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बैग पर एससी-एसटी स्कीम छपवाने से मचा बवाल

मंदसौर के राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से विद्यार्थियों को दिए बैग पर बड़े अक्षरों में ‘एससी-एसटी स्कीम’ छपा होने पर बवाल मच गया है। ये बैग उच्च शिक्षा विभाग की महाविद्यालयों के अजा, अजजा वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तक, स्टेशनरी प्रदाय योजना के तहत दिए गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि बैग देखकर इन विद्यार्थियों को भेदभाव की नजर से देखा जाता है। गुरुवार को भाराछासं ने इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।

राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय प्रबंधन ने एक माह पहले 1298 विद्यार्थियों को स्टेशनरी व अन्य सामग्री वितरण शुरू किया था। अब तक 600 विद्याथी बैग सहित यह सामग्री प्राप्त कर चुके हैं। महाविद्यालय के विद्यार्थी राहुल दडिंग व अजय जाटव का कहना है कि इससे लोग हीन भावना से देखते हैं और उनके व्यवहार में बदलाव आ जाता है।

यह है योजना
उच्च शिक्षा विभाग छह साल से उक्त योजना चला रहा है। इसमें विद्यार्थियों को 1500 स्र्पए तक की कोर्स की पुस्तकें, 500 स्र्पए की स्टेशनरी निशुल्क दी जाती है। स्टेशनरी में एक बैग, केल्क्यूलेटर, फाइल फोल्डर, 9 कॉपियां एवं 10 बॉलपेन दिए जाते हैं।

हमने नहीं कहा था
कई सालों से बैग पर योजना कर नाम लिखकर दिया जा रहा है। अब तक किसी ने भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इस वर्ष सप्लायर ने ही बड़े अक्षरों में छाप दिया, हमने उससे नहीं कहा था। -डॉ. बीआर नलवाया, प्राचार्य, राजीव गांधी शासकीय स्ना. महा. मंदसौर।

जातीय भेदभाव फैलाने की नीति
बैग पर योजना का नाम बड़े अक्षरों में लिखना सरकार की जातीय भेदभाव फैलाने वाली नीति है। सरकार अजा-अजजा वर्ग में अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए ऐेसा कर रही है। इससे आदिवासी जो पहले ही समाज की मुख्यधारा से कटे हैं, वे और हांशिए पर जा रहा है।- अरुण यादव, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस।

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