Breaking News

पुलिस अधिक्षक ने किया था कांग्रेस जिलाध्यक्ष से दुर्व्यवहार जिलाध्यक्ष ने लिखा कप्तान को खुला पत्र, घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस में हलचल, दिग्गज नेता चुप

Hello MDS Android App

मंदसौर। विगत् 13 जून 2018 को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रातडिया ग्राम ऐरा के कुछ नागरिकों के साथ पुलिस अधिक्षक मनोज सिंह से मिलने गए थे। मुलाकात के दौरान पुलिस अधिक्षक मनोजसिंह ने श्री रातडि़या दुर्व्यहार किया था और उन्हें कार्यालय में नेतागिरी नहीं करने को कहा। बात इतनी बढ़ गई थी कि एसपी के गार्ड ने श्री रातडिया का हाथ पकड़कर उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने लगे हालांकि बाद मे एसपी ने उसे रोक दिया।

 

घटना के चार दिन बाद तक जिला कांग्रेस द्वारा उनके जिलाध्यक्ष के साथ किए दुर्व्यहार के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसके बाद श्री रातडि़या ने रविवार 17 जून को एसपी मनोजसिंह को एक खुला पत्र लिखा जिसे मीडिया को भी दिया गया। पत्र में श्री रातडि़या ने अपनी बात कही और लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए उनका पक्ष भी जाना।

 

कांग्रेस की तरफ से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
13 जून को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रातडि़या के साथ जो भी हुआ। उस घटनाक्रम के बाद न तो कांग्रेस के जिले के किसी बड़े नेता की कोई प्रतिक्रिया श्री रातडिया के पक्ष में आई और नाही जिले में कांग्रेस की कर्ता धर्ता माने जानी वाली मिनाक्षी नटराजन ने इस मामले में अपनी को प्रतिक्रिया जाहिर कि।

 

श्री रातडि़या द्वारा एसपी को लिखे पत्र का सारांश: पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार सिंह के नाम खुला पत्र

 

दिनांक 13 जून 2018 को ग्राम ऐरा (तहसील सीतामउ) के लगभग 50 लोग मुझसे आकर मिले और पुलिस विभाग से संबंधित उनकी समस्या के बारे में साथ चलकर पुलिस अधीक्षक महोदय से भेंट करवाने का अनुरोध किया। इस पर से मैने आपसे लगभग 12 बजे फोन पर सम्पर्क किया और मिलने का समय पुछा। आपने कार्यालय में आ जाने के लिये कहा। मै दोपहर 12.20 बजे ब्लाक कंाग्रेस नाहरगढ के अध्यक्ष श्री समरथ गुर्जर और उक्त 50 ग्रामीणों के साथ आपके कार्यालय में आकर आपसे मिला।

 

ग्राम ऐरा में 15 मई 2018 को लापता हुए जगदीश पिता उदयराम बलाई का शव 16 मई को कुऐ के पास मिला था। शव पर चेहरे पर चोंट के निशान थे, खुन निकल रहा था जो फोटो में स्पष्ट दिखते है। लगभग एक माह बीतने पर भी इस मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ था। इस कारण ग्रामवासी हत्या का प्रकरण दर्ज करने का निवेदन करने आपसे मिले थे। आपने इस मुलाकात में दो-तीन मिनिट बात शांति से सुनी और कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का तथ्य प्रकट नहीं हो रहा है, विसरा रिपोर्ट आने पर प्रकरण दर्ज करने के बारे में निशचय किया जायेगा।

जब ग्रामीणों ने यह बताना चाहा एक पुलिस अधिकारी इस प्रकरण के संदिग्ध आरोपी का रिशतेदार है तो आपने अचानक रोष में कहा कि मुझे कुछ नहीं सुनना है जाइये, नेतागिरी मत करो। जब आपसे यह अनुरोध किया गया कि जहां लोकतंत्र है वहां नेतागिरी है, नेतागिरी पर कोई आपत्ती नहीं होनी चाहिये, आपसे यह भी कहा कि ग्रामीणों की बात सुन लीजिए जो तथ्य बताये जा रहे है, कृपया उनकी जांच करने का कष्ट करें। जिन लोगों ने शव पर चोंट के निशान देखे है उनके कथन लिये जाये तो आपने एक ही बात कही मुझे कुछ नहीं सुनना है। वहां मौजुद मिडियाकर्मियों को भी आपने रोषपूर्ण लहजे में बाहर जाने को कहा।

आपके मन्दसौर पदस्थ होने के बाद अनेक बार आपसे भेंट के अवसर आये किन्तु आपने सदैव सम्मानपूर्ण व शिष्टाचार से बातचीत व व्यवहार किया किन्तु यह पहला अवसर था कि आपने अनपेक्षित व्यवहार किया।

 

लोकतंत्र में यदि अधिकारी/जनप्रतिनिधि/राजनैतिक दलो के पदाधिकारियों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करेंगें तो लोकतंत्र की श्रेष्ठता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जायेगा। इस सारे घटनाक्रम से कंाग्रेसजनों, लोकतंत्र के समर्थकों व आम नागरिकों में भारी रोष है और हर कोई इसका गांधीवादी शांातिपूर्ण तरीके से प्रतिकार करना चाहता है। मेंरा आपसे अनुरोध है कि इस घटनाक्रम के बारे में आपके पक्ष से अवगत करावे, ताकि जिले में लोकतंत्र की महान परम्परा का पालन करते हुए प्रशासन, राजनीति और प्रेस के बीच जो सौजन्यता व सम्मानपूर्ण व्यवहार की परम्परा है वह यथावत रह सके।

पुलिस अधिक्षक ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से की बहस, एक मामले में उन पर राजनीती करने के आरोप लगाये

पुलिस अधिक्षक ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से की बहस, एक मामले में उन पर राजनीती करने के आरोप लगाये व मीडिया को बहार निकला जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री रातडिया द्वारा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हवाला देने के बावजुद एसपी द्वारा उन्हें बाहर निकालने एवं मौजुद इलेक्ट्रानिक्स मिडीया व प्रिंट मिडीया के प्रतिनिधियो को अपमानित भाषा में बाहर निकलने को कहा।

Posted by Hello Mandsaur.Com on Monday, 18 June 2018

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *