ट कई चीजों ने नए नाम पाए हैं। फेहरिस्त लंबी है लेकि आज आपकी यादों पर जमी वो धूल साफ करेंगे और आपको बताएंगे कि साल 2018 में किन चीजों ने नए नाम पाए है।

मुगलसराय जंक्शन हुआ पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन

नाम बदलने की रेस में सबसे आगे इस साल योगी सरकार रही। प्रदेश में शहर, सड़क, चौराहों और एयरपोर्ट के नाम धड़ाधड़ बदले गए। सबसे पहले मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम रखा गया। 15 मई 2018 को इसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय रखने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी थी।

इलाहाबाद बन गया प्रयागराज

तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती के मिलन की वजह से संगम नगरी के नाम से पूरी दुनिया में विख्यात इलाहाबाद शहर का नाम भी योगी सरकार ने 2018 में ही बदला। वैसे तो इलाहाबाद को प्रयागराज करने की मांग वर्षों से चलती आ रही थी, लेकिन 6 अक्टूबर 2018 को राज्य सरकार ने इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया। जिसे केंद्र ने भी मंजूरी दे दी।

फैजाबाद हुआ अयोध्या

शास्त्रों में भगवान राम के जन्म स्थान माने वाले शहर का नाम भी योगी सरकार के कार्यकाल में ही बदला गया। कुछ समय पहले तक फैजाबाद के नाम से जिस शहर को जाना जाता था, दिवाली से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार में अयोध्या के साथ अन्याय नहीं होगा। इसके साथ ही इस शहर को आन-बान और शान बताते हुए उन्होंने फैजाबाद को अयोध्या कर दिया। प्राचीन काल में इस इलाके के अयोध्या नाम से ही जाना जाता था।

नया रायपुर हुआ अटल नगर

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भी देश में नाम बदलने का सिलसिला चला। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की पिछली रमन सिंह सरकार ने मॉर्डन तरीके से बने नया रायपुर को वाजपेयी के नाम समर्पित कर दिया। सरकार ने कैबिनेट की बैठक में फैसला किया कि अब नया रायपुर को अटल नगर के नाम से जाना जाएगा।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे हुआ अटल पथ

उत्तर प्रदेश सरकार ने झांसी से इटावा को जोड़ने के लिए चार लेन वाली एक्सप्रेस-वे बनाने का फैसला लिया। जिसका शुरु में नाम बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे रखा गया। लेकिन पूर्व पीएम वाजपेयी के निधन के बाद इसका भी नाम बदलकर अटल पथ करने का फैसला हुआ है। ये यूपी का पहला ऐसा एक्‍सप्रेस-वे है, जो राज्‍य की सबसे पिछड़े जिलों चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, जालौन और औरैया को जोड़ेगी। नवंबर महीने में राज्य सरकार ने इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए 640 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

लखनऊ का हजरतगंज चौराहा हुआ अटल चौक

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहेद भीड़-भाड़ और व्यस्त रहने वाले ऐतिहासिक हजरतगंज चौराहा का भी नामकरण संस्कार हुआ है। 8 सितंबर, 2018 को लखनऊ नगर निगम ने इसको पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखते हुए अटल चौक कर दिया। इसके साथ ही चौराहे पर वाजपेयी की प्रतिमा लगाने का भी प्रस्ताव है। लखनऊ शहर की मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि हम अटलजी की यादों को हमेशा जीवित रखना चाहते हैं और एक मेयर के रूप में मैं ऐसा कर रही हूं।

अगरतला एयरपोर्ट हुआ महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट

त्रिपुरा के अगरतला हवाई अड्डे का नाम भी साल 2018 नमें ही बदला गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में 4 जुलाई को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसका फैसला लिया गया। अगरतला हवाई अड्डे का नाम बदलकर महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर हवाई अड्डा, अगरतला हो गया है। महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर द्वारा दान में दिए गए जमीन पर ही 1942 में अगरतला हवाई अड्डे का निर्माण हुआ था।

छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट हुआ छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट

मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भी नाम बदल चुका है। 30 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय से उस प्रस्ताव को मंजूरी मिली, जिसमें इसका नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट कर दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों को बधाई। उनकी लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी हो गई है।

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