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बेटे, बेटी को भी मिल सकती है पेंशन बशर्ते…

प्रभासाक्षी के लोकप्रिय कॉलम ‘आर्थिक विशेषज्ञ की सलाह’ में लगातार ऐसे प्रश्न मिल रहे हैं जोकि काफी हद तक मिलते जुलते हैं। हमने दस ऐसे प्रश्नों को छांटा है जोकि सर्वाधिक मिलते जुलते लगे। पाठकों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक व कंपनी सचिव श्री बी.जे. माहेश्वरी जी। श्री माहेश्वरी पिछले 32 वर्षों से कंपनी कानून मामलों, कर (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) आदि मामलों को देखते रहे हैं। यदि आपके मन में भी आर्थिक विषयों से जुड़े प्रश्न हों तो उन्हें [email protected] पर भेज सकते हैं। प्रत्येक शनिवार को प्रकाशित होने वाले इस कॉलम के अगले अंक में आपके प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास रहेगा।

प्रश्न-1. सेवा कर अदायगी यदि समय पर नहीं की जाए तो कानून के हिसाब से दंड के क्या प्रावधान हैं? (राजेश वर्मा, वैशाली)
उत्तर-1. सेवा कर अगर नोटिस मिलने के बाद भी समय पर नहीं दिया जाता है तो कानून के मुताबिक 10 प्रतिशत सर्विस टैक्स एमाउंट तक की पैनल्टी लगाने का प्रावधान है।
प्रश्न-2 पिता की मृत्यु के बाद क्या बेटा या बेटी भी पेंशन की हकदार हो सकती है? इसके लिए क्या कोई उम्र सीमा भी है? (अनुराग रस्तोगी, नोएडा)
उत्तर-2. पिता की मृत्यु के बाद बेटा या अविवाहित बेटी 25 वर्ष की उम्र की सीमा तक या शादी होने तक जो भी पहले हो, पेंशन की हकदार है। पिता की मृत्यु के बाद पहला हक माता का होगा और उसके बाद बेटा या बेटी पेंशन की हकदार होगी।
प्रश्न-3. मेरे भाई ने क्रेडिट कार्ड से लोन लिया था अब वह इस दुनिया में नहीं है लेकिन बैंक वाले हमसे उस कर्ज के भुगतान की मांग कर रहे हैं क्या हम कर्ज चुकाने के लिए बाध्य हैं? (जतिन शर्मा, जयपुर)
उत्तर-3. आपके भाई ने क्रेडिट कार्ड से लोन लिया और वह इस दुनिया में नहीं है, ऐसी अवस्था में बैंक आपको कर्जदार बना सकती है, बशर्ते आपको उनकी प्रॉपर्टी मृत्यु के बाद मिली हो। और आपकी जवाबदारी उनकी प्रॉपर्टी की सीमा तक ही सीमित रहेगी।
प्रश्न-4. मुझे एक कंपनी में काम करते हुए छह साल हो गये हैं क्या अब मैं ग्रेच्युटी का पात्र हो गया हूँ? ग्रेच्युटी की राशि की अधिकतम सीमा क्या है? (पूजा जैन, दिल्ली)
उत्तर-4. आपने किसी कंपनी में छह साल लगातार काम किया है तो आप ग्रेच्युटी के हकदार हैं और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा हाल ही में बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
प्रश्न-5 तीन वर्ष पूर्व मैं आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाया था क्या इस वर्ष मैं उस वर्ष का विवरण भी दे सकता हूँ (शकील सैफी, पटना)
उत्तर-5. आपने तीन वर्ष पूर्व आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो इस वर्ष रिटर्न में उस वर्ष का विवरण नहीं दे सकते हैं। अगर समय सीमा रही तो, आप पुराना रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
प्रश्न-6 पीपीएफ अकाउंट में क्या मैं हर माह कुछ राशि डाल सकता हूँ या मुझे साल में एक बार ही इसमें राशि डालनी होगी? मेरा यह भी प्रश्न है कि क्या मैं एक से ज्यादा पीपीएफ अकाउंट खोल सकता हूँ? (मोहित सिक्का, लखनऊ)
उत्तर-6. पीपीएफ अकाउंट में आप कुछ राशि हर महीने डाल सकते हैं यह अनिवार्य नहीं कि आप पूरी राशि एक ही बार में डालें। मेरे विचार से आप एक से ज्यादा पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं हालांकि सभी अकाउंट में जमा की गई राशि पर मिलने वाली सालाना छूट 1.5 लाख रुपये तक ही सीमित रहेगी।
प्रश्न-7. केंद्र सरकार नये वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जिस पिछले वर्ष से एरियर का भुगतान करेगी तो क्या हमें उस वर्ष का बकाया आयकर दुबारा भरना होगा? (मोहेन्द्र सिंह, चंडीगढ़)
उत्तर-7. अगर नये वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आपको पिछले वर्ष के एरियर का भुगतान मिलता है तो हमें उसे इसी वर्ष के रिटर्न में दिखाना होगा और पुराना रिटर्न दुबारा भरने की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्न-8. एनएसडीएल की ओर से हाल ही में एक ईमेल मिला जिसमें बताया गया है कि संस्थान की ओर से मोबाइल एप जारी किया गया है क्या इस मोबाइल एप से भी मैं आयकर रिटर्न दाखिल कर सकता हूँ? (सुमित अवस्थी, दिल्ली)
उत्तर-8. मेरे विचार से एनएसडीएल फोन एप से आप आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते है। यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
प्रश्न-9. क्या मैं एक से ज्यादा डी-मैट अकाउंट रख सकता हूँ? एक बैंक ने मुझे बिना बताए मेरा एक और डी-मैट अकाउंट खोल दिया है क्या मुझ पर कोई कार्रवाई होगी? (सुरेश पांडे, कानपुर)
उत्तर-9. आप ऐक से ज्यादा डी-मैट अकाउंट खोल सकते हैं। आपके बैंक ने आपका डी-मैट अकाउंट खोल दिया है तो आप पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
प्रश्न-10 सरकार पेंशन फंड का पैसा शेयर बाजार में लगाती है यदि शेयर बाजार में गिरावट आती है तो क्या हितधारकों को कोई नुकसान उठाना होगा? (दीपक डागर, दिल्ली)
उत्तर-10. सरकार पेंशन फंड का कुछ पैसा शेयार बाजार में लगाती है और अधिकतर पैसा सरकारी बांड या कारपोरेट सिक्युरिटी में लगाती है। यह पैसा विशेषज्ञ के विश्लेषणों एवं अनुभव के आधार पर लगाया जाता है और कोशिश यही की जाती है कि यूनिट होल्टर को अच्छा रिटर्न दें। इन पैसे पर कोई गारंटी रिटर्न नहीं रहता है।
नोटः कर से जुड़े हर मामले चूँकि भिन्न प्रकार के होते हैं इसलिए संभव है यहाँ दी गयी जानकारी आपके मामले में सटीक नहीं हो इसलिए अपने विशेषज्ञ की सलाह भी ले लें।

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