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भाजपा विधायक, जनप्रतिनिधियों ने आर्थिक हित हेतु शहर के नदी, तालाब, नालों के अस्तित्व को किया समाप्त-विजय गुर्जर

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श्री कोल्ड चौराहा स्थित नाले की एन.ओ.सी. हेतु विधायक द्वारा पत्र लिखना दुर्भाग्यपूर्ण

मन्दसौर। शहर की जनता ने अपना अमूल्य वोट देकर जिन्हें विधायक, जनप्रतिनिधि बनाया था और सोचा था कि यह हमारी और शहर की रक्षा करेंगे मगर इन जनप्रतिनिधियों का चेहरा शहर की जनता के सामने जो आ रहा है वो रक्षक की बजाय भक्षक का चेहरा आ रहा है। चाहे तेलिया तालाब के अस्तित्व को समाप्त करने का मामला हो, चाहे नाहर सय्यद तालाब के अस्तित्व को समाप्त करने का मामला हो, नरसिंगघाट के नाले के अस्तित्व का मामला हो, चाहे शनि मंदिर के पास शनि विहार कॉलोनीनाईजर द्वारा नाले को समाप्त करने का मामला हो, चाहे लक्ष्मणशाह दरवाजे से किले तक नाले को समाप्त करने का मामला हो, अभिनन्दन नगर के नाले को समाप्त करने का मामला हो, यश नगर में तेलिया तालाब के डूब क्षेत्र में विधायक के मकान के निर्माण का मामला हो या हाल ही में श्री कोल्ड चौराहा पर नाले की भूमि पर अस्पताल के निर्माण का मामला हो। इस तरह से मंदसौर शहर में लगातार नदी तालाब नाले व शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण करके उनको समाप्त करने का षड़यंत्र लगातार होता रहा और भाजपा के जिम्मेदार विधायक व जनप्रतिनिधि अपना हित साधने के लिये इन अवैध कामों को रोकने के बजाय, पर्दे के पीछे से अपनी सहभागिता आर्थिक हित के लिये इन अतिक्रमणकर्ताओं के साथ लगातार निभाते रहे है और हद तो अब हो गई जब मंदसौर के विधायक ने जनता कॉलोनी के पीछे श्रीकोल्ड चौराहे पर अस्पताल निर्माण के लिये एन.ओ.सी. के लिये मुख्य नगरपालिका अधिकारी को फोन लगाकर साबित कर दिया कि इस तरह के अतिक्रमणों के अवैध कार्यों के मामले में उनका सहयोग पर्दे के पीछे नहीं खुले रूप से अतिक्रमणकर्ताओं को है। यह बात पार्षद विजय गुर्जर ने कही।
आगे विजय गुर्जर ने कहा कि आने वाले समय में पूरा शहर जलमग्न हो जाये और पूरे शहर में पानी भर जाये इसके लिये भाजपा के विधायक और जनप्रतिनिधियों ने शहर के नालों को मिलीभगत करके समाप्त करने की तैयारी कर ली है। हाल ही में श्री कोल्ड  चौराहा के पास नाले को समाप्त करने की योजना मंदसौर के विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने अस्पताल निर्माण के लिये नाले की भूमि को आवंटित करने के लिये पत्र लिखकर तैयार करी है। इसमें यह प्रश्न भी उठ  रहा है कि पत्र तो चेलावत के लिये लिखा है लेकिन अस्पताल का निर्माण शायद अपने परिवार के लिये ही करना है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि मंदसौर शहर में आने वाले समय में कोई भी नाला, नदी, तालाब भाजपा जनप्रतिनिधियों की वजह से अस्तित्व में नहीं रहेगा।
अंत में विजय गुर्जर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, भू अभिलेख मुख्य कार्यालय भोपाल, आर्थिक अनुसंधान केन्द्र भोपाल से मांग की है कि एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाये और मंदसौर शहर के सम्पूर्ण नालों का सीमांकन उस समिति से कराया जाये। नालों को सुरक्षित किये जाने के लिये ठोस योजना बनाई जाये। नालों पर जिन लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है उन पर आर्थिक अपराध के प्रकरण दर्ज किये जाये।

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