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भावांतर के कारण इस वर्ष अभी तक नहीं आई शासन की अन्य कृषि उन्नत योजनाएॅ

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पिछलीेे योजना में बंटे थे 50 करोड़, इस वर्ष राशि अधिक होने की संभावना

मंदसौर। प्रदेश में पिछले वर्ष किसान आंदोलन हुआ था जिसका सर्वाधिक असर मंदसौर क्षेत्र में ही देखने को मिला था। किसान लगातार मांग कर रहे थे कि उनको उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। जिसके बाद से ही सरकार किसानोे के मामलों में सजग हो गई और किसानों की मांग के अनुसार भावांतर योजना लागू कि गई थी। लेकिन सरकार अब अपने ही फैसले में उलझती हुई नजर आ रही हैै क्यांेकि इस योजना के लागू होने के बाद से इस नये वित्तिय वर्ष में शासन द्वारा अन्य कृषि या कृषक संबंधी जो योजनाएॅ संचालित कि जाती रही है वह इस बार नहीं आई है। वर्षो से संचालित होने वाली योजनाओं का भी इस वर्ष कोई अता पता नहीं है। हर वर्ष शासन की योजनाएॅ अप्रैल मई तक आ जाती थी औैर जिले वार उन योजनाओं के लक्ष्य कृषि विभाग को दे दिए जाते थे। लेकिन इस वर्ष मई आधा बित जाने के बाद भी कृषि विभाग में कोई योजना नहीं आई ना ही लक्ष्य मिले है।

अकेले मंदसौर जिले में 50 करोड़ का भुगतान
भावांतर योजना में पिछले वर्ष मंदसौर जिले के 44104 किसानों ने पंजीयन करवाए थे। जिनको भावांतर योजना के अंतर्गत 50 करोड़ 45 लाख 18 हजार की राशि वितरित कि गई थी। कहा यह भी जा रहा है कि इसी प्रकार अन्य जिलों में भी बड़ी राशि भावांतर योजना में बांटी गई है जिसके कारण सरकार के पास बजट नहीं बचा इसलिए इस वर्ष अभी तक अन्य कोई कृषि संबंधी योजनाएॅ नहीं आई है।

इस वर्ष 53 हजार किसानों ने करवाया पंजीयन
पिछले वर्ष जहॉ 44104 किसानों ने भावांतर योजना में पंजीयन करवाए थे वही इस वर्ष जिले के 53866 किसानों ने चना, सरसों, प्याज, मसूर, लहसुन में पंजीयन करवाए है। इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस वर्ष भावांतर में बंटने वाली राशि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक ही होगी।

18 जून को आ सकती है खाते में भावांतर की राशि
जानकारी के अनुसार इस वर्ष के पंजीकृत किसानों के खाते में भावांतर की राशि अगले माह 18 जून तक आने की संभावना है। जानकारों के बताया कि सरकार भावांतर में बांटी जाने वाली राशि के बजट में उलझी है इसलिए इस वर्ष अन्य कृषि संबंधी योजनाएॅ अभी तक नहीं आई है।

यह योजनाएॅ, जो इस वर्ष अभी तक नहीं आई
कृषि विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रतिवर्ष कृषि उन्नय हेतु चलाई जाने वाली योजनाओं में अन्नपूर्णा योजना, सूरज धारा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में जिसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र की और 40 प्रतिशत राशि राज्य की होती है। इसी प्रकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना इसमें आधी राशि केन्द्र की तो आधी राशि राज्य सरकार की होती है। हलधर योजना जिसके अंतर्गत किसानों को खेत जोतने के लिए दो हजार रूपये प्रति हैक्टेयर अनुदान दिया जाता है। इसी प्रकार अन्य योजनाएॅ भी जो इस वर्ष अभी तक नहीं आई है। सामन्यतः यह योजनाएॅ वित्तिय वर्ष प्रारंभ होने के तुरंत बाद आ जाती है लेकिन इस वर्ष मई आधा होने के बाद भी कोई योजना नहीं आई है और नाही निकट भविष्य में किसी योजना के आने की संभावना जताई जा रही है।

योजनाएॅ सभी चालू है, देरी हो सकती है
सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कृषि संबंधी अन्य सभी योजनाएॅ यथावत है। भावंातर योजना से उसका कोई लेना देना नहीे है। हो सकता है इस बार देरी हो रही है लेकिन कोई योजना बंद नहीं कि गई है सभी पूर्ववत चालू रहेगी। इस वर्ष भावांतर के पंजीकृत किसानों की राशि भी जून माह में वितरित कर दी जाएगी – भगवानसिंह शक्तावत, जिलाध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा, मंदसौर

भावांतर योजना फैल
भावांतर योजना किसी काम की नहीं है यह पूरी तरह से फैल योजना साबित हो रही है। इससे किसानोें का भला नहीं उलटा नुकसान हो रहा है भावांतर योजना के कारण ही फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे है और इस वर्ष अभी तक अन्य कृषि योजनाएॅ भी नहीं आई है – फकीरचंद गुर्जर, जिलाध्यक्ष, किसान कांग्रेस

अभी तक तो नहीे आई
यह सच है कि कृषि विभाग के माध्यम से संचालित शासन की अन्य योजनाएॅ अभी तक तो नहीं आई है और नाही कोई नोटिफिकेशन आया है। आनलाईन प्रक्रिया होती है लेकिन अभी तक एमपी आनलाईन पर भी योजनाओं से संबंधित कोई जानकारी नहीं है – हेमन्त जोशी, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि कल्याण विभाग, मंदसौर

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