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न्यायालय की सम्पत्ति पर राजस्व विभाग का कब्जा, उच्च न्यायालय में लगी याचिका

सीतामऊ। न्यायालयीन संपत्ति पाने के लिए न्याय दिलाने वालों को ही उच्च न्यायालय में याचिका लगाने हेतु बाध्य होना पड़ रहा है राजस्व विभाग की हठधर्मिता के कारण स्थिति निर्मित हो रही है।

उक्त जानकारी देते हुए अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह मंडलोई ने बताया कि न्यायालयीन परिसर में निर्मित कक्ष पर राजस्व विभाग द्वारा कब्जा कर रखा है यह न्यायालयीन संपत्ति है जिसे पाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए मगर राजस्व विभाग की हठधर्मिता बरकरार है मजबूरन हमें उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने हेतु बाध्य होना पड़ रहा है।
यह है मामला – श्री मण्डलोई ने बताया कि अभिभाषक संघ के आधिपत्य उक्त कक्ष खाली खाली पड़ा था बीते वर्षों में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने राजस्व रिकॉर्ड रखने के लिए उक्त कक्ष मांगा था जिसे माननीय दृष्टि से संघ द्वारा दे दिया गया राजस्व विभाग ने उक्त कक्ष पर अपना कब्जा जमा लिया हमने कई बार कक्ष खाली करने की बात कही लेकिन सुनी अनसुनी होती रही वर्तमान अनुभवी अधिकारी साधु लाल प्रजापत द्वारा इस कक्ष में कलेक्टर कार्यालय संचालित करने के प्रयास किए जाने की जानकारी मिलने पर अभिभाषक संघ द्वारा आपात बैठक का आयोजन कर 11 जनवरी से राजस्व न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लिया गया।

कलेक्टर से की गई चर्चा- अभिभाषक द्वारा 15 जनवरी तक राजस्व न्यायालय का बहिष्कार किया गया जिससे क्षेत्र के राजस्व न्यायालयों का कार्य ठप रहा एवं सैकड़ों पक्षकारों को परेशानी उठानी पड़े। परंतु राजस्व विभाग की मनमानी जारी रही इस संदर्भ में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से भी चर्चा कर अपना पक्ष रखा लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पाया प्रतिनिधिमंडल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय से भी भेट की उन्होंने 20 फरवरी को मौका मुआयना कर समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था जिस पर अभिभाषक संघ ने राजस्व न्यायालयों के बहिष्कार आंदोलन स्थगित कर दिया था लेकिन 20 फरवरी को भी समस्या जस की तस बनी हुई है इस पर अभिभाषक संघ द्वारा निर्णय लिया गया कि न्यायलयीन संपत्ति पाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाए श्री मंडल ने उक्त जानकारी मीडिया चर्चा मे दी।

रिकार्ड की सुरक्षा पर लगे प्रशन चिन्ह- राजस्व विभाग ने कब्जा जमा कर विवादित कक्ष में रिकॉर्ड रखे हैं वह कक्ष टूटी अवस्था में हैं कुते व अन्य जानवरों को आवास स्थल बने हुए हैं कक्ष की जर्जर स्थिति से उक्त रिकॉर्ड की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह उभर रहे है।

कोई जवाब नही- इस संदर्भ में पत्रकारों ने अनुविभागीय अधिकारी साधु लाल प्रजापत से चर्चा की उन्होंने इस मामले में कोई भी जवाब देने से मना कर दिया इतना ही कहां की उक्त मामले की मुझे जानकारी नहीं है कलेक्टर साहब स्वयं अवलोकन कर चुके हैं उनके संज्ञान में यह मामला है।

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