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पशुपतिनाथ मंदिर का सौंन्दर्यीकरण होगा, एक साथ स्थापित होगें सारे मंदिर

शिवना नदी में अब नही मिलेगा नालों का गंदा पानी, विधायक सिसौदिया व कलेक्टर ने किया निरीक्षण

मंदसौर। भूत भावन भगवान पशुपतिनाथ मंदिर का समुचित विकास और सौन्दर्यीकरण होगा मंदिर परिसर में स्थित माताजी, रामजानकी एवं प्रत्यक्षानंदजी महाराज एवं मस्तरामजी की प्रतिमाओं को अलग-अलग मंदिर बनाकर एक साथ स्थापित किया जाएगा। सहलिंग की भी मंदिर निर्माण कर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। पूरे मंदिर परिसर की विस्तृत कार्य योजना बनाकर विकास होगा। इसके लिए प्लेन टेबिल सर्वे कराया जाएगा जो 15 दिन में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा शिवना नदी में मिलने वाले गंदे नालों के पानी को भी नदी में मिलने से रोका जाएगा और शिवना के घाट का भी सौन्दर्यीकरण होगा।

यह निर्देश विधायक यशपालसिंह सिसौदिया एवं कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने पशुपतिनाथ मंदिर और शिवना नदी के अवलोकन के दौरान अधिकारियों को दिए। इस दौरान एसडीएम एस एस शाक्य, मंदिर प्रबंध समिति सदस्य योगेश गुप्ता और प्रबंधक राहुल रूनवाल भी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान विधायक कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पशुपतिनाथ मंदिर का पूरा परिसर उबड़ा खाबड़ है कहीं से ऊपर उठा हुआ है तो कहीं काफी ज्यादा नीचे है। इसका विकास करने के लिए प्लेन टेबल सर्वे आवश्यक है। उन्होने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 15 दिन में प्लेन टेबल सर्वे पूरा करा लिया जाऐं ताकि मंदिर विकास का समुचित खाका तैयार किया जा सके। मंदिर और शिवना नदी के घाट विकास के लिए आर्किटेक नियुक्त करने के भी निर्देश दिए। मंदिर परिसर के निकट निजी भूमि पर स्थित समाधियों का जीर्णाेद्वार करने की भी योजना बनाई गई। उन्होने कहा कि ये समाधियां ऐतिहासिक द्रष्टि से महत्वपूर्ण है उन्होने भूमि स्वामी से भी इस संबंध में चर्चा की और कहा कि यह भूमि उन्ही की रहेगी लेकिन विकास के लिए पशुपतिनाथ ट्रस्ट को सौप दी जाएं। पर्यटको और श्रद्धालुओं को बढ़ावा देने के लिए इन समाधियों को संगमरमर और ग्रेनाईट लगाकर आकर्षक बनाया जाएगा तथा जिन महान पुरूषों की समाधियां है उनका जीवन परिचय भी इस पर अंकित किया जाएगा। उन्होने दीपमालिका का आधुनिकीकरण कर लाईटिंग व्यवस्था करने तथा बावड़ी को आकर्षक बनाने के लिए फव्वारे युक्त लाईटिंग लगाने के भी निर्देश दिए। मंदिर परिसर में स्थित शौचालय के निकट एक शेड बनाऐं जाने का भी निर्णय लिया गया ताकि स्व सहायता समूहों को अपना माल विक्रय करने के लिए स्थान उपलब्ध हो सके। श्री सिसोदिया ने कहा कि मंदसौर में लाख हाथकरगा सहित कई छोटे उद्योग स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किए जाते है लेकिन इनके सामने अपना माल बेचने की समस्या आती है मंदिर परिसर में यदि इन्हें स्थापित किया जाएगा तो इनके तैयार माल को बेचने के लिए एक मंच उपलब्ध हो जाएगा।

अवलोकन के दौरान विधायक सिसौदिया और कलेक्टर श्रीवास्तव ने शिवना नदी का भी अवलोकन किया इस दौरान नगर पालिका इंजीनियर ने बताया कि खानपुरा तरफ से आने वाला गंदा नाला नदी में मिलने से पानी प्रदुषित हो रहा है। विधायक सिसौदिया ने कहा कि नगर पालिका ने 25-25 लाख रू. खर्च कर गंदे पानी के लिए दो कुएं बना रखे है गंदे पानी को इसमें डालकर वाटर ट्रीटमेंट के बाद इस पानी को खेती के लिए प्रयोग किए जा चुके ऐसी योजना बनाई जाऐं। पूव में राजाराम एण्ड ब्रदर्स कं पनी एक कुएं से पानी लेकर अघोरिया तक ले जा रही है और सिंचाई के उपयोग में ले रही है शेष पानी के बारे में भी उनसे चर्चा की जाऐं। कलेक्टर श्रीवास्तव ने नगर पालिका को निर्देश दिए कि शिवना नदी सौन्दर्यीकरण के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें ताकि इसके लिए बजट आदि का प्रावधान करवाकर विकास किया जा सके। उन्होने निर्देश देते हुए कहा कि घाट पर जो अव्यवस्थित रूप से कपड़े धोकर पानी को गंदा किया जा रहा है इसे भी रोका जाऐं और कपड़े धोने की समुचित व्यवस्था कर दी जाऐं। उन्होने पीएचई विभाग को भी निर्देर्शित किया कि घाटों का सर्वेक्षण करवाकर कार्य को प्राथमिकता दी जाऐं।

 

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