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पानपुर के जंगल में फिर जंगली जानवर की हलचल

बाजखेड़ी। लगभग पांच साल बाद फिर से पानपुर के जंगल में जंगली जानवर की हलचल बढ़ी है। ग्रामीण फिर से इस जानवर के बाघ होने का ही दावा कर रहे हैं। एक परिवार का कहना है कि वह घर के पीछे बने बाड़े तक आ गया था। अब वन विभाग फूट मार्क व अन्य चीजे एकत्र कर पता लगाएगा कि इस क्षेत्र में घूम रहा जंगली जानवर कौनसा है? पांच साल पहले भी इस क्षेत्र में एक जंगली जानवर ने सरपंच पर हमला कर दिया था।

ग्राम पानपुर में एक बार फिर जंगली जानवर की दशहत फैलने लगी है। ग्रामीण इसे बाघ ही बता रहे हैं। जंगली जानवर का डर दो-तीन दिन से ग्राम में फैल रहा है। अब रात में अकेले खेत पर भी कोई नहीं जा रहा है। ग्राम पानपुर के रामलाल बंजारा ने बताया कि सुबह छह बजे में उठा तो मेरे घर के पास जंगल में से बाघ निकल कर आ रहा था। मैं डर गया फिर बेटे अशोक को उठाया, इस तरह हमने पूरे घर वालों ने बाघ को देखा था। हम घबरा गए हमारे बकरा, बकरी, गाय, भैंस भी यहीं बंधे हुए थे लेकिन जब घरवाले बाहर निकले तो वह हमको देखकर वापस जंगल की तरफ चला गया। उसके बाद अभी चार-पांच दिन से ग्रामीणों ने बाघ दिखने का दावा किया है। उसके बाद से ही लोग पानपुर के ग्रामीण डरे हुए है।

 

जंगली जानवर लड़े भी थे खेत में

बाजखेड़ी के कोठारी धनगर का खेत भी पानपुर में हैं। धनगर ने बताया कि लगभग दो जंगली जानवर है। दोनों शेर है और रात के समय दोनों सरसों के खेत में लड़ाई लड़े। बहुत जोर से आवाज कर रहे थे। हम तो उनकी आवाज सुनकर भाग गए। सुबह देखा तो वहां पर पूरी सरसों टेढ़ी-मेढ़ी हुई थी पानपुर में आज भी रात में कोई खेत पर मोटर चलाने नहीं जा रहा है। इससे पहले 11 दिसंबर 13 में भी पूर्व सरपंच भंवरसिंह परिहार पर जंगली जानवर जिसे ग्रामीण बाघ ही बता रहे थे ने हमला कर दिया था। सिर पर पंजा लगने से वे बुरी तरह घायल हो गए थे। वन विभाग की टीम भी आई थी लेकिन उस जानवर को पकड़ने में नाकाम रही थी।

 

ग्रामीणों का कहना

– सुबह 6 बजे बाड़े में जंगली जानवर देखकर मम्मी ने उठाया कि देख तो बाड़े में कौनसा जानवर आया है। मैं उठा तो देखा कि यह तो बाघ है। मैं वापस भागा हम सब घर वाले देखने आए इतने में वह फलांग लगाकर भाग गया।-अशोक बंजारा, पानपुर

– मैं सुबह 6 बजे उठकर चाय बना रही थी तभी मेरी सास ने दौड़कर आकर बोला कि अरे देखो यह अपने बाड़े मैं क्या आया है। मैं भी देखने गई तो वह बाघ ही था।- कैलाशीबाई, पानपुर

-यह सही बात है कि जंगली जानवर बाघ ही है। यहां नदी किनारे घना जंगल है इसमें वह रह रहा है। हम लोगों को रात को खेत पर जाने में भी बहुत डर सा लग रहा है। समय रहते यह पकड़ा जाना चाहिए नहीं तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।- भंवरसिंह परिहार, पूर्व सरपंच, पानपुर

– क्या करें अब डर बहुत लग रहा है। जानवर है कभी भी किसी पर हमला कर सकता है इसलिए डर के मारे हम तो रात में खेत पर भी नहीं जा रहे हैं।- दौलतराम प्रजापत, पानपुर

रविवार को भेजेंगे टीम

– ग्राम पानपुर के ग्रामीणों ने या किसी अन्य ने भी अभी तक इस तरह की शिकायत नहीं की है। हम रविवार को ही अपनी टीम भेजकर फूट मार्क या अन्य तरीकों से पता लगाने की कोशिश करते हैं कि कौनसा जंगली जानवर घूम रहा है। बाघ के इस क्षेत्र में होने की संभावना कम ही लगती है।

– मयंक चांदीवाल, डीएफओ

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