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भाजपा के नगर मंडल अध्‍यक्ष का फेसला 30 मिनिट में बदला

जिलाअध्‍यक्ष श्री देवी लाल जी घाकड़ साहब ने दोनों मण्‍डलों के अध्‍यक्षों की घोषणा को वापस ले लिया। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के एक वरिष्‍ठ नेता ने घोषणा के बाद प्रदेश अध्‍यक्ष श्री नन्‍दकुमार सिंह चौहान से चर्चा की तथा इस घोषणा पर उन्‍होनें आपत्ति दर्ज करी ओर श्री चौहान ने तत्‍काल आदेश दिए कि इस घोषणा को वापस लेवें। प्रशन यह उठता है कि क्‍या निर्णय लेने से पहले प्रदेश अध्‍यक्ष से सलाह मशवरा नहीं किया गया था?
नगर मंडल के दो भाग बनाने व नए मंडल अध्यक्षों की घोषणा का 70 दिन से अटका फैसला मंगलवार को हुआ और 30 मिनट में बदल भी गया। शाम को जिलाध्यक्ष ने दोनों मंडल अध्यक्षों की घोषणा की और कुछ ही देर बाद उसे स्थगित कर दिया। उनका कहना है कि संभागीय संगठन मंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष से घोषणा करवाने के लिए कहा, इसके कारण निर्णय स्थगित करना पड़ा। संगठन मंत्री ने मामले में सीधे कुछ भी बोलने से बचे। उन्होंने कहा कि वे मीडिया से बात नहीं कर सकते। वैसे यह काम मेरा नहीं है।
नगर को उत्तर व दक्षिण मंडल में विभाजित करने को लेकर संगठनस्तर पर अक्टूबर से प्रक्रिया चल रही थी। प्रदेश संगठन और संभागीय संगठन के साथ जिला काेर ग्रुप की बैठक में अलग-अलगस्तर पर परामर्श के बाद मंडल गठन की रूपरेखा तय हो गई। 70 दिन बाद मंगलवार शाम 5.50 बजे घोषणा की। इसके 29 मिनट बाद ही घोषणा को स्थगित कर दिया।
नगर मंडल के विभाजन और नए मंडल बनने के बाद अब मंडल पदाधिकारी गठन को लेकर समन्वय आसान नहीं होगा। दो माह से ज्यादा समय हाेने पर अब हुई घोषणा को लेकर जिलाध्यक्ष ने माना कि अब प्रदेश स्तर पर फिर से विचार होगा। इस प्रक्रिया में एक माह तक लगेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मंगलवार को जो घोषणा की थी उसमें उत्तर मंडल 20 वार्ड और 68 मतदान केंद्र वाला बनाया था। इसका अध्यक्ष नरेश चंदवानी को चुना था। दक्षिण मंडल में 20 वार्ड व 66 मतदान केंद्र शामिल किए थे। इसकी जिम्मेदारी संजय मुरड़िया को दी थी। प्रेस नोट में प्रदेश भाजपा की स्वीकृति के बाद मंडल विभाजन और अध्यक्ष की घोषणा का हवाला दिया था जबकि 29 मिनट बाद जारी दूसरे बयान में प्रदेश अध्यक्ष की सहमति का हवाला देकर घोषणा स्थगित कर दी।
भाजपा जिलाध्यक्ष देवीलाल धाकड का कहना है संगठन स्तर पर बनी सहमति के बाद मैंने मंगलवार को नए मंडल की घोषणा कर अध्यक्ष के नाम तय किए थे। जब संगठन मंत्री जोशी को बताया तो उन्हाेंने प्रदेश अध्यक्ष की सहमति लेने की बात कही। इसके बाद मैंने घोषणा स्थगित कर दी। अब प्रदेश संगठन की सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय करेंगे।
नगर मंडल अध्यक्ष के फैसले को बदलने को लेकर संभागीय संगठन मंत्री प्रदीप जोशी ने कहा कि इस मामले में आप स्थानीय संगठन से ही बात करें। मुझे मीडिया से कोई बात नहीं करना है। फैसला बदलने को लेकर किए सवाल पर उन्होंने कहा कि ये मेरा काम नहीं है। इसके लेकर मैं किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं दूंगा।

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