Breaking News

प्रबंध समिति के निर्णय के विरोध में : आज शिवभक्त देंगे धरना

मामला – सावन मास में भूतभावन भगवान पशुपतिनाथ महादेव को जलाभिषेक से दूर करने का

मंदसौर। विश्वविख्यात भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव के प्रिय सावन माह में भगवान की प्रतिमा पर अभिषेक करने पर लगे प्रतिबंध के विरोध में आज 23 जुलाई सोमवार को प्रातः कालिन आरती मंडल सहित समस्त शिवभक्तों द्वारा प्रातः 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक गांधी चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा है।

मंडल के संरक्षक दिलीप शर्मा, नपाध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार, प्रवक्ता जगदीश पुरसवानी और उमेश परमार ने बताया कि विगत् दिनों प्रबंध समिति द्वारा एकतरफा निर्णय लिया गया कि सावन माह में शिवभक्त भगवान को न तो स्पर्श कर पायेंगे और न ही अभिषेक, पूजन,अर्चन कर पायेगे। इस एकतरफा निर्णय के विरोध में सभी शिवभक्तों में भारी रोष व्याप्त हैं, क्योंकि श्रावण मास में दूर दूर से श्रद्धालुओं दर्शन व अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए आते है। वहीं कावड़ यात्रियों का सैलाब उमड़ता है। ऐसे में सभी शिव भक्तों की भावना आहत होगी। प्रबंध समिति के हठधर्मी और तुगलकी निर्णय के विरोध में यह धरना प्रातः कालिन आरती मंडल के बैनर तले सभी शिवभक्तों द्वारा किया जायेगा। श्री बंधवार ने नगर के सभी शिवभक्तों से आव्हान किया है कि उक्त धरने में सम्मलित होकर शिवभक्त होने का परिचय देवे।

यह है निर्णय
विगत् दिनों सावन माह की तैयारियों को लेकर मंदिर प्रबंध समिति की एक बैठक पदेन अध्यक्ष कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें समिति ने अष्टमुखी प्रतिमा के क्षरण का हवाला देते हुए जो व्यवस्थाएॅ अभी वर्तमान मेें चल रही है जिसके अंतर्गत प्रतिमा पर अभिषेक करना मना है और भी कई निर्णय हैं जिन्हें सावन माह में भी लागू किया गया है। जिसका विरोध प्रातः कालिन आरती मंडल उसी समय से कर रहा है और विरोध को गति देने के लिए उनके नेतृत्व में 23 जुलाई को धरना दिया जायेगा।

यह कहना है आरती मंडल का
मामले में प्रातः कालीन आरती मंडल का कहना है कि प्रबंध समिति ने जो व्यवस्थाएॅ बना रखी है वह वर्ष के 11 माह रहें उससे हमे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सावन माह में इसमें छूट दी जाना चाहिए। जिसका विरोध आरती मंडल कर रहा है।

सोशल मीडिया पर हुए लोग सक्रिय
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएॅ आना प्रारंभ हो गई है। कोई इसे सही बता रहा है तो कोई प्रातः कालिन आरती मंडल को ही दोष दे रहा है। तो कोई इसे राजनीतिक द्वेषता बता रहा है।

उधर लड़ाई, इधर दर्शनार्थी परेशान, व्यापारी ने दीलवाया ध्यान
पशुपतिनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर जहॉ प्रबंध समिति और प्रमुख आरती मंडल में विवाद चल रहा है। वहीं दूसरी ओर मंदिर पहुंचने वाले मार्ग के कारण बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पशुपतिनाथ मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर व्यापार करने वाले कैलाश मनवानी से बताया कि बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को प्रत्येक चौराहे पर पूछना पड़ता है कि पशुपतिनाथ मंदिर जाने वाला का रास्ता कौन सा है। क्योंकि शहर के कहीं पर भी कोई संकेतक नही लगा है। श्री मनवानी ने कहा कि हजारों रुपये अन्य कार्यो पर खर्चो किये जा रहें है और इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मनवानी ने पदेन अध्यक्ष से मांग की है कि रेलवे स्टेशन ,नेहरू बस स्टेंड ,महाराणा बस स्टेंड, कालिदास मार्ग, घंटाघर, सदर बाजार से लेकर पशुपतिनाथ तक हर चौराहे पर गली में संकेतक लगाये जावे साथ ही इन की समय समय पर देखभाल की जावे पूर्व में भी मांग पर लगवाये गये थे जिनका आज कहीं पर कोई अस्तित्व नही है।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts