Breaking News

पौधों का भुगतान नहीं होने पर परेशान नर्सरी संचालक ने मांगी आत्महत्या की अनुमति

जनपद अध्यक्ष चंद्रावत पर कमीशन मांगने का लगाया आरोप

मंदसौर। जिले के गरोठ तहसील के धामनिया झाली के निवासी महावीर बैरागी अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करना चाहता है। विगत् दिनों जनसुनवाई में भी उसने कलेक्टर के नाम आवेदन देकर आत्महत्या करने को स्वीकृति प्रदान करने की मांग की थी। पीडि़त मनोहर बैरागी ने बताया कि धामनिया झाली में एक नर्सरी संचालित करता हॅू। विगत् वर्ष 2017 में हुए पौधारोपण परियोजन के अंतर्गत मैंने जनपद पंचायत गरोठ की 56 पंचायतों को लगभग 12 लाख रूपये के पौधे दिए थे। मुझे पंचायतों के सचिव व सरपंच ने कहा कि शासन से पैसा आने पर 15 से 20 दिनों में भुगतान कर देगे। इसके बाद दो तीन माह तक मुझे भुगतान नहीं किया गया। बार बार चक्कर काटने के बाद 56 पंचायतों में से 10 पंचायतों ने मुझे पेमेन्ट किया जिसमें मेरे पास कुल 2 लाख रूपये आए। इसके बाद आज तक मुझे कोई भुगतान नहीं किया गया।

जिला पंचायत सीईओं से किया था सम्पर्क
बैरागी ने बताया कि उसने तत्कालिन जिला पंचायत सीईओ डॉ पंकज जैन से भी उक्त मामले में मुलाकात कर भुगतान करवाने को कहा था लेकिन जैन ने भी उन्हें संतोषप्रद जवाब नहीं दिया था।

दिया था आत्महत्या का आवेदन
भुगतान नहीं होने की वजह से बैरागी के उपर काफी कर्ज हो गया था वह जहां से पौधे मंगवाता था उसका भी पेमेन्ट वह नहीं कर पा रहा है। आज की स्थिति में उसकी नर्सरी बंद हो चुकी है और वह संड़क पर आ गया है। विगत् 7 जुलाई को उसने जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम आत्महत्या करने देने की की मांग की थी।

जनपर अध्यक्ष मांग रहा है कमीशन
महावीर बैरागी ने बताया कि उन्होने पंचायतों को पौधों कम दाम में ही दिए थे कोई अतिरिक्त रूपये लगाकर नहीं दिए थे। अब एक वर्ष बाद जनपद पंचायत गरोठ अध्यक्ष भगवानसिंह चन्द्रावत मुझसे कह रहा है कि पंचायतों से पेमेन्ट करवा दूंगा लेकिन मुझे कमीशन चाहिए। अब मैं कमीशन कहा से दूॅ मैं तो बर्बाद हो चुका हूॅ।

मंगलवार को मिले कलेक्टर से
कहीं से कोई संतोषप्रद कार्यवाही नहीं होने के कारण महावीर बैरागी मंगलवार 31 जुलाई को युवा कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष सोमिल नाहटा के साथ कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव से मिले और कलेक्टर ने तत्काल जिला पंचायत सीईओ आदित्यसिंह को फोन लगाकर उक्त पंचायतों के सचिव से मामले को लेकर बात कर उचित कार्रवाई करने को कहा और बैरागी को आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई की जाएगी आप आत्महत्या जैसी बात न करें।

महावीर बैरागी तो सिर्फ मध्यस्थ था
यह बात सच हैं कि पौधों को भुगतान करने में पंचायतों ने देरी कर दी थी। महावीर बैरागी सिर्फ मध्यस्थ था पौधे सप्लाय तो सीतामउ की ज्योति सेन ने किये थे पैसा उनका का है। उनकी ही नर्सरी रजिस्ट्रर्ड है। बैरागी तो सिर्फ गरोठ में छोटी सी नर्सरी चलाता हैं इसलिए हमने इसे बीच में डाल दिया था कि यह पौधों की देखभाल कर लेगा और कुछ भुगतान इसे ज्योति सेन कर देगी। लेकिन महावीर बैरागी ने लगभग दो लाख रूपये पंचायतों से उगा लिए है और ज्योंति सेन को नहीं दे रहा है। इसमें हमारा कोई रोल नहीं है। ज्योति सेन को पंचायतों से जैसे जैसे भुगतान आ रहा है वैसे वैसे करवाया जा रहा है। – भगवानसिंह चंद्रावत, अध्यक्ष, जनपद पंचायत, गरोठ

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts