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प्रतिबंधित सिंथेटिक सामग्री से बने डोर(मांझा) पतंग स्ट्रिंग बेचने वालो पर हुई कार्यवाही

मंदसौर। जिला मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के प्रावधानो को लागू करते हुये नायलान या किसी गैर सिंथेटिक सामग्री से बने डोर (मांझा) पतंग स्ट्रिंग पर प्रतिबंध के आदेश दिये थे। क्योंकि यह नायलॉन, चीनी और कपास के साथ लेपित मांझा कांच के साथ बनाया जाता है जो मनुष्य, पक्षियों और जानवरों के लिये खतरा बन गया है, साथ ही पर्यावरण के लिये भी हानिकारक है। अतः सिंथेटिक सामग्री, मांझा के विनिर्माण बिक्री, भंडारण, दुकानो में खरीद और उपयोग पर प्रतिबंधित लगाया गया था। आदेश का उल्लघंन करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 188 के तहत कार्यवाही के आदेश दिये गये थे।
भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 का उल्लंधन एक संज्ञेय तथा अजमानती अपराध है। इस तरह के मामले में पुलिस को जमानत देने का कोई अधिकार नहीं है। इसमें संबंधित मामले का न्यायालय ही जमानत दे सकता है। अर्थात यह एक गंभीर किस्म का अपराध है।

इन पर हुई कार्यवाही
मंकर संक्रांति पर्व पर नॉयलान, चीनी और कपास के साथ लेपित मांझा कांच तथा सिंथेटिक सामग्री, मांझा के विनिर्माण, बिक्री, भण्डारण, खरीद और उपयोग पर प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लघंन फलस्वरूप थाना वायडी नगर मंदसौर के मिरदाद खान, कुशाल राठोड एवं असलम खां, थाना शहर कोतवाली मंदसौर के पुष्कर गर्ग एवं लवेश सिंहल, थाना नई आबादी मंदसौर के आशीष त्रिवेदी द्वारा आदेश का उल्लंघन किये जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

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