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बाढ़ का पानी नहीं निकल पाया तो! मंदसौर नगर को याद आएगें दबे हुए नाले

मंदसौर नगर में भी कई नालों की कॉलोनाईजर बलि चढ़ा चुके है

अब तक मंदसौर नगर में 23 इंच बारिश हो चुकी है यदि आंकड़ा 50 इंच पहुंच गया तो, मंदसौर को भी आएगी जमीदोंज हो चूके नालों की याद……

मंदसौर। शहर के बड़े-छोटे नाले इकट्ठा होने वाले अतिरिक्त पानी को शहर से बाहर निकलने का काम करते है ताकि जल भराव से बचा जा सके, ओर बाढ़ की स्थिति पैदा न हो इसलिए प्राचीन सिन्धु सभ्यता से ही इसे अपनाया गया लेकिन मंदसौर शहर के प्राचीन बड़े नाले अब कॉलोनाईजरो की गिरफ्त मे है!

लम्बी खेंच के बाद आधा सावन बितने पर बादल जमकर बरस रहे हैं विगत् चार दिनों से तो लगातार बारिश का दौर चल रहा है। वहीं राज्य शासन ने मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी भी दी है। विगत् दिनों हुई बारिश में मल्हारगढ़ विधानसभा के ग्राम नारायणगढ़ और झार्डा व आसपास के क्षेत्रों में खूब तबाही मचाई। बांधों के गेट खोलने से बारिश का पानी शहरी क्षेत्रों में जा पहुंचा। भारी तबाही और नुकसान क्षेत्रवासियों को उठाना पड़ा।

बारिश कम होने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई तो जिला प्रशासन को जमीदोंज हो चुके नालों की याद आई। नारायणगढ़ और झार्डा में कई बडे नालों पर पक्का अतिक्रमण कर लोगों दुकाने और गुमटियां बना ली।

अब जब तेज वर्षा हुई तो पानी को निकलने का रास्ता ही नहीं मिला और बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। बारिश से हुई तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि नारायणगढ़ में ही बारिश के पानी में 35 मवेशी बह गए इसके अलावा 25 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए और दुकानदारों की दुकानों में भी पानी घुस गया। बारिश थमने के बाद जब कलेक्टर मनोज पुष्प ने उच्च अधिकारियों के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया तो नालों के पर हो रहे पक्के अतिक्रमण पर कलेक्टर श्री पुष्प ही नजर गई उन्होने तत्काल नालों पर किए गए अतिक्रमण हो हटाने के निर्देश दिए और उनके आदेश के बाद तत्काल जेसीबी की सहायता से नालों पर हुए अतिक्रमण हो हटाया गया।

मंदसौर में कई बड़े नाले हो चुके है जमींदोज

मंदसौर नगर में भी कई भूमाफियाओं और कॉलोनाईजरों ने बड़े नालों को खत्म कर उनपर कॉलोनियां काट दी हैं जिससे ड्रेनेज सिस्टम यहां भी प्रभावित हुआ है। अब जागरूक कलेक्टर यदि मंदसौर का भी निरीक्षण करेंगे तो उनको यहां भी कई नालों पर अतिक्रमण हुआ दिख जाएगा। बशर्त है आपदा के पूर्व। आपदा के बाद तो करना ही है।

50 इंच वर्षा हुई तो संकट में आ सकता है नगर

बडे़ नालों को खत्म करने का प्रयास वर्षो से हो रहा है। अब तक चूंकि औसत या औसत से कम वर्षा ही होती आई है इसलिए जिम्मेदारों को उन नालों की याद नहीं आई हैं। लेकिन यदि इस वर्ष अब तक हुई बारिश के अनुसार ही बारिश हुई और बारिश ने 50 इंच का आंकड़ा छू लिया तो मंदसौरवासी भी गहरे संकट में आ सकते है। हालांकि अभी भी एक तेज बारिश में ही कई जगहों पर 3 फीट तक पानी भर जाता है।

आपदा आने से पूर्व कलेक्टर करें कार्यवाही

किसी भी प्रकार की आपदा आने के बाद तो कलेक्टर और अन्य अधिकारी कार्यवाही करेंगे ही लेकिन यदि वहीं अधिकारी आपदा आने से पूर्व कार्यवाही करें तो कार्यवाही का औचित्य साबित होगा।

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