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प्रसंग चीनी सामानों के बहिष्कार का : नगर के इतिहास में बनी सबसे लम्बी मानव श्रृंखला

मन्दसौर निप्र। लॉ कॉलेज से सत्संग भवन तक नगर में पहली बार चीनी सामानों के बहिष्कार को लेकर बनी पॉच किमी से भी अधिक लम्बी मानव श्रृंखला में बचपन से लेकर 90 वर्ष तक का हर उस स्वाभिमानी ने कतारबद्ध खड़े होकर चायना को मुॅहतोड़ जवाब देकर चायना की वस्तुओं का उपयोग नहीं करने का संकल्प लेकर राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया है। फिर चाहे वह किसी भी धर्मजाति या पंथ का हो हर के चेहरे पर चीनी सामान के बहिष्कार के संकल्प को पूरा करने का उत्साह नजर आ रहा था।

पॉच अगस्त 17 शनिवार को प्रातः 9 बजे से 10 बजे के बीच राष्ट्रीय स्वदेशी सुरक्षा अभियान द्वारा आयोजित विशाल मानव श्रृंखला लॉ कॉलेज से बनना प्रारंभ हुई। और इसमें हर कोई जुड़ता गया फिर चाहे वह किसी भी राजनीति दल से ताल्लुक रखता हो या व्यवसायिक हो। हर व्यक्ति कतारबद्ध होकर चीनी हरकतों का विरोध कर रहा था। मानव श्रृंखला में जहॉ नगर की लगभग दो हजार से अधिक महिलाओं के साथ गाडोलिया समाज की महिलाओं ने भी भाग लेकर राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया।

चीन पाकिस्तान को माध्यम बनाकर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है – महामडलेश्वरमानव श्रृंखला के समापन के अवसर पर गांधी चौराहे पर आयोजित सभा में उद्बोधन देते  हुए नगर में विराजित महामंडलेश्वर स्वामी श्री अनंतदेवगिरी जी मसा ने कहा कि हम केवल चायना के सामान का विरोध करने के लिये ही नहीं एकत्र हुए है बल्कि चीन की मानसिकता का भी विरोध कर रहे है। वर्तमान में चीन पाकिस्तान को माध्यम बनाकर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। हमें चीन की मानसिकता व सैन्यबल का भी विरोध करना चाहिए और भारत हर तरफ से सक्षम है और हर चुनौतियों का निपटने का माद्दा भी रखता है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर ने चीनी सामान का बहिष्कार करने,स्वयं व परिवार में चीनी सामान का उपयोग जीवन भर न करने, कभी न बेचने व न खरीदना का संकल्प कराया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक योगेश जी शर्मा, गुरूचरण बग्गा, प्रचार प्रमुख रविन्द्र पाण्डेय, अरविन्द बोथरा, अशोक पारिक, पार्षद गुडडू गढ़वाल, पत्रकार बलवंत फांफरिया, किशन गोयल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राष्ट्रीय स्वदेशी सुरक्षा अभियान के जिला संयोजक आनन्द तंवर, सह संयोजक श्रीमती वर्तिका पारिक व मिथुन वप्ता के अनुसार प्रातः 9 बजे लॉ कॉलेज के समीप से शुरू हुई मानव श्रृंखला में लगभग 1700 मातृशक्ति ने भी भागीदारी की। इस दौरान स्कूल बच्चों में भी उत्साह देखा गया तथा बड़ी संख्या में उन्होंने भाग लेकर चीन विरोधी नारे लगाये।

मानव श्रृंखला लॉ कालेज से प्रारंभ होकर महावीर द्वार, परशुराम द्वार, महाराणा प्रताप चौराहा, गुप्ता कचोरी, सरदार पटेल चौराहा,जिला अस्पताल रोड़,गांधी चौराहा, बड़े बालाजी पुराना बस स्टेण्ड, भारत माता चौराहा, तलेरा काम्पलेक्स तक तथा मण्डीगेट से जगतपुरा चौराहा, वीर सावरकर ब्रीज चौक, सत्संग भवन तक बनाई गई।  मानव श्रृंखला में संत, महात्मा, जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न समाजों के समाज प्रमुख, सामाजिक संस्थाएं, व्यापारीगण, मातृशक्ति, शिक्षाविद्, चिकित्सक, अभिभाषक, पत्रकारगण, विद्यार्थीगण सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि यह अभियान 5 अगस्त से 20 अगस्त तक निरंतर चलेगा। जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को चीनी सामान के बहिष्कार करने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

Posted by Hello Mandsaur.Com on Saturday, August 5, 2017

Posted by Hello Mandsaur.Com on Saturday, August 5, 2017

Posted by Hello Mandsaur.Com on Saturday, August 5, 2017

 

राष्ट्रधर्म को सर्वापरी समझो, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करो-आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी

प्रत्येक भारतवासी को राष्ट्रधर्म को सर्वापरी समझना चाहिये। परिवार, समाज व धर्म महत्वपूर्ण है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है राष्ट्र। यदि राष्ट्र है तो सब है। इसलिये राष्ट्रहित के अनुसार काम करो। जो विदेशी वस्तुएं खरीदते है और स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग नहीं करते है वे अपने राष्ट्र के हित का विचार करे। स्वदेशी अपनायेंगे तो राष्ट्र को लाभ होगा।  उक्त उद्गार परम् पूज्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरिश्वरजी म.सा. ने संजय गांधी उद्यान नवरत्नधाम में आयोजित धर्मसभा में कहें । आपने कहा कि जो विदेशी शक्तियां हमें आखें दिखा रही है हम उन्हीं विदेशी शक्तियों का सामान खरीद रहे है क्या यह उचित है। हम जिस राष्ट्र में रहते है, जहां का पानी पीते है जहां का अन्न खाते है जिस मिट्ठी में पलते है बढ़ते है उस राष्ट्र के हित का विचार करे। राष्ट्र का हित इसी में है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करे ताकि यहां के उद्योग धंधे मजबुत हो भारत के कारिगरों व मजदूरों को रोजगार मिले। यदि स्वदेशी वस्तुएं खरीदेंगे और उनका ही उपयोग करेंगे तो राष्ट्र मजबूत होगा। चीन में निर्मित वस्तुएं नहीं खरीदे आचार्य श्री ने कहा कि चीन में निर्मित सस्ता सामान भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है। चीनी सामान के कारण कई उद्योग धंधे बंद होने की कगार पर पहुंच गये है। भारतवासियों को चाहिये कि वे चीन के सस्ते व दिखावटी सामान को नहीं खरीदे। मंदसौर में आयोजित हो रहे चातुर्मास में प्रतिदिन बच्चों को पाठशाला लग रही है सभी ने निर्णय लिया है कि वे पाठशाला के बच्चों को चीनी सामान की गिफ्ट नहीं देंगे।

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