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बेमौसम हुई बारिश : दिनभर में 2 इंच से अधिक हुई बारिश

मंदसौर। बेमौसम हुई बारिश से शहर के साथ जिले में कई लोगों की परेशानी बढ़ गई। ग्रीष्मऋतु में वर्षाऋतु की तरह हुई बारिश से शहर के कई निचली बस्तियों में पानी भर गया तो पूरा शहर तरबतर हो गया। दोपहर से लेकर रात तक बारिश हुई। सडक़ो पर पानी बह निकला। मंडी से लेकर खेतों में सबसे ज्यादा किसानों को नुकसान हुआ। शहर में कम लेकिन ग्रामीण अंचल में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। बीती रात को आधे घंटे की तेज बारिश के साथ मंगलवार को दिनभर चले बारिश के क्रम में २ इंच से भी अधिक बारिश जिले में हो गई।कई जगहों पर पेड़ गिरे तो कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण विद्युत फाल्ट होने के साथ बिजली गुल भी हुई।

शहर सहित जिले में सोमवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। तेज धूप से लोगों को राहत तो मिली लेकिन गर्मीका हाल वहीं था। शाम होते-होते आसमान पर छाए बादल और चल रही तेज हवाओं ने फिजा में ठंडक घोल दी। रात तक आंधी का दौर शुरु हो गया। शहर में तो हल्की बूंदाबादी कुछ देर के लिए हुई। बाकी समय धुल भरी आंधी का दौर चलता रहा। लेकिन जिले के अन्य जगहों पर तथा अंचल में तेज बारिश हुई। तो कही पर हल्की तो कही बूंदाबादी हुई। ग्रामीण अंचल में बारिश के कारण किसान खेतों पर रखी अपनी फसल को भीगने से बचाने के लिए जतन करने लगे।इधर हवा चलने के बाद विद्युत फाल्ट के कारण कई जगहों पर बिजली भी गुल हुई।
बदला मौसम का मिजाज, छा रहे बादल, चली धूल भरी हवाएं

मंडी में बारिश से उपज के साथ धुली किसानों की उम्मीदें
दोपहर में आसमान से मंडी से लेकर खेतों में किसानों पर आफत बरसी। जिन किसानों की फसल खेतों में कटी हुई पटी है उनकी पूरी फसल भीग गई। तो जो किसान अपनी उम्मीदों की फसलों को निकालने के बाद मंडी में नीलाम के लिए लेकर पहुंचे। उनकी उपज भी अचानक हुई बारिश से पूरी भीग गई। तेज बारिश के पानी के साथ बहते उपज में किसानों की उम्मीद भी धुलने के साथ बह गई। दिनभर चले बारिश के क्रम के कारण मंडी का पूरा प्रांगण तालाब सा नजर आने लगा और इसमें किसानों की उपज के लगे ढेर टीले की तरह दिख रहे थे। किसानों द्वारा उपज पर ढक पाल भी इन्हें भीगने से नहीं बचा सकें। उपज भीगने के कारण अब इनका दाम भी इन्हें कम मिलेंगा। यानी बारिश के कारण किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान वहन करना पड़ेगा। तेज बारिश से मची अफरा-तफरी के बीच किसान अपनी उपज को बचाने में भागते-दौड़ते नजर आए और खुद भीगकर फसल को बचाने की तमाम कोशिशों के बाद भी वह अपनी उपज को बारिश में भीगने और बहने से नहीं बचा सकें। मंडी में ४० हजार से अधिक बोरी की आवक थी वो सभी भीग गई।लहसुन और प्याज में सबसे अधिक नुकसान किसानों ने बताया तो गेंहू से लेकर सोयाबीन व अन्य उपज में भी नुकसान हुआ है। वहीं खेतों की फसल भीगने से अब किसानों को इन्हें निकालने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा तो फिर से फसल अंकुरित होने से भी नुकसान होगा।

चैत्र माह में मंगलवार को बादल सावन-भादौ की तरह झुमकर बरसें। दोपहर में शुरु हुए तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे, लेकिन कुछ ही देर तक मक्की के आकर के ओले गिरे। इसके बाद रुक-रुककर रात तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। बेमौसम हुई बारिश से शहर के साथ जिले में कई लोगों की परेशानी बढ़ गई। ग्रीष्मऋतु में वर्षाऋतु की तरह हुई बारिश से शहर के कई निचली बस्तियों में पानी भर गया तो पूरा शहर तरबतर हो गया। दोपहर से लेकर रात तक बारिश हुई। सडक़ो पर पानी बह निकला। मंडी से लेकर खेतों में सबसे ज्यादा किसानों को नुकसान हुआ। शहर में कम लेकिन ग्रामीण अंचल में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। बीती रात को आधे घंटे की तेज बारिश के साथ मंगलवार को दिनभर चले बारिश के क्रम में २ इंच से भी अधिक बारिश जिले में हो गई।कई जगहों पर पेड़ गिरे तो कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण विद्युत फाल्ट होने के साथ बिजली गुल भी हुई।

तेज गर्मी से मिली राहत, फिजा में घुली ठंडक
पिछले कई दिनों से तापमान में बढ़ोतरी के साथ हर कोई गर्मी से परेशान था। इस बार तापमान ४२ डिग्री से भी अधिक होने के कारण लोगों को गर्मी ने अधिक परेशान किया। सडक़ों पर बरसती आग के बीच सोमवार को अचानक मौसन ने करवट ली और मंगलवार को जमकर बारिश हुई। इससे फिजा में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मंगलवार को हुईबारिश ने लोगों को ठंडक का एहसास करा दिया। हालंाकि लोगों का यह भी मानना है कि मौसम साफ होते ही अब उमस की गर्मी अधिक परेशान करेंगी।

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