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पशुपतिनाथ मंदिर बना प्रयोगशाला : फिर बदला भूतभावन के मंदिर में नियम

श्री पशुपतिनाथ मंदिर में अब श्रद्धालु 10 बजे तक जल चढा सकेंगे

अब श्र्रंगार भोग एवं अभिषेक इक्कीस सौ रू. में होगा

श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

मंदसौर निप्र। श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया सहित समिति के सदस्यगण एवं अधिकारीगण मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रबंधन समिति द्वारा निर्णय लिया गया की मंदिर में सुबह जल चढाने का समय 9 बजे तक था। ठंड की वजह से जिसको बढा कर जल चढाने का समय प्रातः 10 कर दिया गया है श्री पशुपतिनाथ के अभिषेक एवं पूजन क्र निश्चित किया जाना जिसमें प्रदोष काल, पंचमी एवं सोमवार पर अभिषेक मेें जल, दूध, दही, पूजन सामग्री जल का घडा आदि की मात्रा सुनिश्चित किये जाने पर 15 दिवस के पश्चात चर्चा की जायेगी। हेतु उचित निर्णय, भक्तों एवं दर्शनार्थियों 500 रू. तथा श्रृंगार भोग की राशि 2100 रू. पृथक से जमा कराए जाने पर असमर्थता व्यक्त किये जाने पर इस कार्य के लिए यह राशि का समायोजन कर एक निश्चित राशि 2100 रू निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में जुता स्टेण्ड के संबंध में एसडीओं को निर्देश दिये कि वर्तमान जुता स्टेण्ड के लिए समुचित कार्यवाही करें। माताजी मंदिर की दान पेटी सडने के कारण स्टील की नवीन दान पेटी लगाने, अतिथि गृह के 2 हाल में बेड शीट, तकिये, चादर आदि की व्यवस्था एवं साफ सफाई सुव्यव्स्थित रूप से करने, एवं मंदिर परिसर में निर्मित आराधना हॉल को प्रवचन, कथा, धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों हेतु 1100 रू प्रतिदिन के मान से निर्धारित किया गया। मंदिर में पूजन पाठ के लिए योग्यता के आधार पर पंडित की भर्ती किये जाने का निर्णय लिया गया। जिसका साक्षात्कार लिया जायेगा। बैठक में निणर्य लिया गया कि प्रतिमाह प्रवचन की व्यवस्था हो और प्रवचन के लिए प्रबुद्व संत की व्यवस्था करने। मंदिर परिसर के करीब 300 मीटर के दायरे में पर्यावरण सुधार के लिए धर्मस्व से बजट के लिए मांग पत्र भेजा जाये। बैठक में बताया गया कि आगामी शनिवार 30 दिसम्बर को शिवना नदी, संतगंण, हजारेश्वर मंदिर, माताजी मंदिर एवं रामजी मंदिर का अवलोकर एवं निरीक्षण किया जायेगा।

 

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