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पिपलियामंडी मे हालात बेकाबू – कार आग के हवाले, पथराव में सब इंस्पेक्टर भी घायल

Story Highlights

  • पुलिस बनी रही मूकदर्शक, देर रात्रि तक जमे रहे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने छोड़े 5 अश्रुगैस के गोले, तीन वाहनों में लगाई आग

पिपलियामंडी। किसानों का आंदोलन अब हिंसक रूप ले रहा है। अभी तक दूध विक्रेताओं व सब्जी विक्रेताओं को रोक रहे किसान सोमवार को राजमार्ग पर उतर आए। दलौदा में महू-नीमच राजमार्ग पर 9 घंटे से जाम लगा हुआ है और किसान अपनी मांगें पूरी हुए बिना हटने को तैयार नहीं हैं। यहां फोरलेन पर दोनों तरफ 10-10 किमी लंबी लाइन लग गई है। इसके अलावा शाम को पिपलियामंडी में किसान और व्यापारी आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों में झूमाझटकी भी हुई। बाद में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसु गैस के गोले भी छोड़े। मंदसौर सहित जिले के कई नगर व कस्बे मुकम्मल बंद रहे। मल्हारगढ़ में भी किसानों ने हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की। सीतामऊ, गरोठ, शामगढ़, सुवासरा सहित लगभग पूरे जिले में किसानों के रूप में भीड़ ने उत्पात मचाया।

नगर सहित अंचल में किसानों का आंदोलन पांचवें दिन उग्र हो गया, आगजनी तोडफ़ोड़, पथराव, मारपीट, आगजनी की कई घटनाएं हुई और हालात बेकाबू हो गए। पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन मूकदर्शक बना रहा। दमकलों ने पहुंच आग पर काबू पाया। देर शाम तक पिपलिया में हुड़दंग होती रही, इस बीच अफ वाह का दौर भी जारी रही। पथराव में एक सबइंस्पेक्टर सहित 3 पुलिसकर्मी व 3 लोग घायल हुए है। आगजनी व तोडफ़ोड़ में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए पुलिस ने 2 रांउड में पांच अश्रु गैस के गोले भी छेाड़े। लेकिन प्रदर्शनकारी डटे रहे।

इससे पहले दोपहर में किसान हाथों में  लठ व पत्थर लेकर सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह बंद दुकानों पर भी तोड़-फोड़ की। बस स्टेण्ड पर स्थित अनिल जैन की दुकान पहुंचे, यहां जैन के मकान-दुकान एक ही होने से वे आ-जा रहे थे, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पहुंच दुकान में तोडफोड़ की, सीसी कैमरे, गमले, बोर्ड लाइटें आदि सामन तोड़-फोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने गांधी चौराहे पर बंद दुकानों पर तोडफ़ोड़ की, दुकानों के बाहर लगे पंखे, लाइटें, बोर्ड आदि फोड़ दिए। जब दुकानदारों ने विरोध तो आमने-सामने की स्थिति हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया इस दौरान किसानों व व्यापारियों के बीच पथराव हुआ। यहां कुछ किसानों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई। इसके बाद किसान और उग्र हो गए और उन्होंने पथराव शुरु किया। घटना में खेड़ाखदान के दिनेश (32) पिता अशोककुमार के हाथ, सिद्धार्थ (16 ) पिता राजकुमार व निर्भयसिंह (40) पिता मांगीलाल के सिर में चोंटे आई, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए ले गए। वहीं उपनिरीक्षक आशीष परिहार, पुलिसकर्मी मोहनसिंह सोलंकी, प्रमोदसिंह तोमर को पैर संजय कर्णिक को सिर में चोट आई। इसमें से संजय को मंदसौर जिला अस्पताल रैफर किया। माहौल खराब होने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल भी पहुंचा, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

सुबह से ही नगर में शुरु हो गया था हुडदंग

किसानों ने सुबह से जहां-जहां दुकानें खुली दिखी, वहां-वहां पहुंचकर तोड़-फोड़ की, लवली चौराहे पर सिलेक्शन सेण्टर दुकान परिसर में हाथ ठेलागाड़ी व लकड़ी डालकर आग लगा दी। इसके आगे जैन केटरर्स पर पर शेड के नीचे पड़े सामान में आग लगा दी। जैन स्थानक के सामने केबलें, पाइप डालकर आग लगाई। टीलाखेड़ा बालाजी मंदिर के सामने दोनों मार्ग पर सामान, टायर डालकर आग लगा दी। जगह-जगह टेबलें कुर्सियां लगाकर रास्तें भी रोक दिए, कृषि मंडी के आगे हार्डवेयर की दुकान का सामान सलिये आदि सड़क पर रखकर मार्ग रोक दिया, आधा किलोमीटर तक मार्ग पत्थर ईंटों व सामान से पटा रहा। चौपाटी पर निकल रही केले, आम की ट्रकें रोकी व तोड़कर कर नुकसान पहुंचा। आगजनी बुझाने पहुंची नपा की फायर बिग्रेड के कांच भी फोड़ दिए। नगर परिषद् द्वारा डिवाइडर पर रखे गमले भी तोड़ दिए, चलित सार्वजनिक मूत्रालय भी सड़क पर फेंक दिए। सड़क पर लोहे के सलिये डालकर सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। नगर में पूरी तरह अराजकता का माहौल रहा, पुलिस मूकदर्शन बनी रही, देर शाम अतिरिक्त पुलिस बल आगे बढ़ा और प्रदर्शनकारियों का मुकाबला किया, हालांकि प्रदर्शनकारी सक्रिय रहे, समाचार भेजे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण रही, किसान के साथ मारपीट करने वाले दुकानदारों के यहां किसान टारगेट बनाकर तोड़-फोड़ व आगजनी कर रहे थे। रात्रि 9.30 बजे प्रशासन ने मुनादी कराई, जिसमें कहा कि प्रदर्शनकारी व आमजन अपने-अपने घर में रहे। बाहर नही निकले। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तीन चार पहिया वाहनों में भी आग लगा दी। कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद्र ने किसानों से शांति की अपील की।

 

कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाईकी जाएगी। उन्हें कतई नहीं बख्शा जाएगा। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव उपाय किए गए है। जिले भर में पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात है। पिपलियामंडी में उग्र लोगों ने माहौल बिगाडऩे का प्रयास किया। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स यह तैनात की गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

टीआई अनिलसिंह ठाकुर का कहना है स्थिति सामान्य हो गई है, कुछ लोगों को टारगेट बनाकर तोडफ़ोड़ की जा रही थी, वहां पुलिस बल तैनात कर दिया है। एसडीएम श्रवण भंडारी का कहना है स्थिति को काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है, पुलिस बल तैनात है, स्थिति संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है।

शांतिपूर्ण तरीके से कर रहे प्रदर्शन
किसान नेता रविंद्र पाटीदार ने कहा कि किसानों द्वारा शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन किया जा रहा है। जो हुडदंग कर रहे है वह हमारे यूनियन के सदस्य नहीं है। यूनियन के जिलाध्यक्ष भगत सिंह बोराना ने कहा कि 10 जून तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। किसानों द्वारा शांति से प्रदर्शन किया जा रहा है। यदि हमारे मांगे नहीं मानी तो 12 जून से उग्र आंदोलन किया जाएगा। असामाजिक तत्व हुडदंग कर रहे है। इनका हड़ताल और यूनियन से कोई संबंध नहीं है।

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