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भगवान पशुतिनाथ की प्रतिमा को क्षरण से बचाने के लिये विधायक सिसौदिया ने लियो जलाधारी में जल नही चढ़ाने का संकल्प

मंदसौर । भगवान पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का लगातार शरण हो रहा है। नीचे के मुख स्पष्‍ट रुप से प्रभावित दिखाई दे रहे है। ऐसे में यदि बरसों बरस तक अïमुखी भगवान की प्रतिमा के दर्शन करना हो तो आम भक्त की जागरुकता आवश्यक है। इसी कड़ी में विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने स्वयं संकल्प लेते हुऐ घोषणा की कि वे अब भगवान पशुपतिनाथ की जलाधारी में जल नही चढ़ायेंगे और अभिषेक भी बाहर से ही करेंगे। केवल गर्भगृह में जाकर दर्शन करेंगे और आंकड़े या फूल की माला ही अर्पण करेंगे।
इस संबंध में विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा के शरण को लेकर चर्चाऐं आम है। प्रतिमा का शरण रुकना ही चाहिये लेकिन इसके लिये कोई भी निर्णय कोई एक व्यक्ति या अकेली पशुंपतिनाथ प्रबंध समिति ट्रस्‍ट निर्णय नही कर सकती है क्‍योकि यह जनभावनाओं से जुड़ा मामला है। मिडिया लगातार प्रतिमा के शरण को लेकर के समाचार प्रकाशित कर आगाह कर रहा है। पूर्व में भी करीब आठ वर्ष पहले तत्कालिन कलेक्‍टर डॉ जीके सारस्वत ने महाराष्‍ट्र के ओरंगाबाद से केमिकल का लेप चढ़ाने वाले कारिगरों को बुलाकर प्रतिमा के शरण को रोकने का प्रयास किया था परंतु प्रतिमा पर निरंतर जल चढ़ने या अन्य कारणों से शरण की स्थिति लगातार बनी हुई है। इसलिये अब आवश्यक है कि हर व्यक्ति स्वयं निर्णय करें और संकल्प लें। श्री सिसौदिया ने कहा कि मैं पारिवारिक या व्यक्तिगत रुप से अभिषेक करना होगा तो गर्भगृह के बाहर नंदी के सामने अभिषेक करुंगा, जलाधारी में किसी भी स्थिति में प्रवेश नही करुगा और न ही जल अर्पित करुंगा। गर्भगृह में केवल भगवान के दर्शन कर आंकडे या फूल की माला ही अर्पित करुंगा।
श्री सिसौदिया ने कहा कि ज्योर्तिलिंग ओंकारेश्वर और उज्‍जैन में भगवान महांकाल मंदिर में भी श्रद्धालूओं द्वारा जल नही चढाये जाने का निर्णय लिया जा चुका है।

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