Breaking News

नाले की जमीन डॉ. चेलावत और भाजपा दोनों को ही नहीं मिलेगी! इसका मतलब क्या निकाला जाये?

मंदसौर। महू-नीमच राजमार्ग पर श्री कोल्ड से लगे नाले की जमीन को लेकर चल रही अटकलों पर शुक्रवार को कलेक्टर के डेढ़ पेज के फैसले ने विराम लगा दिया है। डॉ. प्रदीप चेलावत की फाइल पर फैसला देते हुए कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने स्पष्ट लिखा है कि मौके पर इतनी जगह नहीं बचती है कि वहां कोई निर्माण हो सके। इसके साथ ही अब यह भी तय हो गया है कि अब यह जमीन ने तो डॉ. चेलावत को मिलेगी और न ही भाजपा कार्यालय के लिए।

शहर के चर्चित चिकित्सक डॉ. चेलावत ने इस जमीन को लेने के लिए लगभग 8 साल पहले आवेदन किया था। उसी दरमियां भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष मानसिंह माच्छोपुरिया ने भी भाजपा जिला कार्यालय बनाने के लिए जमीन का आवेदन किया था और इसका कुछ भू-भाटक भी जमा किया था। पर भाजपा कार्यालय की फाइल तो कागजों में गुम हो गई थी और डॉ. प्रदीप चेलावत की फाइल पिछले कुछ महीनों से तेजी से चली थी। इसको लेकर प्रदेश के एक मंत्री और शहर के एक जनप्रतिनिधि भी डॉ. चेलावत की मदद करने की कोशिश कर रहे थे।

और स्थानीय जनप्रतिनिधि ने लगभग सभी विभागों में फोन लगाकर एनओसी भी देने को कहा था, पर कुछ विभागों से नहीं मिली और भाजपा पदाधिकारियों को इस जमीन के खेल के बारे में पता लग गया था। बाद में भाजपा के पदाधिकारियों ने भोपाल स्तर तक आपत्ति ली थी। इधर तहसीलदार के प्रतिवेदन के बाद फाइल कलेक्टर के पास पहुंच गई।

 

कहीं 25 फीट तो कहीं 10 फीट ही जमीन बच रही

कलेक्टर ने शुक्रवार दोपहर तीन बजे बाद जारी किए आदेश में बताया कि जो जमीन मांगी गई है, उसके एक तरफ महू-नीमच राजमार्ग और दूसरी तरफ नाला है। राजमार्ग के मध्य से 52 फीट जमीन नापी जाए और इधर से नाले की जमीन नापी जाए तो बीच में कहीं 10 तो कहीं 25 फीट चौड़ी जमीन मिल रही है और यहां पर निर्माण से पहले एमओएस भी छोड़ना पड़ेगा, वहीं पार्किंग आदि की भी व्यवस्था करना होगी। यहां जगह ही कम है तो शासन के मापदंडों में अस्पताल भी नहीं बन सकता है। इसलिए जमीन नहीं दी जा सकती है। उन्होंने अपने फैसले में तहसीलदार के प्रतिवेदन का भी उल्लेख किया है। साथ ही भाजपा के लोगों द्वारा लगाई गई आपत्ति का भी जिक्र किया है।

 

– महू-नीमच राजमार्ग व नाले के बीच की जमीन डॉ. प्रदीप चेलावत ने अस्पताल के लिए चाही थी, पर मौके पर इतनी जगह नहीं है कि नियमानुसार निर्माण हो सके। इसलिए हमने उसे निरस्त कर दिया है। वहां इतनी जगह नहीं है कि कोई दूसरा भी भवन बन सके। -ओमप्रकाश श्रीवास्तव, कलेक्टर

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts