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पशुपतिनाथ मेले में मिली महिलाओं को प्राथमिकता

पशुपतिनाथ मेले में भूखंडों काे लेकर तीन गुना से ज्यादा आवेदन आने के बाद आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने सोमवार को मेला क्षत्र का निरीक्षण किया। मेले में 10 भूखंड महिला उद्यमी या व्यापारी के लिए तय किए हैं। यह मुद्दा भास्कर ने ही उठाया था। भाजपा पार्षद दीपिका जैन ने भी इसे लेकर नपाध्यक्ष से मांग की थी। चंदरपुरा रोड पर 70 टीन शेड दुकान, पेयजल के लिए 40 अस्थायी नल कनेक्शन, शिवना नदी में पांच फव्वारे लगाने की जानकारी निरीक्षण में दी। इस दौरान मेला सभापति संध्या शर्मा, सहायक यंत्री सुधीर जैन, जी.एल. गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।

पशुपतिनाथ मेले में कारोबार की उम्मीद में बाहर से आने वाला व्यापारी एक या दो दिन पहले ही पूरा सामान लेकर आता है। 11 नवंबर से शुरू होने वाले मेले के लिए नपा द्वारा आवेदन प्रक्रिया 9 नवंबर तक पूरी कर लॉटरी डालने की योजना है। बाहरी व्यापारी खानापूर्ति के बाद आवेदन जमा करवा भी देगा ताे स्थानीय आवेदकों की लंबी लिस्ट में उसकी लॉटरी आसानी से नहीं लगेगी। ऐसे में पूरे तामझाम के साथ आए व्यापारी कालाबाजारियों के चंगुल में फंसेंगे। नपा के पास भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। मेले को लेकर चल रही आवेदन प्रक्रिया में स्थानीय आवेदकों के आवेदन सबसे ज्यादा हैं। हर साल यही स्थिति बनती है। नपा ऐसे आवेदकों को आवेदन जमा करने से रोक भी नहीं पाती है। ऐसे में बाहर से आने वाले व्यापारी लॉटरी सिस्टम में भूखंड नहीं मिलने पर फिर भटकेंगे। अब कहा जा रहा है कि बाहरी और स्थानीय व्यापारी के लिए भी नपा भूखंड आरक्षित रखे तभी समस्या का समाधान हो पाएगा। नपा द्वारा 635 भूखंड का मेला बनाया जा रहा है। इसमें व्यावसायिक जोन की 230 दुकानाें के लिए भूखंड लॉटरी से बांटे जाएंगे।

बाहरी व्यापारी को नहीं होने देंगे परेशान

नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने कहा कि पशुपतिनाथ मेेले में बाहरी व्यापारी को किसी भी सूरत में परेशान नहीं होना दिया जाएगा। जो भूखंड जिस नाम से आवंटित हुआ है उसमें नियमों के मुताबिक उसे ही दुकान संचालित करना होगी। गड़बड़ी पर आवंटन निरस्त कर जरूरतमंद को दिया जाएगा। कालाबाजारी पर नजर रखी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया से किसी को रोक नहीं सकते

नपा के राजस्व अधिकारी अशोक रामावत ने बताया कि आवेदन प्राप्त करना खुली प्रक्रिया है। हम किसी को रोक नहीं सकते है। स्थानीय आवेदन ज्यादा है और बाहरी व्यापारियों के आवेदन कम। प्रयास होगा कि बाहर से आने वाला व्यापारी मेले में निराश न हों। दुकान लेकर कालाबाजारी करने या उसे संचालित नहीं करने वाले का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।

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