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नियमों के विरुद्ध लगाए गए बही टोल प्लाजा को हटाने के लिए नारायणगढ़ कोर्ट में वाद दायर

पिपलिया स्टेशन। बही टोल प्लाजा को हटाने को लेकर नारायणगढ़ न्यायालय में वाद दायर हुआ है, जिसमें टोल को अवैध बताते हुए नियमानुसार अन्यत्र टोल को लगाने का वाद दायर किया है। जानकारी के अनुसार जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की सांठगांठ से पूर्व में नियमों को ताक में रखकर बही के निकट लगाए गए टोल प्लाजा पर अवैध वसूल हो रही है। नियमों के अनुसार यह टोल संूठोद के यहां लगना चयनित हुआ था। लेकिन मनासा, रामपुरा, संजीत के साथ कनघट्टी व सेमली क्षेत्र से लगी राजस्थान सीमा से आने वाले वाहनों से भी टोल वसूला जा सके, इस कारण मिलीभगत से उक्त टोल को बही फंटे के आगे लगा दिया। एडवोकेट एम सय्यद मंसूरी ने वादी अनिलकुमार की ओर से कोर्ट में दायर किये वाद में बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 79 पर नगरीय क्षेत्र के भीतर नियम विरुद्ध अवैध रुप से टोल प्लाजा स्थापित किया गया है। उक्त टोल प्लाजा से पिपलिया के कर्मशीयल व प्रायवेट वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है। टोल कंपनी ने रोड़ भी निर्धारित मापदंड अनुसार नही बनाया है, बाइक के लिए सड़क पर अलग से वाहन पट्टी नही बनाई है। दो बड़े वाहनों के क्रासिंग के दौरान दुपहिया वाहन चालक सड़क पर नही चल सकता है, इसी कारण पूरे देश में सर्वाधिक सड़क दुर्घटना इसी फोरलेन पर हो रही है। प्रतिदिन औसतन एक से दो मौत इस मार्ग पर रोज हो रही है। सुविधा के नाम पर तो शून्य है, लेकिन मनमर्जीपूर्वक वाहन चालकों से टोल वसूली हो रही है।

यह भी है विरोधाभास:-
एडवोकेट मंसूरी ने तर्क रखा कि वर्तमान में प्रायवेट बसों की यूनियन का दबाव होने से उनका निर्धारित मासिक टोल से आधा लिया जा रहा है, जबकि जिसके पास एक व्यवसायिक वाहन है तो उससे ट्रक के बराबर टोल वसूला जा रहा है, नगरीय क्षेत्र के कर्मशीलय वाहनों से भी नियमानुसार टोल वसूली नही की जा सकती है। मंसूरी ने बताया न्यायालय ने वाद को सुनवाई के लिए ग्राह्य किया है, सुनवाई 26 जून को होगी।

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