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प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान हुए अंतिम यात्रा मे शामिल

मंदसौर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान शुक्रवार को मंदसौर पहुंचे। इसके साथ ही बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष राकेशसिंह भी पहुंचे। पार्टी के दोनों बड़े नेताओं के अलावा कई अन्य नेता और पदाधिकारी भी यहां पहुंचे और बंधवार की अंत्येष्ठि में शामिल होकर उन्हें श्रंद्धाजलि दी। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की अंतिम यात्रा करीब ढाई घंटे तक शहर में भ्रमण करने के बाद जब मुक्तिधाम क्षेत्र में पहुंची तो वहां से कुछ दूरी पहले शिवराज भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

यहां से वह मुक्तिधाम तक साथ चले। शिवराज के अलावा बंधवार को अंतिम विदा देने कई बड़े नेताओं के साथ ही हजारों की संख्या में शहरवासी भी शामिल हुए। अंतिम यात्रा नगर पालिका के सामने से होकर भी गुजरी। जहां से बंधवार ने पहले पूर्व व वर्तमान दोनों कार्यकाल में शहर के लिए कई काम किए और लोगों को सुविधाएं देने का काम शहर में किया। जावरा से शिवराज के साथ वहां के विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय भी उनके साथ मंदसौर पहुंचे।
शिवराज ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर बंधवार को श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए परिजनों को ढंांढस बंधया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की गोली मारकर हत्यार करने वाला आरोपी मनीष बैरागी की भले ही पुलिस को तलाश हो। लेकिन मनीष खुद नपाध्यक्ष बंधवार के अलावा विधायक यशपालसिंह सिसौदिया सहित भाजपा के अन्य नेताओं का करीबी रहा है और पिछले समय में हुआ चुनावों में उनके साथ भाजपा के लिए काम करता नजर आया है। आपराधिक पृष्ठभूमि का होने के बाद भी बंधवार सहित भाजपा के अन्य नेताओं का करीबी रहा है।

मंदसौर नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मैं इस मामले में कोई राजनीतिक नहीं करना चाहता। कमलनाथजी ने जो कहा कि यह भाजपा का अंदरुनी मामला है। वह गलत है। हत्या किसी दल से जुड़ी नहीं होती। हत्या हत्या होती है और दोषी-दोषी होता है। एक जननेता की हत्या हुई है। इसके षड्यंत्र के पीछे कोन है। यह पता लगना चाहिए। इसलिए उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा हूं। सत्ता नहीं है।

इसलिए उनके बारें में कुछ नहीं कहना, लेकिन उन्होंने यह पार्टी का अंदरुनी मामला बताकर गलत किया है। मेरे पास जनता का विश्वास और भरोसा है और इसी के बल पर मैं जनता के लिए संघर्ष करुंगा। संघर्ष का माद्दा मुझमें है। बंधवार के हत्यारों को जल्द और कड़ी सजा मिलें। यह हमारा संकल्प है।
उन्होंने कहा कि मंदसौर ने एक ऐसा जननेता खोया है जो सबके दिलों में राज करता था। हर शहरवासी उन्हें प्यार करता था। चाय की दुकान गुमटी चौपाल और गरीब वर्ग के लिए खड़ा होने वाले जनसेवी और लोकप्रिय नेता की हत्या हुई है। वह दूसरी बार नपाध्यक्ष बने थे। आज उन्हें श्रंद्धाजलि देने पूरा शहर यहां मौजूद है। यह एक अपूर्णनीय क्षति है। इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। बड़े गौर से सुन रहा था जमाना तुम ही सो गए दास्ता कहते कहते। हम संकल्प लेते है। हत्यारे सजा पाए। कड़ा दंड उन्हें मिलें। कोई कसर नहंी छोड़ेगे। यह साधारण घटना नहीं। सरकार सबकी होती है। इसको ऐसा रंग नहीं देना चाहिए। हत्या- हत्या होती है। ऐसी सजा मिले की फिर सरेआम किसी और की हत्या नहंी हो। उच्चस्तरीय जांच की मांग। अन्याय हो तो संघर्ष करने का माद्दा है। जब तक सांस रहेगी। जनता के लिए संघर्ष करुंगा।

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