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फर्जी जमानत देने के आरोपीगण को तीन-तीन वर्ष का कारावास एवं पाँच-पाँच सौ रूपये अर्थदण्ड

मन्दसौर। पुलिस थाना शहर कोतवाली मन्दसौर के एक प्रकरण में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश महोदय श्री जयन्त शर्मा साहब द्वारा आरोपीगण प्रहलाद पिता उमरावसिंह निवासी भरपूर थाना सुवासरा जिला मन्दसौर एवं राधेश्याम पिता रामलाल निवासी देवरियाविजय थाना सुवासरा जिला मन्दसोर को धारा 419, 420, 467, 468 एवं 120 (बी) भा.द.वि. के तहत् तीन-तीन वर्ष का कारावास व पाँच-पाँच सौ रूपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड न अदा करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास से दण्डित किये जाने का आदेश दिया है।

लोक अभियोजक विकास कुमार बोहोरा (जैन) के अनुसार 09.12.2016 को अपर सत्र न्यायाधीश महोदय मन्दसौर से पत्र क्रमांक 5004 जाँच हेतु प्राप्त हुआ। जाँच में यह पाया कि जमानतदार प्रहलादसिंह के कथन लेते बताया कि मैं अपने साले की जमानत के लिए मन्दसौर न्यायालय में आया था, जहाँ मेरे पहिचान का राधेश्याम मिला और बोला कि मेरे पावती है, आप राजू की जगह अपना फोटो लगाकर हस्ताक्षर करके मेरे साले की जमानत दे दो। इसप्रकार उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना शहर कोतवाली मन्दसौर में अपराध क्रमांक 767/2016 पर अन्तर्गत धारा 420, 34 भा.द.वि. के तहत् कायमी की गई। अनुसंधान पूर्ण होने पर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्ध धारा 419, 420, 467, 468 एवं 120 (बी) के तहत् चार्ज लगाया गया।

अभियोजन ने अपनी ओर से कुल नौ साक्षियों के कथन कराये। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों के कथनों एवं प्रकरण में समग्र साक्ष्य के विवेचन तथा अभियोजन के तर्को से सहमत होकर यह निष्कर्ष निकाला कि अभियुक्तगण प्रहलाद पिता उमरावसिंह निवासी भरपूर थाना सुवासरा जिला मन्दसौर एवं राधेश्याम पिता रामलाल निवासी देवरियाविजय थाना सुवासरा जिला मन्दसोर का अपराध धारा 419, 420, 467, 468 एवं 120 (बी) भा.द.वि. के तहत् दोषसिद्ध पाये जाने से अभियुक्तगण को तीन-तीन वर्ष का कारावास व पाँच-पाँच रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी लोक अभियोजक विकास कुमार बोहोरा (जैन) द्वारा की गई।

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