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प्रभात पत्रकारिता पुरस्कार-2019 सम्पन्न

प्रभात पत्रकारिता पुरस्कार-2019 : स्व. केशवप्रकाश विद्यार्थी श्रेष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार सप्रिय गौतम व स्व. श्री सुंदर परमार सर्वश्रेष्ठ फोटो पुरस्कार जगदीश वसुनया को मिला

  • प्रभात सूर्य की तरह चमककर सबको प्रकाश दे रहा है- कीर्ति राणा
  • मंदसौर प्रभात ने पुरखों को याद करने की सराहनीय पहल की- विवेक चौरसिया
  • पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयामों को छूआ है मंदसौर प्रभात ने- विधायक
  • पत्रकारिता और राजनिती में स्वच्छ प्रतिस्पर्धा जारी रहना चाहिए- सुश्री नटराजन

मंदसौर। दैनिक समाचार पत्र मंदसौर प्रभात द्वारा स्व.श्री केशवप्रकाश जी विद्यार्थी एवं स्व.श्री सुंदरलाल जी परमार की की स्मृति में प्रभात पत्रकारिता सम्मान समारोह 2019 का आयोजन किया। आयोजन में देश के प्रख्यात पत्रकार कीर्ति जी राणा, विवेक जी चौरसिया, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया तथा पूर्व मीनाक्षी सांसद मीनाक्षी नटराजन ने शिरकत की। मंच पर मंदसौर प्रभात के संपादक कोमलसिंह तोमर, सह संपादक महावीर जैन तथा स्थानीय संपादक गरोठ प्रशांत यादव भी मौजूद थे। कार्यक्रम में श्रेष्ठ पत्रकारिता, फोटो पुरस्कार और एक्सक्लूजिव रिपोर्टिंग, फील्ड रिपोर्टिंग सहित श्रेष्ठ क्लीक सम्मान सहित सांत्वना पुरूस्कारों से चयन समिति द्वारा तय युवा पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रजेश जोशी द्वारा किया गया। आभार गरोठ के स्थानीय संपादक प्रशांत यादव ने माना।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कीर्ति जी राणा ने कहा कि मैं तो भवानी भाई की कविता पढ़ता हूं। इसलिए आज के इस अवसर पर कहूंगा कि जैसा तू बोलता है, वैसा ही लिख और जैसा तू लिखता है, वैसा ही तू दिख। क्षेत्रिय अखबार निकलते तो बड़े जोश के साथ है, लेकिन मात्र तीन-चार माह में बंद हो जाते है। वर्तमान में अखबार निकालना बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है। मैं मंदसौर की पत्रकारिता का नमन करता हूं। साथ ही मंदसौर प्रभात के एक वर्ष पूर्ण करने पर पूरी टीम को बधाई देता हूं। मैं प्रभात प्रतिदिन पढ़ता हूं, अब तक प्रभात जो सुर्य की तरह चमकते हुए सभी को प्रकाश प्रदान कर रहा है, आगे भी इसी तरह अपना कार्य कर सबकी खबर लें और सबको खबर दें। कई बार देखने में आता है कि क्षेत्रिय अखबारों में लोकल दुश्मनी खबरों के माध्यम से निकाली जाती है, ये कतई ठीक नही है। खबरों की प्रभात अमीर के महल से गरीब की झौपड़ी तक होती रहें, ये आशा करता हूं। अब तक प्रभात इसमें सफल रहा है। श्री राणा ने कहा कि प्रभात में देश की खबरों को भी जगह देना चाहिए। इस पर प्रभात के संपादक कोमलसिंह तोमर ने उनके सुझाव पर अमल करने के लिए हामी भरी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व संपादक विवेक जी चौरसिया ने कहा कि मंदसौर प्रभात ने पत्रकारिता के क्षेत्र में सफलतम एक वर्ष पूर्ण कर लिया, उसके लिए पूरी टीम को बधाई दी। चौरसिया ने कहा कि जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है, तुम्हारें इरादों का इम्तिहान अभी बाकी है। अभी नापी है मुठ्ठीभर जमीन आसमान अभी बाकी है। आपने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए अपने पुरखों को याद करने की जो परंपरा प्रभात ने शुरू की है, वो वाकई में सराहनीय है। क्यूंकि अगर हम अपने ही पुरखों को याद नही करेंगे तो कौन करेगा। मुझे प्रभात की टीम को देखकर नही लगता कि ये यात्रा थमने वाली है। ये निरंतर इसी तरह निरंतर गतिमान रहेगी। आपने कहा कि मंदसौर में पत्रकारिता ही नही राजनिती भी श्रेष्ठ है। विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने प्रभात की पत्रकारिता सम्मान समारोह वाली पहल को आगे बढ़ाते हुए विधायक निधी से जो सहयोग राशि देने की घोषणा की वो सराहनीय है। श्री विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने कहा कि पत्रकारिता में प्रतिस्पर्धा का दौर चल रहा है। इस प्रतिस्पर्धा में भी मंदसौर प्रभात में प्रतिदिन खबरों की नई प्रभात होती है। प्रभात में प्रतिदिन एक नई खबर पढ़ने को मिलती है। प्रभात ने एक वर्ष का कार्यकाल पुरा कर लिया है, लेकिन इस एक वर्ष में पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयामों को छूआ है। इससे आगे निकलकर मंदसौर की पत्रकारिता में क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले केशवप्रकाश विद्यार्थी और प्रेस फोटोग्राफर सुंदरलाल जी परमार के नाम से पत्रकारिता पुरूस्कार की अनुठी शुरूआत की है, इसके लिए प्रभात परिवार को मैं बधाई देता हूं। आने वाले समय में ये प्रभात पत्रकारिता पुरस्कार समारोह नई उंचाईयों को छूंए, ऐसी कामना करता हूं। आने वाले समय में विद्यार्थी जी के लिए विधायक निधी से 21 हजार और परमार जी के नाम पर दिए जाने वाले पुरस्कार के लिए 11 हजार रूपए की राशि प्रदान करने की घोषणा करता हूं।

पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि विद्यार्थी जी और परमार जी के नाम से युवा पत्रकारों के लिए प्रभात सम्मान समारोह का आयोजन सराहनीय है। पत्रकारिता और राजनिती में स्वच्छ प्रतिस्पर्धा हमेशा चलती रहना चाहिए। सुश्रीनटराजन ने कहा कि वर्तमान में बहुत जरूरी है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बहुत सक्रिय रहें। प्रभात ने अपना एक वर्ष का जो सफर तय किया, वो ठीक उस नदी की तरह है। जो सागर से मिलने के लिए निकल पड़ती है। फिर रास्ते में कितनी भी कठिनाईयां आए पहाड़ आए पेड़ आए या कोई भी परेशानी आईं, वो बस बहती ही जाती है। वर्तमान में फिर नदियों को हम मनुष्य भी प्रदुषित करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। आपने नेहरू जी और दिनकर का एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि 26 जनवरी को जब परेड ग्राउंण्ड में नेहरू जी अचानक कीचड़ होने के कारण फिसल गए तो ख्यातनाम साहित्यकार रामधारीसिंह दिनकर ने उन्हें संभाल लिया। इसके बाद नेहरू जी ने कहा कि ये हमारे देश की खासियत है कि जब भी राजनिती के पैर लड़खड़ाते है तो साहित्य उसे थाम लेता है। नटराजन ने ये भी कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता पुलिस की तरह विवेचना में जुट गई है, उससे युवा पत्रकारों को बचना चाहिए।

ये हुए सम्मानित

श्रेष्ठ केशवप्रकाश विद्यार्थी पुरस्कार के लिए चयन समिति के वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम बटवाल, संजय लोढ़ा तथा दिनेश काश्यप द्वारा युवा पत्रकार सप्रिय गौतम का चयन किया गया। जबकि श्रेष्ठ एक्सक्लूजिव रिपोर्टिंग के लिए शौरित सक्सैना तथा किशोर ग्वाला, श्रेष्ठ फील्ड रिपोर्टिंग के लिए ललित पटेल, प्रमोद जैन का चयन किया गया। जबकि सर्वश्रेष्ठ फोटो ग्राफर के लिए जगदीश वसुनिया को दिया गया। श्रेष्ठ क्लीक के लिए संजय जैन, संदीप कुमावत को प्रभात पुरस्कार प्रदान किया गया।

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