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प्राचार्य शा.उ.मा.वि. सेमलियाहीरा द्वारा अपने अयोग्य पुत्र से करवाया जा रहा है अध्यापन कार्य

सुनिल धनगर ने कलेक्टर को दिये आवेदन में कहा कि शा.उ.मा.वि. सेमलियाहीरा के प्राचार्य अम्बाराम पाटीदार ने उपसचिव म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश एफ-44/4/2014/ 20-2/711 दिनांक 19.05.2015 की अवहेलना करते हुवे अपने स्वयं के अयोग्य पुत्र को विद्यालय में अतिथि शिक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया है। एक ओर जहां शासन एक ही परिसर में लगने वाले विद्यालयों में उपलब्ध शिक्षक एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग करके शिक्षा का स्तर सुधारने में लगी है वहीं दुसरी और शासन के उक्त आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए प्राचार्य ने विद्यालय में योग्य व अनुभवी दो-दो शिक्षकों के होते हुवे अपने अयोग्य पुत्र को अतिथि शिक्षक के पद पर नियुक्त कर न केव स्वार्थ सिद्ध किया है बल्कि अपने पद का दुरूपयोग भी किया है। आवेदन में कहा गया कि शा.उ.मा.वि. सेमलिया हीरा में एम.एस.सी. गणित (बी.एड.) विषय के शिक्षक कार्यरत है जो विगत 10 वर्षों से गणित विषय का अध्यापन कार्य करा रहे है तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत गणित विषय का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त विद्यालय मंे एम.एस.सी. भौतिक शास्त्र (बी.एड.) संविदा शिक्षक वर्ग 1 भी कार्यरत है जिनके द्वारा भी विगत वर्ष में गणित विषय का श्रेष्ठ अध्यापन कार्य करवाया गया। विद्यालय में उपलब्ध योग्य, श्रेष्ठ, कुशल व प्रशिक्षित शिक्षकों के बजाय अयोग्य व अपात्र व्यक्ति के द्वारा अध्यापन करवाकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में जहां अतिथि शिक्षक रखने की आवश्यकता न होते हुवे तथा योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की योग्यता को नजर अंदाज करते हुवे प्राचार्य ने अपने अयोग्य पुत्र को विद्यालय में गणित जैसे कठिन विषय के अध्यापन हेतु नियुक्त करके छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर न केवल अपने पद का दुरूपयोग किया है बल्कि शासन के आदेश की अवहेलना भी की है। आवेदन में मांग की गई कि छात्र हित में निर्णय लेते हुवे उक्त अयोग्य व अपात्र अतिथि शिक्षक को अतिशीघ्र हटाकर योग्य व अनुभवी शिक्षकों से अध्यापन करवाये जाने की कार्यवाही की जावे।

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