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बेटी ऋचा ने पिता की मृत्यु पर निभृाई पगड़ी रस्म

Story Highlights

  • मंदसौर के बंसल परिवार की  बेटी 
  • समाजजनों ने किया साहस को सलाम

मंदसौर। बेटिया भृी बेटों से कम नहीं है, वे न केवलपुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती है बल्कि धरती से लेकर आसमां तक अपनी सफलता का परचम भृी लहराती है। यहीं नहीं मंदसौर से जूड़ी राजस्थान की बेटी ने अपने पिताजी की मृत्यु पश्चात पगड़ी रस्म को निभृाकर साबित किया कि बेटियां भृी बेटों की तरह अपने पारिवारिक दायित्वों को निभृाने का माद्दा भृी रखती है और बेटे की तरह ही अपने परिवार की मुखिया बन अपने दिवंगत पिताजी के सारे सपनों और सारी जिम्मेदारियों को पूरा करने का संकल्प ले सकती है।
मंदसौर से जूड़े राजस्थान के बंसल परिवार के विजय बंसल को बेटा नहींथा लेकिन उन्होंने अपनी बेटी ऋचा बंसल को बेटे की तरह ही पाला-पोसा, बड़ा किया। ऋचा ने भृी अपने पिताजी के सपनों को पूरा करने के लिये खूब मेहनत की और आज एयरफोर्स मेंप्लाइंग लेफ्टिनेंट बनकर पठानकोट में पदस्थ होकर देश की सेवा कर रहीं है। उसके अदम्य साहस का न केवल भृारतीय सेना ने लोहा माना बल्कि भृारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भृी अपने पठानकोट दौरे के दौरान उसकी विरता को पुरूस्कृत किया। ऋचा बेटे की तरह न केवल अपने पिताजी के सपनों को पूरा कर रहीं बल्कि पिछले दिनों अपने पिता विजय बंसल के निधन के बाद उसने बेटे की तरह अपने पिता का अंतिम संस्कार करने के साथ ही 13 वी की रस्म पर बेटे की तरह ही पगड़ी की रस्म को भृी निभृाने की इच्छा जताते हुए अपने पिता के परिवार की जिम्मेदारियोंसंभृालने का संकल्प लिया, ऋ़चा के इस निर्णय मेंउसकी माता श्रीमती किरण बंसल अंकल संजय बंसल, कैलाश बंसल, दीपक बंसल, राधेश्याम बंसल सहित पूरे परिवार ने भृी सहमती दी। बंसल परिवार ने इस निर्णय से समाजजनों को अवगत कराया तो वहा मौजूद प्रत्येक समाजजन ने इस निर्णय की सराहना की और कहा कि अपने पिताजी के असामयिक निधन के बाद ऋचा ने पूरी हिम्मत दिखाई और अपने पिताजी के संकल्पों को पूरा करने का संकल्प लेकर यह साबित किया है कि अब बेटे-बेटियों में किसी तरह का भृेद नहीं है। बेटिया भृी वह हर काम कर सकती है जो अब तक केवल बेटे ही करते थे, उसने समाज के लिये बिरला उदाहरण प्रस्तुत कर दिया कि बेटियां भृी अब बेटों से किसी भृी तरह से कम नहीं है।
उल्लेखनिय है कि ऋ़चा मंदसौर के समाजसेवी सुनिल बंसल के काकाजी के बेटे की बेटी है। मंदसौर में बंसल परिवार समाजसेवा के क्षेत्र में निरन्तर उल्लेखनिय कार्य करता है। सुनिल बंसल दीन, दुखियों की सेवा में सदैव तत्पर रहते है। परिवार के इन्हीं संस्कारों का प्रतिफल है कि पूरा परिवार सेवा के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भृूमिका का निर्वहन कर रहा है।

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