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पुलिस की दबिश में बांछड़ा डेरों पर की गई कार्यवाही मे आया नया मोड़

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मंदसौर। पुलिस की दबिश में बांछड़ा डेरों से बरामद की गई 9 वर्षीय बालिका को लेकर मंगलवार को भी बाल कल्याण समिति में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। बालिका के माता-पिता को पुलिस ने झाबुआ जिले के मेघनगर में खोज तो लिया था, पर वे समिति के सामने कई आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए जिससे यह साबित हो सके कि बालिका उनकी बेटी है। इनमें आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र सहित अन्य कागजात शामिल है। मंगलवार को दोनों पक्ष और वकील भी समिति के समक्ष पहुंच गए थे, पर कागजातों की कमी के बाद आवेदन भी नहीं दिया। इससे यह मामला उलझा हुआ है कि बालिका की खरीद-फरोख्त हुई है या फिर गोद दिया गया है।

महू-नीमच राजमार्ग पर बांछड़ा डेरों पर दबिश के बाद छुड़ाई गई 6 नाबालिगों में से एक की खरीद-फरोख्त की शंका का समाधान मंगलवार को भी नहीं हो पाया। उसे गोद लेने का दावा करने वाली बांछड़ा समाज की महिला, बालिका के माता-पिता और वकील भी बाल कल्याण समिति कार्यालय पहुंचे। समिति सदस्यों ने बालिका के माता-पिता से आवश्क दस्तावेज मांगे। इसमें बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण कागजात शामिल थे, जिससे यह साबित होता हो कि बालिका उनकी पुत्री है, पर वे ऐसे कोई कागजात पेश नहीं कर पाए। इसके बाद बालिका को अपनी सुपुर्दगी में देने के लिए दोनों ही पक्षों ने आवेदन नहीं दिया और लौट गए। अब वे फिर से कागजात पूरे होने के बाद ही समिति के समक्ष आ पाएंगे।

पुलिस की जांच जारी, अभी तक मिले तथ्य से बेचने की शंका मजबूत

पिपलियामंडी टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि बालिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है। और अभी तक जो भी तथ्य मिले हैं, उससे बालिका की खरीद-फरोख्त की शंका मजबूत होती जा रही है। बालिका के पिता की माली हालत काफी खराब होने के बाद भी 50 हजार रुपए में शोरूम से मोटरसाइकल खरीदना भी हमारी शंका को पुख्ता कर रहा है, पर गोदनामे के कागजात भी पूरी तरह से कानून के मुताबिक बनाए गए हैं, इसलिए इस मामले में और गहराई से जांच कर तथ्य एकत्र कर रहे हैं। मंगलवार को भी बाल कल्याण समिति के आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं करने पर कोई निर्णय नहीं हो पाया।

पुख्ता सबूत पेश होने पर ही होगा निर्णय

बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि बालिका को लेकर कोई पुख्ता सबूत पेश करने के बाद ही निर्णय होगा। मंगलवार को भी समिति सदस्यों के समक्ष बालिका का पिता आवश्यक कागजात पेश नहीं कर पाया। इनमें बालिका का जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज हैं। माता-पिता से समिति सदस्यों ने यही कहा कि जब तक दस्तावेज पेश नहीं करते कैसे मान लें कि आप ही माता-पिता है।

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