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पीएचक्यू में अटकी पशुपतिनाथ चौकी की स्वीकृति

श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर क्षेत्र में पुलिस चौकी खोलने के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल तक प्रस्ताव तो पहुंच गया है पर वहां से स्वीकृत नहीं हो पाया है। इसके चलते यहां के लिए अलग से स्टाफ भी नहीं बन पाया है। कुछ समय पहले मंदिर के सामने पुलिस सहायता केंद्र का शुभारंभ किया गया था किंतु पुुलिस जवान के यहां नहीं रहने से इसका कोई उपयोग ही नहीं हो रहा है। शहर कोतवाली क्षेत्र में बीते साल दर्ज हुए औसत 800 अपराधों में से लगभग 200-250 अपराध प्रस्तावित पशुपतिनाथ पुलिस चौकी क्षेत्र में ही हुए है।

पशुपतिनाथ मंदिर के सामने लंबे समय से बंद पड़ी दोस्त पुलिस चौकी को पूर्णतः चौकी के रूप में चलाने के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। इस बार अक्टूबर में पुलिस मुख्यालय भोपाल से आगे रहकर जानकारी मांगी गई। तीन माह बाद भी स्वीकृति पुलिस मुख्यालय में ही अटकी हुई है। इसकी जगह जून 16 में इसी भवन में पुलिस सहायता केंद्र का शुभारंभ किया गया। स्थायी रुप से पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की जा सकी। पशुपतिनाथ मंदिर में चौकी स्थापित करने के लिए पूर्व में भी कई बार प्रस्ताव भेजे गए लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। अक्टूबर 16 में फिर से भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (योजना) द्वारा जानकारी मांगी गई। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी तीन माह गुजरने के बाद भी पुलिस चौकी को स्वीकृति का इंतजार है।

पहुंचने में लग रहा समय
चौकी क्षेत्र में प्रस्तावित सभी क्षेत्रों की दूरी कोतवाली से 4 किमी है। इनकी जनसंख्या 500 से 3000 तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2015 में कोतवाली में 733 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2016 में 750 में से 210 अपराध चौकी अंतर्गत क्षेत्रों में ही हुए जबकि कोतवाली क्षेत्र की जनसंख्या 1.70 लाख है। वहीं प्रस्तावित चौकी क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्रों में कुल जनसंख्या 10 हजार के आसपास है। सबसे बड़ी बात यह है कि कोतवाली से चौकी की दूरी चार किमी है जबकि अपराध के बाद अंदरुनी गलियों तक पहुंचने के लिए कोतवाली से संकरी गलियों व व्यस्ततम मार्ग से होकर जाना पड़ता है। इसमें समय लगता है।

यह है प्रस्तावित चौकी के क्षेत्र
शहर कोतवाली का क्षेत्रफल 100 वर्ग किमी फैला हुआ है। पशुपतिनाथ मंदिर पर धार्मिक आयोजनों और मेले के दौरान कोतवाली के साथ अतिरिक्त बल तैनात किया जाता है। कोतवाली द्वारा तैयार की गई सूची में चौकी के लिए एक एसआई, दो एएसआई, चार प्रधान आरक्षकों और आठ आरक्षकों की मांग की गई है। चौकी क्षेत्र के अंतर्गत खिलचीपुरा, जैतपुरा, मोहम्मदपुरा, नालछा, चंदरपुरा, सुदर्शन कॉलोनी, पशुपतिनाथ मंदिर परिसर शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

2800 पर एक पुलिस वाला
शहर कोतवाली में एक टीआई, आठ एसआई, 10 एएसआई, 6 प्रआ और 35 आरक्षक तैनात है। जबकि एसआई के 2, एएसआई के 3, प्रआ के 6 और आरक्षक के 12 पद रिक्त है। इस तरह से 2833 पर एक पुलिस जवान तैनात है। कहीं भी घटना होने के बाद वायडी नगर, नई आबादी या पुलिस लाइन का बल बुलाना पड़ता है। जिसे चौकी क्षेत्रों तक पहुंचने में ज्यादा दूरी तय करना पड़ती है।

अभी कोई निर्देश नहीं मिले
– मंदिर में पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है। बल की कमी के कारण सहायता केंद्र पर 24 घंटे पुलिस बल तैनात रखना मुश्किल है। प्रस्ताव मेरे आने से पहले बनाकर भेजा गया था। उसके बाद कोई निर्देश नहीं मिले।

-नरेंद्रसिंह ठाकुर, टीआई, शहर कोतवाली

इस तरह बढ़ रहे प्रस्तावित चौकी क्षेत्र में अपराध
विवरण-2011-2012-2013-2014-2015
भारतीय दंड विधान-42-43-55-85-125
लघु अधिनियम-14-21-25-38-40
धारा 110 दप्रस-16-20-22-26-31
धारा 107, 116(3)-56-58-62-65-68

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