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प्राध्यापक द्वारा पैर छूने वाले मामले का कांग्रेस की NSUI ने लिया लाभ

मंदसौर। कांग्रेस और एनएसयूआई के द्वारा पीजी कॉलेज में प्राध्यापकों को फूल देकर चरण छू कर उनसे माफी मांगी। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। वहीं दूसरी और स्टाफ कौंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि संबंधित विद्यार्थी डॉ गुप्ता एवं महाविद्यालय परिवार से माफी सात दिवस के भीतर नहीं मांगते है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष बबीता ङ्क्षसह तोमर, पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश काला, सोमिल नाहटा, राघवेंद्र ङ्क्षसह कमलेश सोनी, सीमा राठौर, संजय राठौर, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुनिल बसैर अंशाशु संचेती सहित कई कार्यकर्ता पीजी कॉलेज पहुंचे। यहां पर प्राध्यापकों को गुलाब का फूल देकर और पैर छू कर माफी मंागी।और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रभारी प्राचार्य डॉ बीआर नलवाया से कहा कि हम लोगों को बड़ी शर्मिंदगी हुईहै। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए सख्त कदम उठाए जाए। इस पर प्रभारी प्राचार्य डॉ नलवाया ने कहा कि चाहे गर्दन कट जाए लेकिन इस तरह की घटनाअेां की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

स्टाफ कौंसिल की बैठक में यह हुए निर्णय
प्रभारी प्राचार्यडॉ बीआर नलवाया ने बताया कि गत दिवस स्टाफ कौंसिल की बैठक हुई थी।जिसमें सभी सदस्यों ने वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दिनेश गुप्ता को राष्ट्रदोही कहने एवं उनसे माफी मांगने की मांग करने जैसे निकृष्ट कार्य की कड़े शब्दों में निंदा की, क्योंकि यह केवल प्रो डीसी गुप्ता का ही अपमान नहीं हुआ बल्कि समस्त शिक्षकों, महाविद्यालयीन स्टॉफ एवं शिक्षा जगत का अपमान है। अत: उन विद्यार्थियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की । इसी के साथ महाविद्यालय में अकादमिक माहौल बनाए रखने के लिए गलियारों में आए दिन होने वाली नारेबाजी, प्रदर्शन एवं धरने जैसी गतिविधि पर सख्ती से अंकुश लगाए जाने की मांग की। कौंसिल ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कोई भी ज्ञापन प्राचार्य अपने कक्ष में स्वीकार नहीं करेंगे। यह कार्य महाविद्यालय भवन के बाहर या पोर्च में होना चाहिए। यदि भविष्य में कोई भी विद्यार्थी, विद्यार्थियों का समूह, छात्रसंघ पदाधिकारी या किसी भी छात्र संगठन के पदाधिकारी महाविद्यालय भवन के अंदर इस प्रकार की कार्यवाही में लिप्त पाए जाएं तो तुरन्त उनका महाविद्यालय से निष्कासन या पुलिस एफआईआर जैसी कार्यवाही सुनिश्चित की जाना चाहिए ।

विद्यार्थी नादान है नादानी में किए गए काम से भविष्य हो सकता बर्बाद
स्टॉफ कौंसिल की बैठक को डॉ. डीसी गुप्ता ने कहा कि वे मूलत: शिक्षक हैं एवं उनका आग्रह है कि इस कार्य को करने वाले विद्यार्थी मूल रूप से दोषी नहीं है, वे नादान हैं एवं नादानी में किए गए इस कार्य से उनका भविष्य बर्बाद हो सकता है । वे इन नादान विद्यार्थियों को क्षमा करना या माफी का एक मौका देने का विचार रखते हैं । स्टॉफ कौंसिल ने निर्णय लिया कि संबंधित विद्यार्थी सार्वजनिक रूप से डॉ. गुप्ता एवं महाविद्यालय परिवार से लिखित में माफी मांगें । भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई में संलग्न न होने, देशद्रोही (राष्ट्रद्रोही) जैसे शब्द सखेद वापस लें तथा भविष्य में महाविद्यालय के अकादमिक माहौल को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए लिखित सहमति प्रस्तुत करने पर ही माफी दी जा सकती है । यदि संबंधित विद्यार्थी एक सप्ताह में डॉ. डीसी गुप्ता से माफी के लिए उपस्थित नहीं होते हैं तो संलग्न छात्रों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। स्टॉफ कौंसिल विद्यार्थी हितों को भी ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लेती है कि छात्रसंघ पदाधिकारी एवं छात्र संगठन के पदाधिकारी महाविद्यालय में प्राचार्य से एक निश्चित समय पर ही मिल सकेंगे ताकि बाहरी व्यक्तियों का महाविद्यालय में प्रवेश सख्ती से रोका जा सके ।
इनका कहना….
लिखित में हम माफी नहीं मांगेगे। बैठ कर बातचीत करेंगे। गुरुओं से माफी मांगने में कोईदोष नहीं है।
बंटी चौहान, अभाविप, प्रदेश महामंत्री।

शिक्षक बहुत बड़े दिल का होता है 
प्राध्यापक डॉ दिनेश गुप्ता ने कहा कि बच्चे तो अपने है। शिक्षक बहुत बड़े दिल का होता है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। संबंधित विद्यार्थियों के माफी मांगने को लेकर स्टाफ कौसिल बैठक में निर्णय हुआ है।

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