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बहन की आबरू बचाने के लिए आवाज

मंदसौर। सात साल पहले ग्राम डिगांव में खरीद-फरोख्त के बाद देह व्यापार के दलदल में झोंकी गई एक बालिका को नाबालिग भाई की सूचना पर पुलिस ने मुक्त कराकर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बालिका की मां को सात साल पहले एक व्यक्ति पुणे से लेकर आया था। उसकी दो बेटियों को आरोपी ने डिगांव में बांछड़ा डेरों पर बेच दिया था। पुलिस इसे मानव तस्करी मानकर मामले की जांच कर रही है।

एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 2009 में पुणे में मजदूरी करने वाली एक महिला को मुकेश बांछ़ड़ा निवासी डिगांव बहला-फुसलाकर डिगांव लाया था। महिला की दो बालिकाएं एवं एक बालक है। मुकेश ने महिला की शादी पानपुर में कर दी और बालिकाओं को प़ढ़ाने के लिए अपने पास रख लिया। बाद में एक बालिका को 90 हजार और दूसरी को 40 हजार में डिगांव के रामसुख को बेच दिया। कुछ समय बाद एक लड़की की शादी हो गई। जबकि दूसरी को रामसुख ने देह व्यापार में झोंक दिया। महिला व बेटा पानपुर में रह रहे थे। अब बेटा समझदार हुआ तो उसने मां से बहनों के बारे में पूछा। मां भी कुछ नहीं बता पाई तो अपने स्तर खोजा। अपनी बहन को डिगांव में देह व्यापार के दलदल में फंसा देख भाई ने उसे निकालने के लिए नई आभा सामाजिक चेतना के आकाश चौहान से संपर्क किया। फिर एसपी मनोज कुमार सिंह के पास पहुंचकर पूरी कहानी बताई। पुलिस अधीक्षक ने सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, यातायात प्रभारी पुष्पा चौहान के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बनाई। पुलिस टीम ने शुक्रवार को डिगांव में दबिश दी। यहां बालिका मिल गई, उससे देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस ने मौके से रामसुख एवं राजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने जुर्म छुपाने के लिए दो दिन पहले ही बालिका की राजा से झूठी शादी रचाई थी। पुलिस के सामने आरोपियों ने पूरी सच्चाई उगल दी। नाबालिग बालिका से 5 सालों से देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस को मुकेश बांछड़ा की तलाश है। इस मामले में अफजलपुर पुलिस ने भादसं की धारा 370, 376 एवं पास्को एक्ट में प्रकरण पंजीबद्घ किया है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की नई गाइड लाइन के अनुसार ही इस प्रकरण में 376 लगाई गई है।

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