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बंधवार हत्याकांड: 10 घण्टे तक 10 लोंगो से गहन पुछताछ, SIT को मिले कई तथ्य

मंदसौर। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार हत्याकाण्ड को लेकर शासन द्वारा गठित एसआईटी की टीम ने मंगलवार को तीसरे दिन भी हत्याकांड के हर पहलू को खंगालने में जुुटी रही। ताकि हत्या का सही कारण सामने आ सकें। नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के मामले की जांच के लिये राज्य शासन के निर्देश पर बनी एसआईटी ने मंदसौर पहुॅचने के बाद लगातार दूसरे दिन हत्याकाण्ड की गहन पड़ताल की । टीम ने सुबह 9 बजे से कंट्रोल रुम पर इस मामले मेंचर्चा करना शुरु की, करीब 10 घण्टे तक 10 लोगो से गहन चर्चा की गई। इस दौरान टीम आरोपी मनीष बैरागी के घर भी पहुॅची उसके भाई से वहां चर्चा की, बाद में उसे कंट­ोल रुम बुलाकर भी चर्चा की गई। इस पड़ताल के दौरान टीम ने नगर पालिका के अधिकारियों से लेकर भाजपा के नेताओं और उनसे जुड़े नजदीक के लोगो से लम्बी बातचीत की।

मंगलवार को टीम के सदस्यों ने नपा उपाध्यक्ष सुनिल जैन से पूछताछ कर उनके एवं श्री बंधवार के बीच संबंधों की जानकारी प्राप्त की। सूत्रों के अनुसार टीम ने नगर पालिका के एक अस्थाई कर्मचारी के बारे में जानकारी प्राप्त की है। बताया जाता हैं कि 17 जनवरी 18 को घटना के दिन नगर पालिका में स्थित अध्यक्ष के कक्ष के सीसीटीवी कैमरे तो चालू थे। लेकिन डीवीआर उसी दिन रहना भी एसआईटी टीम के सामने जटिल प्रश्न खड़ा करने ही संभावना है। आखिरकार प्रतिदिन चलने वाला डीवीआर उसी दिन बंद क्यों था। मंगलवार को टीम ने और किन किन लोगों से पूछताछ की है ज्ञात नहीं हो सका है। इस संबंध में सोमवार को ही एसआईटी टीम के प्रमुख पुलिस महानिदेशक डी श्रीनिवास वर्मा ने मीडिया को बता दिया था कि टीम हर पहलू पर बारिकी से जांच करेंगी। हालांकि उन्होंने जांच की सीमा में बताने में असमर्थता जाहिर कर दी थी।

नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार के पुत्र नरेन्द्र बंधवार द्वारा दो लोगो पर संदेह जाहिर करने के बाद एसआईटी ने अपनी जांच का एंगल इस तरफ भी मोड़ा है, हालंाकि भाजपा के दो बड़े नेता कौन है इसका कोई सुराग एसआईटी को नही मिला है, लेकिन टीम ने अन्य कई बिंदूओ को लेकर विभिन्न लोगो से चर्चा की । हालांकि एसआईटी के प्रमुख आईजी श्रीनिवास वर्मा मंगलवार को वापस चले गये थे लेकिन उनकी टीम के चार सदस्यों ने मंदसौर में ही रहकर जांच के बिंदूओ पर काम किया। सुबह 9 बजे से स्थानीय पुलिस कंट­ोल रुम पर उन्होने विभिन्न लोगो से जांच की । सबसे पहले कोमल बाफना को उन्होने बुलाया जिससे उन्होने करीब 1 घण्टे तक कई चीजों पर बातचीत की, इसके बाद सुनील जैन,  किशन और मनीष ने जिस गुमटी का उल्लेख किया था उसके संचालक गोपाल मंगोलिया और सुमित साहू से चर्चा की । इसके बाद टीम ने नपा के इंजिनियर राजेश उपाध्याय को भी तलब किया उनसे भी कई चीजों पर जानकारी ली। एसआईटी ने अण्डर ब्रीज का निर्माण देख रहे रेल्वे के इंजिनियर श्री चौहान को भी तलब किया और उनसे भी हत्याकाण्ड को लेकर बातचीत की । इसके बाद आरोपी मनीष बैरागी के भाई मनोज बैरागी को भी बुलाकर चर्चा की । इस तरह दो दिन में करीब 20 लोगो से एसआईटी चर्चा कर चुकी है।

सुत्रों की माने तो एसआईटी ने आरोपी मनीष बैरागी के घर पर भी काफी पड़ताल की है, वहां भी कई चीजों को टटोलने की कोशिश एसआईटी ने की । जहां सदिग्ध लगा उन चीजों पर आरोपी मनीष के भाई मनोज बैरागी और अन्य परिजनों से पुछताछ की । हालांकि अब तक कोई ठोस जानकारी एसआईटी के सामने नही आ रही है लेकिन जानकारों की माने तो दो दिन की पुछताछ के आधार पर एसआईटी ने जो तथ्य इकठ्ठा किये है उस पर अब टीम मंथन करेगी । इसके बाद आरोपी मनीष बैरागी से पुछताछ की योजना बनायेगी । एसआईटी का साफ कहना है कि यदि आवश्यकता लगी तो न्यायालय में आवेदन देकर अनुमति लेगे और मनीष बैरागी से चर्चा करेंगे । फिलहाल टीम की जांच चल रही है ।

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