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भावांतर : पंजीयन तो हुआ, लेकिन खरीदी को लेकर अब तक नहीं आया कोई आदेश

मंदसौर. जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2018 में पंजीयन की शनिवार को आखिरी दिन था। इस साल अब तक जिले में करीब सवा लाख किसानों ने इसमें अपनी उपज का पंजीयन कराया। भावांतर पंजीयन में विसंगतियों के कारण पंजीयन की तारीख भी दो बार बढ़ाई गई तो इसमें संशोधन करते हुए किसानों को सुविधा भी प्रदान की गई। इधर जिले में पंजीयन केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई और केंद्र खोलने की प्रक्रिया का भी सरलीकरण किया। पंजीयन में हो रही असुविधा से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा था। ऐसे में चुनावी साल को देखते हुए सरकार ने इसमें संधोशन करते हुए कई बदलाव किए थे। इसके बाद किसानों ने पंजीयन में रुचि दिखाई और अंतिम तिथि आते-आते पंजीकृत किसानों की संख्या पिछले साल की तुलना में अधिक हो गई। अंतिम दिन होने के कारण शनिवार को पंजीयन केंद्रों पर सर्वर पर अधिक लोड होने के कारण पोर्टल भी धीरे काम कर रहा था। पंजीयन के दौर में पूरे समय पंजीयन में किसानों को सबसे अधिक पोर्टल के कारण ही परेशान होना पड़ा। पंजीयन के बाद अब तक विभागों व किसानों में इस बार को लेकर असमंजस बना हुआ कि सरकार कब से खरीदी करेगी और कैसे करेंगी।

पंजीयन हुआ, खरीदी को लेकर नहीं स्थिति स्पष्ट
भावांतर में पंजीयन की प्रक्रिया तो शनिवार को पूरी हो गई। पिछले एक माह से अधिक समय तक चल रही पंजीयन प्रक्रिया के साथ अब फसल कटने के साथ निकलना शुरु हो गई और मंडी में आने की तैयारी में है, लेकिन अब तक भावांतर में खरीदी को लेकर किसी प्रकार के आदेश अब तक नहीं आए है। अब मंडी से लेकिर कृषि व अन्य विभागों के साथ किसान खुद असमजंस्य में है कि उपज की खरीदी कैसे और कब होगी। सभी उपज के पंजीयन हुए है, लेकिन विभागों को अब तक खरीदी को लेकर नया कोई आदेश नहीं मिला है। किन उपज की खरीदी समर्थन में होगी और कौन सी भावांतर में। तथा इनकी खरीदी कब से और कैसे होगी। यह भी नहीं आया है। चुनावी साल में खरीदी को लेकर इस प्रकार की लेटलतीफी किसानों में रोष बढ़ा रही है।

सोयाबीन में सबसे अधिक हुए पंजीयन
खरीफ की फसल पंजीयन के इस दौर में सबसे अधिक किसानों ने सोयाबीन के पंजीयन में रुचि दिखाई है। कुल हुए पंजीयन १ लाख ३ हजार ३१४ में से सोयाबीन के ही ९४ हजार १७० है और मक्का के १० हजार ८४० है तो उड़द के ४३ हजार ११२ है। अन्य सभी उपज में संख्या कम है। हालांकि किसान पंजीयन और उपज की संख्या में ४४८०८ का अंतर आया है। अधिकारियों के अनुसार यह अंतर किसान द्वारा बोई गई अलग-अलग फसल के पंजीयन के कारण आएगा।

अब मंडियों में आएगी उपज
खेतों में फसल अब पकने को है। ऐसे में फसल कटाई का दौर शुरु हो गया है। सोयाबीन से लेकर अन्य उपज की कटाई के बाद फसल उत्पादन निकालने में किसान लगा है। इसके बाद अब मंडियों में नई उपज आना शुरु होगी। दीपावली तक किसान अपनी उपज मंडी में बेचने का काम करेगा। इधर, भावांतर में खरीदी के लिए मंडी प्रशासन भी अपनी तैयारी करने में लगा है।

अभी नहीं आया कोई सक्र्यूलर
खरीफ की फसल को लेकर पंजीयन का काम जिले के ८१ केंद्रों पर हुआ। यहां १ लाख ३ हजार २१४ किसानों का अलग-अलग उपज के लिए पंजीयन हुआ। लेकिन अभी खरीदी कब से होना है कौन सी उपज का समर्थन और कौन सी का भावांतर में खरीदी का काम होगा। इस पर भी कोई निर्देश नहीं आया है।
-ज्योति जैन, जिला आपूर्ति अधिकारी

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