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पानी की गुणवत्ता की जाँच के लिय पीएचई विभाग से करे सम्पर्क

मल्हारगढ़ में विकासखंड स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

मल्हारगढ़। जल प्रकृति के अमूल्य देन है वर्तमान समय में इसका संरक्षण व संवर्धन बहुत आवश्यक है। विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए चलाया जा रहा अभियान प्रशंसनीय है। शासन द्वारा पेयजल स्त्रोतो से प्राप्त पानी का फील्ड टेसिं्टग कीट के माध्यम से सतत परीक्षण हो यह सुनिश्चित किया जावे, यह कीट ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पेयजल स्त्रोतो के पानी का परीक्षण करने के लिए उपयोगी है, उक्त उद्गार उपसंचालक सामाजिक न्याय डॉ. जे.के. जैन ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मल्हारगढ़ विकासखंड की समस्त 78 ग्राम पंचायतो के सचिवो की विकासखंड स्तरीय कार्यशाला में व्यक्त कीए।

कार्यशाला का शुभारंभ डॉ. जे.के. जैन व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.एस. प्रजापति ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दिप प्रज्जवलन कर किया। इस अवसर पर विभाग द्वारा विकासखंड की समस्त ग्राम पंचायतो को फील्ड टेसिं्टग कीट उपलब्ध करवाकर, कीट के माध्यम से जल गुणवत्ता जाँच की विधि बताई गई। विभाग द्वारा जिले में मानव संसाधन विकास के अन्तर्गत कीए जा रहे जिला स्तरीय, विकासखंड स्तरीय, ग्राम पंचायत स्तरीय व ग्राम रूट वर्कर्स प्रशिक्षण कार्यक्रमो की जानकारी मानव संसाधन विकास जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता ने दी। जिले मे सूचना, शिक्षा व संचार संबंधि प्रचार-प्रसार की गतिविधियो की जानकारी जिला सलाहकार श्रीमती चस्ली बर्डे ने दी। ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजना मे जनसहभागीता सुनिश्चित करने के म.प्र. शासन के 20 जनवरी 2015 को प्रकाशित गजट की जानकारी देते हुए विकासखंड समन्वयक हर्षिता बघेरवाल ने ग्रात पेयजल उपसमिति के गठन, उसका खाता खुलवाने व नल-जल योजनाओं से संचालन संधारण की जानकारी दी।

विभाग की जिला प्रयोगशाला में किए जाने वाले पानी के 14 पेरामीटर जाँच व फील्ड टेस्ंिटग कीट के द्वारा कीए जाने वाले 8 पेरामीटर जाँच की जानकारी प्रयोगशाला सहायक श्री हस्तीमल सांखला व रसायनज्ञ श्रीमती हेमीता पण्ड्या ने दी। इस अवसर पर उपयंत्री राजेन्द्र पोरवाल, विजय कुमावत, एस.एल. सहित सचिव व ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित थे।

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