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पुरानी पीआईसी ही रहेगी यथावत, तीन नये सदस्यों ने सौंपे इस्तीफे, एक निर्णय से अनभिज्ञ

मामला – नई पीआईसी का, संतुष्टों की हुई बल्ले बल्ले

मंदसौर। नगर पालिका के अध्यक्ष ने विगत् दिनों नई पीआईसी का गठन कर जो विवाद उत्पन्न किया था और इस विवाद को लेकर नपा में भाजपा के नौ असंतुष्ट पार्षदों ने लामबंद्ध होकर अपना विरोध प्रकट करते हुए अपनी भावनाओं से प्रदेश संगठन को अवगत करा दिया था। विगत् दिनों पीआईसी को लेकर नगर के चौक चौरहों पर भिन्न भिन्न चर्चाओं का दौर चल रहा था। संगठन स्तर पर भी चिंतन और मनन का निरंतर हो रहा था और आखिरकार शनिवार को विभिन्न चर्चाओं और कयासों को विराम लग गया। जब भाजपा संगठन ने पुरानी पीआईसी को ही यथावत रखने पर हामी भर दी। विगत् एक पखवाड़े से अधिक चले इस घटनाक्रम में रोज नये नये बातें सामने आ रही थी। कई बार यह लगता कि जिन तीन सभापतियोें को नहीं बदला उनके इस्तीफे लिये जायेगे कभी लगता कि फिर से नई पीआईसी गठित कि जायेगी। लेकिन शनिवार को सारी अटकलों पर विराम लग गया।

शनिवार सुबह से ही खबरें आने लगी थी कि आज इस पूरे मामले का पटाक्षेप हो ही जाएगा। लेकिन जानकारों को लग रहा था कि चार नये सभापति तो यथावत रहेगे तीन पुरानों को बदल दिया जाएगा। लेकिन हुआ बिल्कुल उलट पार्टी आलकमान ने कहा कि अभी नगर पालिका की पुरानी पीआईसी को ढाई वर्ष नहीं हुए हैं इसलिए इसे यथावत रखा जाएगा।

यह है पूरा घटनाक्रम
17 अप्रैल 2018 को नपाध्यक्ष ने अपने 7 सभापतियों में से 4 को बदलकर एक का विभाग बदल दिया था। नये सभापतियों में विद्या दशौरा, दीपिका जैन, राम कोटवानी और निरांत बग्ग्गा थे वहीं विनोद डगवार का विभाग बदल दिया गया था एवं पुलकित पटवा और विक्रम भैरवा को यथावत रखा गया था। 3 मई को मंदसौर में भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें भी सभापति बदलने की बात उठी थी और संभागीय संगठन मंत्री प्रदीप जोशी ने नगर के भाजपा संगठन और जनपं्रतिनिधियों से अलग अलग चर्चा कर इस पूरे मामले पर सबकी रॉय ली थी व यह कहा था कि नई पीआईसी को लेकर उनजे विवाद के सकारात्मक परिणाम शीघ्र सामने आएंगे जो शनिवार को आ ही गये।

शनिवार को सौंपे तीन नवनियुक्त सभापतियों ने इस्तीफे
जिन चार नये सदस्यों को नपा की पीआईसी में लिया गया था उनमें से तीन विद्या दशौरा, दीपिका जैन और निरांत बग्गा ने अपने अपने इस्तीफे नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार को सौंप दिये। इस्तीफे देने में जहॉ विद्या दशौरा, निरांत बग्गा स्वयं थे तो वहीं दीपिका जैन की तरफ से उनके पति निलेश जैन इस्तीफा देने पहुंचे। एक और नये सदस्य राम कोटवानी ने शनिवार शाम तक इस्तीफा नहीं दिया था।

ढाई वर्ष का समय पूरा नहीं हुआ
पूर्व में ही तय हो गया था कि ढाई वर्ष में पीआईसी बदली जाएगी अभी पुरानी पीआईसी को ढाई वर्ष नहीं हुआ। इसलिए इसे ही यथावत रखा जाएगा, नपाध्यक्ष को निर्णय के बारे में बता दिया गया है – देवीलाल धाकड़, जिलाध्यक्ष भाजपा

मुझे कोई जानकारी नहीं है
पीआईसी को लेकर पार्टी संगठन ने क्या फैसला लिया है इसे लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं है – राम कोटवानी, नई पीआईसी के सदस्य

स्वेच्छा से दिया इस्तीफा
लगातार नई पीआईसी के घटनाक्रम को लेकर हमारी वजह से हमारी पार्टी व संगठन को नीचा देखना पड़ रहा था। ऐसा पद लेकर क्या काम। इसलिए हमने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है ताकि पार्टी का संकट खत्म हो सके। और काम करना है नगर का विकास करना है जो हम करते रहेगे – विद्या दशौरा, सदस्य , जिन्होने इस्तीफा दिया

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