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ना पानी ना पार्किंग, यात्री हो रहे यहां बेहाल…

जिले में रेलवे स्टेशनों पर कई सुविधाओं को लेकर यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। किसी स्टेशन पर पीने का पानी नहीं है तो किसी स्टेशन पर डिस्प्ले नहीं है। तो किसी स्टेशन पर यात्रियों को अंधेरे में उतरना पड़ता है। तो किसी स्टेशन के बाहर नौ पार्किंग में पार्किंग की जा रही है। जिससे की यात्रियों को बाहर और स्टेशन के अंदर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि इन असुविधाओं के बारे में रेलवे अधिकारियों को जानकारी नहीं है। कई बार वे निरीक्षण के दौरान यह सब देख चुके है बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई इन असुविधाओं को दूर करने के लिए नहीं की गई है।
नो पार्किंग में पार्किंग और स्टेशन पर नल नहीं
मंदसौर स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। इस लिहाज से स्टेशन पर बेहतर व्यवस्था होना चाहिए। लेकिन ठीक इसके विपरीत यहां पर देखने को मिला। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पानी पीने के लिए लगाएं गए नल में पानी नहीं है तो स्टेशन के मुख्य गेट पर नो पार्किंग में पार्किंग वाहन कर रखे है। जिससे आने जाने वालों का समस्या आ रही है।
शामगढ़ स्टेशन पर नहीं लगे डिस्प्ले बोर्ड
जिले का सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन नगर सहित आसपास क्षेत्र के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते है। रेलवे विभाग द्वारा स्टेशन पर एक करोड़ से ज्यादा राशि की लागत से प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 बनाए गए। जिनको काफी समय हो गया है। लेकिन अब तक इन प्लेटफार्म के डाउन ट्रेक पर कोच संकेत डिसप्ले बोर्ड नहीं लगाए गए है। जिसके कारण आरक्षण कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को कोच किस जगह आएगा यह परेशानी उठानी पड़ती है। कोच संकेत डिसप्ले बोर्ड नहीं होने से यात्री अपने आरक्षण कोच की जगह को लेकर परेशान तो होते ही है। और ट्रेन आने पर यदि आरक्षित कोच की दूरी ज्यादा होती है। तो यात्रियों को मजबूरन दूसरे कोच में चढऩा पड़ता है। और दूसरा स्टेशन आ जाने तक भी यात्री अपनी आरक्षित सीट तक नहीं पहुंच पाता है।
गरोठ स्टेशन पर नहीं बिजली और पानी की सुविधा
गरोठ स्टेशन पर दो प्लेटफार्म है। इन दोनों प्लेटफार्म पर यात्रियों के पानी पीने के लिए नल भी लगाएं गए है। लेकिन कई नलों में पानी नहीं है। वहीं निजामुद्दीन एक्सप्रेस रात को करीब नौ बजे पहुंचती है। लेकिन प्लेटफार्म नंबर दो पर कुछ जगह बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को अंधेरे में उतरना पड़ता है। जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी आती है।
इनका कहना…
डिस्प्ले बोर्ड के लिए आलोट, चौमहला, सुवासरा, शामगढ़, भवानीमंडी और रामगंजमंडी स्टेशनों के प्रस्ताव बनाकर भेज रखे है। इनके लिए वायरिंग कंपलिट है। जल्द ही स्वीकृति आने वाली है। स्वीकृत होते ही यहां डिस्प्ले बोर्ड लगा दिए जाएंगे।
– एनके मीणा, सहायक वाणिज्य प्रबंधक, रेल मंडल कोटा।

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