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भाजपा – कांग्रेस की निष्क्रियता से ग्रामीण क्षेत्रों का नही हो सका विकास’

कई साल से ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र कचनारा व रणायरा मे विधालय भवन नही बने

नाहरगढ। देशभर में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाओं के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास किया जा रहा तथा कई शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत भी किया जा रहा है लेकिन प्रदेश के सीतामऊ तहसील के ग्राम कचनारा व रणायरा में आज भी विद्यालय भवन की आस है।’

ग्राम कचनारा हाई स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिवर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम गौरान्वित किया लेकिन इन प्रतिभावान विद्यार्थियों की प्रतिभा की कद्र शासन के नुमाइंदों को नही है । शासन द्वारा आज से 22 साल पहले विद्यालय की स्थापना की थी लेकिन 22 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक कचनारा ग्रामवासियों को विद्यालय भवन की आस है । ग्रामवासियों द्वारा कई बार विद्यालय भवन की मांग की ताकि नगर को विद्यालय भवन मिल जाये जिससे कि उनके बच्चे अपने भविष्य के सपनो को सँजो सके लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ओर शासन के नुमाइंदों को ग्रामीण क्षेत्रीय प्रतिभाओ की कद्र नही है जिसके कारण आज तक विद्यालय भवन की स्वीकृति नही हो सकी ।ऋ

 

’22 सालो से प्रवि भवन में संचालित हो रही कक्षाएं’

बता दे कि शासन की स्वीकृति के पश्चात से आज तक नगर के हाई स्कूल की कक्षाओं का संचालन प्राथमिक विद्यालय के भवन में हो रहा है । भवन में कमरो की संख्या सीमित होने के कारण दो पालियों में कक्षाओं के संचालन किया जाता है प्रथम पाली में प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित होती है द्वितीय पाली में हाई स्कूल की कक्षाओं के संचालन किया जाता है ।ऋ

’आसपास के ग्रामो से आते है विद्यार्थी’

ऋग्राम कचनारा हाई स्कूल में शिक्षा की बेहतर गुणवत्ता के फलस्वरूप नगर सहित आसपास के कोटड़ी मांडा , खजुरी मांडा, बेटिखेड़ी, सुंठी सहित आसपास के छात्र छात्राए अध्ययन हेतु आते है लेकिन बेहतर शिक्षा गुणवत्ता के साथ में अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव मे ग्रामीण क्षेत्रीय प्रतिभाओ का विकास नही हो पाता है । जिससे कि ग्रामीण प्रतिभाएं दबी की दबी रह जाती है ।

’प्रतिवर्ष रहता है शत प्रतिशत परिणाम’

शासकीय हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम क्षेत्रीय विद्यालयों की तुलना में बेहतर होता है । विद्यालय में अभी दर्ज विद्यार्थियों की कुल संख्या 130 है । प्रतिवर्ष विद्यालय परिणाम बढ़ने जे फलस्वरूप अन्य ग्रामीण क्षेत्रीय छात्रों की रुचि इस विद्यालय की ओर बढ़ रही है लेकिन विद्यालय भवन विहीन होने के कारण अन्य छात्रों की रुचि दबी की दबी रह जाती है ।

 

’इनका कहना’
विद्यालय भवन की आवश्यकता है लेकिन भवन प्रस्तावित नही है । हम वार्षिक प्रतिवेदन के माध्यम से शासन को अवगत कराते हैं कि विद्यालय भवन नही है प्रावि भवन में कक्षाओं के संचालन किया जाता है । हाईस्कूल कचनारा व रणायरा  ’प्रभारी प्राचार्य’

विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्ष में बैठाकर अध्ययन करा रहे है । जिससे कि उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । शासन ,प्रशासन व विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सभी जनप्रतिनिधि व जननेता की जागरूकता कमी को दर्शाता है।यह बात धर्मेन्द्र धनोतीया कचनारा ने चर्चा मे बताई ।

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